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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने अर्जुन कपूर के व्यक्तित्व अधिकारों को दी सुरक्षा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर के व्यक्तित्व अधिकारों को संरक्षण प्रदान करते हुए तीसरे पक्षों द्वारा उनके नाम, आवाज, छवि, समानता और अन्य विशेषताओं के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने 29 अप्रैल को अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि अर्जुन कपूर ने फिल्म जगत में खुद के लिए एक अनोखी जगह बनाई है। इसलिए उनके नाम, आवाज, छवि, फोटोग्राफ, यूनिक पर्सोना और सिग्नेचर का किसी भी प्रकार के शोषण से संरक्षण आवश्यक है।अदालत ने अर्जुन कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि अवैध सामग्री को तुरंत हटा दिया जाए। याचिका में पेश किए गए बड़ी संख्या में स्क्रीनशॉट्स को देखते हुए अदालत ने प्रथम दृष्टया व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन माना। इनमें विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का उपयोग कर बनाई गई सामग्री शामिल है, जिसका उद्देश्य अवैध वित्तीय लाभ कमाना था। अदालत ने इम्पर्सनेशन, मर्चेंडाइज की बिक्री, डीपफेक वीडियो और अश्लील कंटेंट बनाने जैसे दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अर्जुन कपूर की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उनके क्लाइंट की छवि का गलत इस्तेमाल हो रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
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नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर के व्यक्तित्व अधिकारों को संरक्षण प्रदान करते हुए तीसरे पक्षों द्वारा उनके नाम, आवाज, छवि, समानता और अन्य विशेषताओं के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला ने 29 अप्रैल को अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि अर्जुन कपूर ने फिल्म जगत में खुद के लिए एक अनोखी जगह बनाई है। इसलिए उनके नाम, आवाज, छवि, फोटोग्राफ, यूनिक पर्सोना और सिग्नेचर का किसी भी प्रकार के शोषण से संरक्षण आवश्यक है।अदालत ने अर्जुन कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिया कि अवैध सामग्री को तुरंत हटा दिया जाए। याचिका में पेश किए गए बड़ी संख्या में स्क्रीनशॉट्स को देखते हुए अदालत ने प्रथम दृष्टया व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन माना। इनमें विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) टूल्स का उपयोग कर बनाई गई सामग्री शामिल है, जिसका उद्देश्य अवैध वित्तीय लाभ कमाना था। अदालत ने इम्पर्सनेशन, मर्चेंडाइज की बिक्री, डीपफेक वीडियो और अश्लील कंटेंट बनाने जैसे दुरुपयोग पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अर्जुन कपूर की ओर से पेश वकीलों ने तर्क दिया कि सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उनके क्लाइंट की छवि का गलत इस्तेमाल हो रहा है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है और आर्थिक शोषण किया जा रहा है।