दिल्ली वासियों के लिए बड़ी राहत: होली-दिवाली पर मिलेगा मुफ्त गैस सिलेंडर, सीधे खाते में आएंगे 853 रुपये
दिल्ली सरकार का यह फैसला न सिर्फ गरीब और निम्न मध्यम वर्ग को महंगाई से राहत देगा, बल्कि त्योहारों के मौके पर उनके घरों में खुशियों का उजाला भी लाएगा।
विस्तार
सरकार के गठन के साल भर के भीतर दिल्ली की भाजपा सरकार ने अपने अहम चुनावी वायदे को पूरा किया है। सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत देते हुए होली व दिवाली पर मुफ्त सिलिंडर की योजना का मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में मंगलवार इसका फैसला लिया गया। इस बार होली से सभी राशनकार्ड धारक परिवारों को साल में दो बार एलपीजी सिलिंडर के बराबर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
डीबीटी के जरिए आएगा पैसा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता बताया कि योजना के तहत सिलिंडर की निर्धारित राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से सीधे परिवार के मुखिया के आधार-सीडेड बैंक खाते में भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला दिल्ली सरकार की लक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह कल्याण नीति का हिस्सा है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बिना किसी बिचौलिये के सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यह योजना भाजपा के संकल्प पत्र का हिस्सा थी और सरकार चरणबद्ध तरीके से अपने सभी वादों को जमीन पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ घोषणा नहीं, बल्कि सुशासन की नीयत और क्रियान्वयन की क्षमता का प्रमाण है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
योजना के तहत दिल्ली के सभी राशनकार्ड धारक परिवार लाभान्वित होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह योजना सार्वभौमिक होगी और एलपीजी या पीएनजी का उपयोग करने वाले सभी राशनकार्ड धारकों पर समान रूप से लागू होगी। सहायता राशि होली और दिवाली पर दी जाएगी, भले ही उस महीने सिलिंडर की रिफिलिंग कराई गई हो या नहीं।
आर्थिक सहायता का स्वरूप
दिल्ली में वर्तमान में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये प्रति सिलिंडर है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थियों को केंद्र सरकार की 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी को समायोजित करने के बाद 553 रुपये प्रति सिलेंडर की सहायता दी जाएगी। वहीं, गैर-उज्ज्वला राशन कार्ड धारक परिवारों को पूरे 853 रुपये प्रति सिलिंडर की आर्थिक सहायता मिलेगी।
242 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक व्यय
दिल्ली सरकार के अनुसार, इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 242.77 करोड़ रुपये होगा। एलपीजी कीमतों, केंद्र सरकार की सब्सिडी और लाभार्थियों की संख्या में बदलाव के अनुसार इस राशि में समायोजन किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए स्पष्ट बजटीय प्रावधान सुनिश्चित किए हैं।
गरिमा और राहत की पहल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि त्योहारों के समय गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की गरिमा और राहत सुनिश्चित करने का माध्यम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना ने देश की करोड़ों महिलाओं को स्वच्छ ईंधन, बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन दिया है और दिल्ली सरकार की यह पहल उसी सोच का विस्तार है।
