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Om Prakash Chautala: दिल्ली हाईकोर्ट ने ओपी चौटाला की सजा पर लगाई रोक, मिली थी चार साल कैद

Wed, 03 Aug 2022 06:30 PM IST
अनुराग सक्सेना एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: अनुराग सक्सेना Updated Wed, 03 Aug 2022 06:30 PM IST
सार

इससे पहले चौटाला ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें मिली चार साल कारावास की सजा को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 मई को सजा सुनाते हुए उन पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

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Delhi High Court suspends sentence of OP Chautala was imprisoned for four years
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओपी चौटाला (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को राहत प्रदान करते हुए उनको मिली चार वर्ष की सजा को अपील के निपटारे तक निलंबित कर दिया।

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न्यायमूर्ति योगेश खन्ना ने अपने एक अगस्त के फैसले में कहा कि चौटाला को निचली अदालत द्वारा उन पर लगाए गए 50 लाख रुपये के जुर्माने और इतनी ही राशि की एक जमानत राशि के साथ 5 लाख रुपये के निजी मुचलके का भुगतान करने की शर्त पर जेल से रिहा किया जाएगा।
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अदालत ने कहा कि चौटाला 88 साल के हैं और उन्होंने जमानत बांड भरने के बावजूद जमानत पर रिहा हुए बिना एक साल छह महीने से अधिक समय तक हिरासत में बिताया है। अदालत ने कहा चूंकि मामले में दोष सिद्धि के खिलाफ उनकी अपील में समय लगेगा इसलिए उनकी सजा को याचिका के लंबित रहने तक निलंबित किया जाना चाहिए।

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अदालत ने चौटाला को अदालत की इजाजत के बिना विदेश जाने पर रोक लगा दी है। चौटाला को निचली अदालत ने मई 2022 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13 (1) (ई) के साथ पठित 13 (2) के तहत अपराध के लिए दोषी ठहराया था। अदालत ने चौटाला को चार वर्ष कैद की सजा के अलावा उन पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।

चौटाला के खिलाफ 2005 में सीबीआई द्वारा मामला दर्ज किया गया था और 26 मार्च, 2010 में आरोप पत्र दायर किया गया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 1993 से 2006 के बीच 6.09 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी वैध आय से बहुत अधिक है।

चोटाला ने सजा के खिलाफ अपील के अलावा जेल में काटी गई अवधि को आधार बनाते हुए अपनी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका भी दायर की थी।

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