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Delhi NCR News: दिल्ली अब सिर्फ ठहराव नहीं, पर्यटन का पूरा पैकेज
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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने चार नए आध्यात्मिक-हेरिटेज सर्किट किए लॉन्च, राजधानी के पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली को देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए महज ठहराव की जगह के बजाय पूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अक्षरधाम मंदिर में आयोजित स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज टूरिज्म कॉन्क्लेव-2026 में चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट का शुभारंभ किया। सम्मेलन की थीम दिल्ली : द कैपिटल ऑफ स्पिरिचुअलिटी, हेरिटेज एंड एक्सपीरियंसेज रही। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को केवल लाल किला, पुराना किला और हुमायूं का मकबरा जैसे चुनिंदा स्मारकों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। राजधानी में मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद, बौद्ध और जैन धार्मिक स्थलों के साथ समृद्ध सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत मौजूद है। सरकार का लक्ष्य पर्यटकों के दिल्ली में ठहराव की अवधि बढ़ाना और उन्हें यहां की आध्यात्मिकता, इतिहास, वास्तुकला, खान-पान और विविध संस्कृतियों का अनुभव कराना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की विविधता का जीवंत प्रतिबिंब है। यहां अलग-अलग राज्यों के लोग अपनी परंपराओं और त्योहारों के साथ रहते हैं। ऐसे में आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देकर दिल्ली को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
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चार सर्किट में जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल
पहला सर्किट
द सोल ऑफ दिल्ली : इसमें गुरुद्वारा बंगला साहिब, सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, अग्रसेन की बावली, लोटस टेंपल और अक्षरधाम को शामिल किया गया है।
दूसरा सर्किट
द हेरिटेज ऑफ दिल्ली : बिड़ला मंदिर, झंडेवालान माता मंदिर, जंतर-मंतर, योगमाया मंदिर और जगन्नाथ मंदिर को जोड़ता है।
तीसरा सर्किट
दिल्ली की सेक्रेड हार्मनी : इसमें प्राचीन हनुमान मंदिर, दिगंबर जैन लाल मंदिर, अंबेडकर मेमोरियल, पुराना किला और हजरत निजामुद्दीन को शामिल किया गया है।
चौथा सर्किट
एकोज ऑफ दिल्ली : इसमें गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, बुद्धिस्ट टेंपल, चर्च ऑफ रिडेम्पशन, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, छतरपुर मंदिर और लिंगा भैरवी सन्निधानम को जोड़ा गया है।
पर्यटकों का बदलेगा अनुभव, बढ़ेगी कमाई
चारों सर्किट के जरिए सरकार का उद्देश्य पर्यटकों को दिल्ली के पर्यटन का समग्र अनुभव कराना है। इसमें इतिहास के साथ धार्मिक स्थलों, वास्तुकला और खान-पान को भी पर्यटन अनुभव से जोड़ा जाएगा। इससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ उनके दिल्ली में ठहराव की अवधि बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ होटल, रेस्तरां और टूर ऑपरेटरों को मिलेगा। साथ ही स्थानीय गाइड, कलाकारों और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली को देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए महज ठहराव की जगह के बजाय पूर्ण पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को अक्षरधाम मंदिर में आयोजित स्पिरिचुअल एंड हेरिटेज टूरिज्म कॉन्क्लेव-2026 में चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट का शुभारंभ किया। सम्मेलन की थीम दिल्ली : द कैपिटल ऑफ स्पिरिचुअलिटी, हेरिटेज एंड एक्सपीरियंसेज रही। आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को केवल लाल किला, पुराना किला और हुमायूं का मकबरा जैसे चुनिंदा स्मारकों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। राजधानी में मंदिर, गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद, बौद्ध और जैन धार्मिक स्थलों के साथ समृद्ध सांस्कृतिक व ऐतिहासिक विरासत मौजूद है। सरकार का लक्ष्य पर्यटकों के दिल्ली में ठहराव की अवधि बढ़ाना और उन्हें यहां की आध्यात्मिकता, इतिहास, वास्तुकला, खान-पान और विविध संस्कृतियों का अनुभव कराना है।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली देश की विविधता का जीवंत प्रतिबिंब है। यहां अलग-अलग राज्यों के लोग अपनी परंपराओं और त्योहारों के साथ रहते हैं। ऐसे में आध्यात्मिक और विरासत पर्यटन को बढ़ावा देकर दिल्ली को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की व्यापक संभावनाएं हैं।
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चार सर्किट में जुड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल
पहला सर्किट
द सोल ऑफ दिल्ली : इसमें गुरुद्वारा बंगला साहिब, सेक्रेड हार्ट कैथेड्रल, अग्रसेन की बावली, लोटस टेंपल और अक्षरधाम को शामिल किया गया है।
दूसरा सर्किट
द हेरिटेज ऑफ दिल्ली : बिड़ला मंदिर, झंडेवालान माता मंदिर, जंतर-मंतर, योगमाया मंदिर और जगन्नाथ मंदिर को जोड़ता है।
तीसरा सर्किट
दिल्ली की सेक्रेड हार्मनी : इसमें प्राचीन हनुमान मंदिर, दिगंबर जैन लाल मंदिर, अंबेडकर मेमोरियल, पुराना किला और हजरत निजामुद्दीन को शामिल किया गया है।
चौथा सर्किट
एकोज ऑफ दिल्ली : इसमें गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब, बुद्धिस्ट टेंपल, चर्च ऑफ रिडेम्पशन, महरौली आर्कियोलॉजिकल पार्क, छतरपुर मंदिर और लिंगा भैरवी सन्निधानम को जोड़ा गया है।
पर्यटकों का बदलेगा अनुभव, बढ़ेगी कमाई
चारों सर्किट के जरिए सरकार का उद्देश्य पर्यटकों को दिल्ली के पर्यटन का समग्र अनुभव कराना है। इसमें इतिहास के साथ धार्मिक स्थलों, वास्तुकला और खान-पान को भी पर्यटन अनुभव से जोड़ा जाएगा। इससे घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ उनके दिल्ली में ठहराव की अवधि बढ़ने की उम्मीद है। इसका सीधा लाभ होटल, रेस्तरां और टूर ऑपरेटरों को मिलेगा। साथ ही स्थानीय गाइड, कलाकारों और पर्यटन से जुड़े अन्य लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।