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LPG Crisis Delhi: सिलिंडर संकट के बीच शादियों के मेन्यू पर चली कैंची, अफवाहों की आग में तप रहा 'काला बाजार'
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 13 Mar 2026 02:03 AM IST
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सार
कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले जहां शादी में 20 से 25 तरह के व्यंजन तैयार किए जाते थे, अब इसमें 30 से 40 फीसदी तक कटौती की जा रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
शहर में एलपीजी और कमर्शियल रसोई गैस की कमी का असर शादियों और बड़े समारोह में दिखने लगा है। गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण लोगों ने खाने के आइटम में कटौती करनी शुरू कर दी है। कैटरिंग कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले जहां शादी में 20 से 25 तरह के व्यंजन तैयार किए जाते थे, अब इसमें 30 से 40 फीसदी तक कटौती की जा रही है।
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कई परिवार केवल मेनकोर्स का ही ऑर्डर दे रहे हैं तो अधिकतर ने स्टार्टर, मिठाई और कई तरह के स्नैक्स को भी सीमित कर दिया है या मेन्यू से हटा ही दिया है। कैटरिंग संचालक राजेश कुमार ने बताया कि गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिलने से खाना बनाने में दिक्कत आ रही है और कई बार वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर अन्य ईंधन का सहारा लेना पड़ता है, जिससे लागत बढ़ रही है। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है।
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चाय और फास्टफूड विक्रेता सबसे ज्यादा परेशान
कमर्शियल गैस सिलिंडर की कमी से सबसे ज्यादा छोटे कारोबारी, ढाबे, रेस्टोरेंट, फास्टफूड और चाय की दुकान चलाने वाले दुकानदार सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। पांच दिन से कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिलने से दुकान बंद करने की आशंका से डरे कई दुकानदार मजबूरी में अपने घरों से घरेलू सिलेंडर लाकर काम चला रहे हैं। चाय विक्रेता रमेश यादव, फास्टफूड विक्रेता मनोज कुमार ने बताया कि जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो दुकान बंद करनी पड़ेगी। घर का सिलिंडर भी कब तक चलेगा।
सिलेंडर की आस में बीत रही रात, लोग दफ्तर से ले रहे अवकाश
गैस सिलिंडर की किल्लत के कारण लोग इस कदर परेशान हैं कि कई लोग एजेंसी और वितरण केंद्रों के बाहर तड़के पहुंच जा रहे हैं ताकि एजेंसी खुलने पर उनका नंंबर आ जाए। इस चक्कर में कई लोगों को अपने दफ्तर और काम-धंधों से भी अवकाश लेना पड़ रहा है। हालांकि इसके बावजूद कई लोगों को खाली सिलिंडर लेकर ही लौटना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि नियमित आपूर्ति नहीं होने से काफी दिक्कत हो रही हैं। प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की जा रही है। निजी अस्पताल में काम करने वाले नजफगढ़ की तुड़ा मंडी निवासी प्रमोद ने बताया कि वह किराये पर रहते हैं। सुबह अस्पताल के लिए जल्दी निकलना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने एक सप्ताह पहले बुकिंग कराई थी, लेकिन सिलिंडर अभी तक नहीं मिला है। बृहस्पतिवार सुबह सिलिंडर खत्म हो गया तो मजबूर पड़ोसियों से सहायता मांगनी पड़ी। अब उन्हें सिलिंडर देना है इसलिए शुक्रवार का अवकाश लिया है ताकि गैस भरा सकें।
सुबह 6 बजे से एजेंसी के बाहर लग रही लाइन
उपभोक्ता सुबह छह बजे गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखाई दे रहे हैं। ऐसा नजारा बृहस्पतिवार सुबह नजफगढ़, बुद्ध नगर, शक्ति नगर, सागरपुर, रमेश पार्क, कोंडली, मुल्ला कॉलोनी, राजबीर कॉलोनी, गीता कॉलोनी, त्रिलोकपुरी, चिल्ला गांव, खिचड़ीपुर और गाजीपुर समेत दिल्ली के अन्य इलाकों में देखने को मिला।
आठ हजार बुकिंग पेंडिंग
खजूरी में रहने वाली एक महिला ने बताया कि दस दिन पहले गैस बुक की थी। डिलीवरी बॉय फोन नहीं उठा रहा है। एजेंसी में फोन किया तो जवाब मिला आठ हजार बुकिंग पेंडिंग हैं। धीरे-धीरे सप्लाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि गैस एजेंसियों पर वह लोग लाइनों में लग रहे हैं, जिन्होंने बुकिंग की हुई है। सिलिंडर घर नहीं आने पर इस डर से खुद लेने एजेंसी आ रहे है कि उनका सिलिंडर डिलीवरी बॉय ब्लैक न कर दें।
तीन दिनों में 25 फीसदी बढ़ी ईंधन की मांग
राजधानी में एलपीजी के बाद पेट्रोल और सीएनजी की कमी को लेकर लोग आशंकित हैं। इसका असर पेट्रोल पंपों और सीएनजी स्टेशनों पर दिखाई देने लगा है। ईंधन आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच राजधानी के कई इलाकों में पंपों पर वाहनों की लंबी कतार लग रही हैं। सीएनजी स्टेशनों पर ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों की भीड़ बढ़ गई है। हालांकि पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल पंपों पर लोगों की मांग के अनुसार पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है।
आरके पुरम, मुनिरका, वसंत गांव, हौज खास, दिल्ली कैंट, भीकाजी कामा और मयूर विहार समेत कई इलाकों में सुबह से ही सीएनजी पंपों पर लंबी कतार देखने को मिली। वाहन चालकों को अपनी बारी के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई जगहों पर ऑटो और टैक्सी चालकों की लाइनें सड़क तक नजर आईं। बाइक चालक परवेज ने बताया कि जब एलपीजी गैस नहीं है, तो सीएनजी कहां से आएगी। कार चालक विकेश ने बताया कि पालम में दो-तीन पंपों पर सीएनजी नहीं मिल रही है।
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ी चिंता
सीएनजी की कमी को लेकर सबसे ज्यादा चिंता ऑटो और टैक्सी चालकों में देखने को मिल रही है। ऑटो चालकों के मुताबिक, उनका पूरा काम सीएनजी पर निर्भर है और अगर आपूर्ति प्रभावित हुई तो उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ेगा। ऑटो चालक रोबिन ने बताया कि वह हर बार टंकी पूरी भरवा रहे हैं ताकि कुछ दिनों तक काम चल सके। कई ऑटो चालक एक बार में ज्यादा सीएनजी भरवाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बाद में लाइन में ज्यादा समय न लगाना पड़े। टैक्सी चालकों का भी कहना है कि वह अतिरिक्त ईंधन लेकर रखना चाहते हैं ताकि उनका काम बंद न हो।
एलपीजी ने फीका किया त्योहारों का रंग
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर दिल्ली के होटल और रसोई के बाद त्योहारों तक पहुंच गया है। एलपीजी संकट ने त्योहारों का रंग फीका कर दिया है। शहदरा, मंडोली, नंद नगरी, कृष्णा नगर और शकरपुर समेत अन्य इलाकों में गैस सिलिंडर की किल्लत हो गई है। एलपीजी की बुकिंग नहीं होने से ईद, नवरात्र की तैयारियां अधूरी लग रही हैं।
आगामी दिनों दिल्ली में कई स्थानों पर माता के जागरण और सामूहिक भंडारों का आयोजन होना है। इन आयोजनों के लिए बड़ी मात्रा में कमर्शियल सिलिंडरों की जरूरत होती है, लेकिन सिलिंडर की कमी बनी हुई है। अगले हफ्ते ईद भी है। आमतौर पर गृहणियां त्योहार से हफ्ता भर पहले ही गैस का इंतजाम पुख्ता कर लेती हैं, लेकिन इस बार स्थिति बदली हुई है।
गृहणी शमसा अंसारी ने बताया कि वे पिछले कई दिनों से सिलिंडर बुक करने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन गैस एजेंसियों के पास स्टॉक की कमी है। विवेक विहार स्थित एक गैस एजेंसी पर भंडारे के आयोजन के लिए एलपीजी खरीदने आईं आरती ने बताया 14 मार्च को जागरण का आयोजन किया जाना है, लेकिन उन्हें लंगर और प्रसाद की सेवा के लिए एलपीजी नहीं मिल रही है।
आपदा में कालाबाजारी
अगर आपके घर में रसोई गैस खत्म हो गई है और काफी जद्दोजहद के बाद भी आपको सिलिंडर नहीं मिल रहा है तो परेशान मत होइए। इन दिनों एलपीजी गैस सिलिंडर संकट के बीच उपभोक्ताओं की मजबूरी का फायदा उठाकर काला बाजारी करने वाले लोग सिर्फ 2 घंटे में तीन की कीमत में एक सिलिंडर देने का दावा कर रहे हैं। पश्चिम एशिया में जंग का असर गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर बीते तीन दिन से दिख रहा है।
दो घंटे में सिलिंडर दिलाने के नाम पर करीब 2500 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। इतना पैसा देने के बाद भी गारंटी नहीं है कि गैस सिलिंडर आपको मिल ही जाए। ऑल द्वारका रेजिडेंट्स फेडरेशन के प्रतिनिधियों का आरोप है कि गैस एजेंसी पर मिलने वाला सिलेंडर करीब 1000 रुपये के आसपास पड़ता है, लेकिन घर पर तुरंत डिलीवरी के नाम पर दोगुने से भी ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं।
द्वारका के कई निवासियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कुछ लोग दो घंटे में सिलिंडर दिलाने की बात कहते हैं, लेकिन 2500 रुपये तक मांगते हैं। एक गृहिणी ने बताया कि इतनी बड़ी रकम देना हर किसी के लिए संभव नहीं है।
गैस एजेंसियों पर लटके ताले, लोग परेशान
गैस सिलिंडर की किल्लत के बीच कई इलाकों में गैस एजेंसियों को ताले लगाने पड़े हैं। बृहस्पतिवार मुनिरका, बुराड़ी और विवेक विहार स्थित गैस एजेंसियों पर लोगों को ताला लगा मिला। मुनिरका निवासी महेश ने बताया कि उनके घर का गैस सिलिंडर खत्म हो गया है और वह नया सिलिंडर लेने के लिए एजेंसी पहुंचे थे। लेकिन, जब एजेंसी आया तो यहां पता चला कि सिलिंडर ही नहीं है। अब समझ नहीं आ रहा कि खाना कैसे बनेगा।
इस तरह बुराड़ी और विवेक विहार में भी लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बुराड़ी निवासी सीमा ने बताया कि गैस की कमी के कारण घर के काम प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, गैस की नियमित आपूर्ति नहीं होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है। कई लोगों को मजबूरन बाहर से खाना मंगवाना पड़ रहा है या फिर वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।