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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशल सिंह को मानहानि मामले में दी अंतरिम राहत
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आरोपों वाली इंस्टाग्राम पोस्ट हटाने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशल सिंह को मानहानि मामले में अंतरिम राहत दी है। अदालत ने इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। इन पोस्ट में कुशल सिंह पर यौन उत्पीड़न और यौन दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाए गए थे।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की अदालत ने संबंधित व्यक्ति को निर्देश दिया है। उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट या किसी अन्य नियंत्रित अकाउंट से ऐसी सभी पोस्ट, रील्स, स्टोरी हाइलाइट्स, कैप्शन और कमेंट्स तुरंत हटाने होंगे। यदि संबंधित व्यक्ति पोस्ट हटाने में विफल रहता है, तो कुशल सिंह इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा से संपर्क कर सकते हैं। मेटा को अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
यह मामला कुशल सिंह द्वारा दायर मानहानि याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जुलाई 2026 से इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ लगातार पोस्ट साझा की जा रही थीं। इन पोस्ट से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था। कुशल सिंह ने अदालत में कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत और मानहानिकारक हैं। उन्होंने दावा किया कि इन पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा, जिससे उनकी पेशेवर छवि प्रभावित हुई।
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अदालत ने मामले में प्रतिवादियों को समन जारी किए हैं। उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली प्रक्रिया 17 सितंबर को जॉइंट रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष होगी। अंतरिम आवेदन और मुख्य मामले पर अगली सुनवाई 13 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है।
वकील की दलीलें और अदालत का आदेश
सुनवाई के दौरान खिलाड़ी के वकील ने अदालत को बताया। सोशल मीडिया पर लगातार नई पोस्ट और रील्स डालकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही थी। पोस्ट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए फॉलोअर्स को टैग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए दस्तावेज को देखने के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पेशेवर बास्केटबॉल खिलाड़ी कुशल सिंह को मानहानि मामले में अंतरिम राहत दी है। अदालत ने इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। इन पोस्ट में कुशल सिंह पर यौन उत्पीड़न और यौन दुर्व्यवहार जैसे आरोप लगाए गए थे।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की अदालत ने संबंधित व्यक्ति को निर्देश दिया है। उसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट या किसी अन्य नियंत्रित अकाउंट से ऐसी सभी पोस्ट, रील्स, स्टोरी हाइलाइट्स, कैप्शन और कमेंट्स तुरंत हटाने होंगे। यदि संबंधित व्यक्ति पोस्ट हटाने में विफल रहता है, तो कुशल सिंह इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा से संपर्क कर सकते हैं। मेटा को अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
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यह मामला कुशल सिंह द्वारा दायर मानहानि याचिका से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि जुलाई 2026 से इंस्टाग्राम पर उनके खिलाफ लगातार पोस्ट साझा की जा रही थीं। इन पोस्ट से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा था। कुशल सिंह ने अदालत में कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत और मानहानिकारक हैं। उन्होंने दावा किया कि इन पोस्ट को बड़ी संख्या में लोगों ने देखा, जिससे उनकी पेशेवर छवि प्रभावित हुई।
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अदालत ने मामले में प्रतिवादियों को समन जारी किए हैं। उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। मामले की अगली प्रक्रिया 17 सितंबर को जॉइंट रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष होगी। अंतरिम आवेदन और मुख्य मामले पर अगली सुनवाई 13 जनवरी 2027 को निर्धारित की गई है।
वकील की दलीलें और अदालत का आदेश
सुनवाई के दौरान खिलाड़ी के वकील ने अदालत को बताया। सोशल मीडिया पर लगातार नई पोस्ट और रील्स डालकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही थी। पोस्ट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए फॉलोअर्स को टैग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया था। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए दस्तावेज को देखने के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया।