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Delhi NCR News: पशु-पक्षियों के अधिकारों की रक्षा की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। टीचर एसोसिएशन फॉर एनिमल राइट्स के प्रवक्ता आचार्य राजेश ने पशु-पक्षियों के अधिकारों की रक्षा और पशु क्रूरता पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव के जीवन और अधिकारों की रक्षा करना मानव समाज का नैतिक दायित्व है। पशु-पक्षियों के प्रति दया, करुणा और अहिंसा भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है। उन्होंने सरकार से पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा दूध देने वाले पशुओं की हत्या रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। साथ ही चारागाह, तालाब और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के लिए विशेष समितियां गठित करने की बात कही। एसोसिएशन के सचिव ज्ञानदत्त माथुर ने मांस के स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और मांस की दुकानों पर प्रमाणित स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित करने की मांग की। आचार्य राजेश ने शाकाहार, सात्विक भोजन और जीव-दया को बढ़ावा देने की अपील की।
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नूंह। टीचर एसोसिएशन फॉर एनिमल राइट्स के प्रवक्ता आचार्य राजेश ने पशु-पक्षियों के अधिकारों की रक्षा और पशु क्रूरता पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव के जीवन और अधिकारों की रक्षा करना मानव समाज का नैतिक दायित्व है। पशु-पक्षियों के प्रति दया, करुणा और अहिंसा भारतीय संस्कृति की मूल भावना रही है। उन्होंने सरकार से पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा दूध देने वाले पशुओं की हत्या रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की। साथ ही चारागाह, तालाब और प्राकृतिक जलस्रोतों के संरक्षण के लिए विशेष समितियां गठित करने की बात कही। एसोसिएशन के सचिव ज्ञानदत्त माथुर ने मांस के स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर जागरूकता बढ़ाने और मांस की दुकानों पर प्रमाणित स्वास्थ्य चेतावनी प्रदर्शित करने की मांग की। आचार्य राजेश ने शाकाहार, सात्विक भोजन और जीव-दया को बढ़ावा देने की अपील की।