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मैं नहीं, सबसे बड़े विश्वासघाती है अरविंद केजरीवाल : स्वाति मालीवाल
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भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए अपने पूर्व नेता पर बोला चौतरफा हमला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने खुलकर अपनी पूर्व पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी की कार्यशैली, नेतृत्व शैली और राजनीतिक नैतिकता पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को सबसे बड़ा विश्वासघाती करार दिया। प्रदेश भाजपा कार्यालय में स्वाति मालीवाल ने आप नेताओं की ओर से उन्हें विश्वासघाती कहे जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी को विश्वासघाती कहा जाना चाहिए, तो वह नहीं, बल्कि वह अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन खड़ा किया, वही बाद में उन्हीं लोगों के साथ खड़े हो गए, जिन्हें कभी भ्रष्टाचारी बताया था। उनके अनुसार, सिद्धांतों से समझौता करना, जनता को भ्रमित करना और अपने मूल विचारों को छोड़ देना ही वास्तविक विश्वासघात है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी को प्रेस वार्ता की सरकार बताते हुए आरोप लगाया कि वहां शासन कम और दिखावा अधिक होता था। उनके अनुसार, सुबह एक कहानी तैयार की जाती थी और फिर पूरे दिन उसी विषय पर प्रेस वार्ताएं करने के निर्देश दिए जाते थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जमीनी स्तर पर सीमित कार्य किए, लेकिन उसके प्रचार-प्रसार पर भारी धनराशि खर्च की गई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि दो सौ रुपये का काम कर दो सौ करोड़ रुपये का प्रचार करना इस सरकार की पहचान बन गई थी।
मालीवाल ने पार्टी के आंतरिक माहौल पर भी गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में विधायकों और मंत्रियों से ऐसे कार्य कराए जाते थे, जो नैतिक रूप से उचित नहीं थे। इसी कारण उन्होंने कभी विधायक या मंत्री बनने की इच्छा नहीं जताई, जबकि उन पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर तानाशाही का वातावरण है और केजरीवाल का व्यवहार कठोर, असहिष्णु और एकाधिकारवादी है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली का बुरा हाल कर दिया है और अब वही स्थिति पंजाब में भी दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, दिल्ली में अस्वीकार किए गए नेता अब पंजाब में शासन चला रहे हैं, जिससे वहां भी भ्रष्टाचार और अव्यवस्था बढ़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार में ऐसे लोग प्रभावशाली पदों पर हैं, जिन पर महिलाओं के शोषण के आरोप हैं।
महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए मालीवाल ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें इस विधेयक का विरोध करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े किसी भी कानून का विरोध नहीं करने का निर्णय ले लिया था और उसी क्षण उन्होंने तय कर लिया था कि अब इस पार्टी में नहीं रहना है।
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नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद पहली बार मीडिया से रूबरू होते हुए राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने खुलकर अपनी पूर्व पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी की कार्यशैली, नेतृत्व शैली और राजनीतिक नैतिकता पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल को सबसे बड़ा विश्वासघाती करार दिया। प्रदेश भाजपा कार्यालय में स्वाति मालीवाल ने आप नेताओं की ओर से उन्हें विश्वासघाती कहे जाने पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी को विश्वासघाती कहा जाना चाहिए, तो वह नहीं, बल्कि वह अरविंद केजरीवाल हैं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध आंदोलन खड़ा किया, वही बाद में उन्हीं लोगों के साथ खड़े हो गए, जिन्हें कभी भ्रष्टाचारी बताया था। उनके अनुसार, सिद्धांतों से समझौता करना, जनता को भ्रमित करना और अपने मूल विचारों को छोड़ देना ही वास्तविक विश्वासघात है।
उन्होंने आम आदमी पार्टी को प्रेस वार्ता की सरकार बताते हुए आरोप लगाया कि वहां शासन कम और दिखावा अधिक होता था। उनके अनुसार, सुबह एक कहानी तैयार की जाती थी और फिर पूरे दिन उसी विषय पर प्रेस वार्ताएं करने के निर्देश दिए जाते थे। उन्होंने कहा कि सरकार ने जमीनी स्तर पर सीमित कार्य किए, लेकिन उसके प्रचार-प्रसार पर भारी धनराशि खर्च की गई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि दो सौ रुपये का काम कर दो सौ करोड़ रुपये का प्रचार करना इस सरकार की पहचान बन गई थी।
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मालीवाल ने पार्टी के आंतरिक माहौल पर भी गंभीर प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी में विधायकों और मंत्रियों से ऐसे कार्य कराए जाते थे, जो नैतिक रूप से उचित नहीं थे। इसी कारण उन्होंने कभी विधायक या मंत्री बनने की इच्छा नहीं जताई, जबकि उन पर चुनाव लड़ने का दबाव बनाया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर तानाशाही का वातावरण है और केजरीवाल का व्यवहार कठोर, असहिष्णु और एकाधिकारवादी है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने दिल्ली का बुरा हाल कर दिया है और अब वही स्थिति पंजाब में भी दिखाई दे रही है। उनके अनुसार, दिल्ली में अस्वीकार किए गए नेता अब पंजाब में शासन चला रहे हैं, जिससे वहां भी भ्रष्टाचार और अव्यवस्था बढ़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब सरकार में ऐसे लोग प्रभावशाली पदों पर हैं, जिन पर महिलाओं के शोषण के आरोप हैं।
महिला आरक्षण से जुड़े नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए मालीवाल ने एक महत्वपूर्ण खुलासा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उन्हें इस विधेयक का विरोध करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्होंने महिलाओं के अधिकारों से जुड़े किसी भी कानून का विरोध नहीं करने का निर्णय ले लिया था और उसी क्षण उन्होंने तय कर लिया था कि अब इस पार्टी में नहीं रहना है।