{"_id":"69cd17eb31c1dd983f025730","slug":"aiims-has-issued-instructions-to-submit-quarterly-reports-by-april-10-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-130376-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: एम्स में तिमाही रिपोर्ट 10 अप्रैल तक जमा करने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: एम्स में तिमाही रिपोर्ट 10 अप्रैल तक जमा करने के निर्देश
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपने सभी विभागों और केंद्रों को आदेश दिया है कि वे सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग की तिमाही प्रगति रिपोर्ट समय पर जमा करें। हिंदी अनुभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक की अवधि की रिपोर्ट (भाग-1 और भाग-2) 10 अप्रैल 2026 तक भेजी जानी चाहिए। रिपोर्ट पूरी, साफ और सही जानकारी के साथ तैयार होनी चाहिए। इस रिपोर्ट में सरकारी आदेश, अधिसूचनाएं, प्रेस विज्ञप्तियां, टेंडर नोटिस और संविदाएं हिंदी में जारी की गईं या नहीं, यह बताना होगा। साथ ही, हिंदी में आए पत्रों के जवाब हिंदी में दिए गए या नहीं। इसके अलावा, फाइलों, ई-ऑफिस और नोटिंग पर हिंदी में कितनी टिप्पणियां लिखी गईं।
वरिष्ठ वित्त सलाहकार एवं वरिष्ठ हिंदी अधिकारी पदम सिंह ने चेतावनी दी है कि रिपोर्ट समय पर न भेजने या गलत जानकारी देने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। रिपोर्ट को संकलित कर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राजभाषा विभाग को भेजा जाएगा। इस पत्र को एम्स के 35 प्रमुख विभागों और केंद्रों को भेजा गया है, जिनमें अस्पताल, छात्रावास, सुरक्षा, इंजीनियरी, पुस्तकालय, अनुसंधान, परीक्षा अनुभाग और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी केंद्र जैसे ट्रॉमा सेंटर, कैंसर संस्थान और हृदय केंद्र शामिल हैं।
Trending Videos
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अपने सभी विभागों और केंद्रों को आदेश दिया है कि वे सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग की तिमाही प्रगति रिपोर्ट समय पर जमा करें। हिंदी अनुभाग की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि 1 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक की अवधि की रिपोर्ट (भाग-1 और भाग-2) 10 अप्रैल 2026 तक भेजी जानी चाहिए। रिपोर्ट पूरी, साफ और सही जानकारी के साथ तैयार होनी चाहिए। इस रिपोर्ट में सरकारी आदेश, अधिसूचनाएं, प्रेस विज्ञप्तियां, टेंडर नोटिस और संविदाएं हिंदी में जारी की गईं या नहीं, यह बताना होगा। साथ ही, हिंदी में आए पत्रों के जवाब हिंदी में दिए गए या नहीं। इसके अलावा, फाइलों, ई-ऑफिस और नोटिंग पर हिंदी में कितनी टिप्पणियां लिखी गईं।
वरिष्ठ वित्त सलाहकार एवं वरिष्ठ हिंदी अधिकारी पदम सिंह ने चेतावनी दी है कि रिपोर्ट समय पर न भेजने या गलत जानकारी देने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। रिपोर्ट को संकलित कर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राजभाषा विभाग को भेजा जाएगा। इस पत्र को एम्स के 35 प्रमुख विभागों और केंद्रों को भेजा गया है, जिनमें अस्पताल, छात्रावास, सुरक्षा, इंजीनियरी, पुस्तकालय, अनुसंधान, परीक्षा अनुभाग और विभिन्न सुपर स्पेशियलिटी केंद्र जैसे ट्रॉमा सेंटर, कैंसर संस्थान और हृदय केंद्र शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन