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Delhi NCR News: एम्स में साइटोपैथोलॉजी रिपोर्ट की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
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-मरीजों को विभाग के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने मरीजों और डॉक्टरों की सुविधा के लिए साइटोपैथोलॉजी जांच रिपोर्ट की प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का फैसला किया है। अब साइटोपैथोलॉजी सैंपल की एंट्री, रिपोर्ट और स्टेटस की जानकारी ई-हॉस्पिटल सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध होगी। एम्स के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वेंकटेश्वरन के अय्यर के अनुसार, साइटोपैथोलॉजी लैब को लेबोरेटरी इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एलआईएस) में शामिल किया जा रहा है। इससे यह प्रक्रिया हिस्टोपैथोलॉजी जांच की तरह ऑनलाइन हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टर ई-हॉस्पिटल पोर्टल के जरिये साइटोपैथोलॉजी जांच के लिए ऑर्डर दर्ज कर सकेंगे और तैयार रिपोर्ट की पीडीएफ भी ऑनलाइन देख सकेंगे। साथ ही, लंबित मामलों की स्थिति भी एम्स इंट्रानेट पर उपलब्ध होगी। डॉक्टर यह देख सकेंगे कि मरीज का सैंपल प्राप्त हो गया है, जांच प्रक्रिया में है या रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। यह सुविधा सभी तरह की साइटोपैथोलॉजी जांचों पर लागू होगी। इसमें अस्पताल में भर्ती मरीजों (आईपीडी, ओपीडी मरीजों, एस्पिरेट और फ्लूड सैंपल सहित अन्य प्रक्रियाओं से लिए गए नमूने शामिल हैं।
एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बारकोड स्टिकर वाले अनुरोध फॉर्म के बिना कोई भी साइटोपैथोलॉजी सैंपल स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, जिन मरीजों की जांच के लिए ईएचआईएस के माध्यम से ऑर्डर किया गया है, उन्हें रिपोर्ट लेने या जांच की स्थिति जानने के लिए पैथोलॉजी विभाग भेजने की जरूरत नहीं होगी। डिस्चार्ज समरी में भी मरीजों को साइटोपैथोलॉजी रिपोर्ट लेने के लिए पैथोलॉजी विभाग जाने की सलाह नहीं दी जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली ने मरीजों और डॉक्टरों की सुविधा के लिए साइटोपैथोलॉजी जांच रिपोर्ट की प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का फैसला किया है। अब साइटोपैथोलॉजी सैंपल की एंट्री, रिपोर्ट और स्टेटस की जानकारी ई-हॉस्पिटल सिस्टम के माध्यम से उपलब्ध होगी। एम्स के पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वेंकटेश्वरन के अय्यर के अनुसार, साइटोपैथोलॉजी लैब को लेबोरेटरी इन्फॉर्मेशन सिस्टम (एलआईएस) में शामिल किया जा रहा है। इससे यह प्रक्रिया हिस्टोपैथोलॉजी जांच की तरह ऑनलाइन हो जाएगी।
नई व्यवस्था के तहत डॉक्टर ई-हॉस्पिटल पोर्टल के जरिये साइटोपैथोलॉजी जांच के लिए ऑर्डर दर्ज कर सकेंगे और तैयार रिपोर्ट की पीडीएफ भी ऑनलाइन देख सकेंगे। साथ ही, लंबित मामलों की स्थिति भी एम्स इंट्रानेट पर उपलब्ध होगी। डॉक्टर यह देख सकेंगे कि मरीज का सैंपल प्राप्त हो गया है, जांच प्रक्रिया में है या रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। यह सुविधा सभी तरह की साइटोपैथोलॉजी जांचों पर लागू होगी। इसमें अस्पताल में भर्ती मरीजों (आईपीडी, ओपीडी मरीजों, एस्पिरेट और फ्लूड सैंपल सहित अन्य प्रक्रियाओं से लिए गए नमूने शामिल हैं।
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एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बारकोड स्टिकर वाले अनुरोध फॉर्म के बिना कोई भी साइटोपैथोलॉजी सैंपल स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, जिन मरीजों की जांच के लिए ईएचआईएस के माध्यम से ऑर्डर किया गया है, उन्हें रिपोर्ट लेने या जांच की स्थिति जानने के लिए पैथोलॉजी विभाग भेजने की जरूरत नहीं होगी। डिस्चार्ज समरी में भी मरीजों को साइटोपैथोलॉजी रिपोर्ट लेने के लिए पैथोलॉजी विभाग जाने की सलाह नहीं दी जाएगी।
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