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Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने लापता व्यक्तियों की बढ़ती संख्या पर केंद्र, दिल्ली सरकार और पुलिस से मांगा जवाब

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 09:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में लापता व्यक्तियों की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर दायर एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने पूछा कि क्या इस तरह की कोई याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। अदालत ने मामले को 18 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।


एनजीओ फ्रीडम रिक्लेम्ड द्वारा दायर याचिका में दिल्ली में संकट की बात कही गई है। याचिका में दावा है कि 2026 के पहले 15 दिनों (1 से 15 जनवरी) में 800 से अधिक लोग लापता हुए हैं। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि यह औसतन प्रतिदिन 54 लोगों के लापता होने की दर है। याचिका में दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर प्रकाशित आंकड़ों का हवाला दिया गया है, जिसमें 2016 से 15 जनवरी 2026 तक दिल्ली में कुल 2,32,737 लापता व्यक्तियों की रिपोर्ट दर्ज हुई, जिनमें से 52,326 अभी भी अनट्रेस्ड हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि सरकारी पक्षों द्वारा समयबद्ध, तकनीकी रूप से संचालित जांच प्रोटोकॉल लागू न करने से ऐसे अपराध पनप रहे हैं। अदालत ने इससे पहले याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने की मांग खारिज कर दी और कहा, इसे दाखिल कीजिए, यह स्वतः सूचीबद्ध (ऑटो-लिस्टेड) हो जाएगा। मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी स्वत: संज्ञान लिया था और दिल्ली सरकार तथा दिल्ली पुलिस से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी।
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