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आईवीपी के भाजपा में विलय से पार्टी में असंतोष: कार्यकर्ता बोले- जिसके खिलाफ चलाया अभियान उसे ही कर लिया शामिल

Sat, 11 Jul 2026 06:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 11 Jul 2026 06:16 AM IST
सार

कार्यकर्ता बोले- जिस मुकेश गोयल का स्टिंग ऑपरेशन कर भाजपा ने चुनावी मुद्दा बनाया, उन्हें पार्टी में शामिल करने से गलत संदेश जाएगा।

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Delhi Politics: IVP merger with BJP sparks discontent within the party
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा एवं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में इन्द्रप्रस्थ विकास पार्टी का भारतीय जनता पार्टी में विलय हुआ। आई.वी.पी. के सभी 16 पार्षद भाजपा में शामिल हुए। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आम आदमी पार्टी से अलग होकर बनी इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी (आईवीपी) के विलय से भाजपाइयों में असंतोष है। मुकेश गोयल समेत 16 पार्षद के पार्टी में शामिल होने से कुछ भाजपाइयों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि जिन नेताओं को लेकर पार्टी ने कभी चुनावी अभियान चलाया था, आज उन्हें ही संगठन में शामिल करने से कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश गया है।

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भाजपा ने साल 2022 के नगर निगम चुनाव में मुकेश के कथित स्टिंग ऑपरेशन को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया था। उस समय भाजपा नेताओं ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। अब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा की मौजूदगी में पार्टी में उनके स्वागत से कई पुराने कार्यकर्ता असहज हैं। वहीं उनकी एक अन्य चिंता अगले वर्ष होने वाले नगर निगम चुनाव को लेकर भी है। संगठन के कई नेताओं का मानना है कि भाजपा के लिए वर्षों से काम कर रहे कार्यकर्ताओं की जगह अब नए शामिल हुए पार्षद टिकट के दावेदार बनेंगे। इस कारण लंबे समय से अपने-अपने वार्डों में संगठन को मजबूत करने में जुटे नेता और कार्यकर्ता चुनाव लड़ने से वंचित रह जाएंगे।
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कुछ नेताओं का यह भी तर्क है कि आईवीपी पहले से ही नगर निगम में भाजपा का समर्थन कर रही थी। महापौर चुनाव से लेकर वार्ड समितियों के चुनाव तक भाजपा को उसका सहयोग मिलता रहा। ऐसे में औपचारिक विलय की राजनीतिक आवश्यकता क्या थी, इसको लेकर भी पार्टी के भीतर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना है कि समर्थन पहले से मिलने के बावजूद विलय कराकर पार्टी ने अनावश्यक रूप से नए टिकट दावेदार खड़े कर लिए हैं। हालांकि भाजपा नेतृत्व इस फैसले को संगठन के विस्तार और एमसीडी में मजबूती के तौर पर पेश कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इंद्रप्रस्थ विकास पार्टी का भाजपा में विलय विकास के एजेंडे से प्रेरित है और इससे संबंधित
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वार्डों की जनता को सरकार की 
योजनाओं का अधिक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी शामिल हुए सभी पार्षदों और कार्यकर्ताओं को पार्टी में सम्मान और पूरा अवसर देने का भरोसा दिलाया। इस तरह इस विलय से भाजपा को निगम में संख्याबल का लाभ अवश्य मिलेगा, लेकिन संगठन के भीतर उठ रहे असंतोष को समय रहते दूर करना भी नेतृत्व के लिए चुनौती होगा। खासकर तब, जब अगले वर्ष नगर निगम चुनाव में टिकट वितरण को लेकर प्रतिस्पर्धा और बढ़ने की संभावना है।

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