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Faridabad News: बीके अस्पताल में बंद पड़े एसी, पंखों के सहारे व्यवस्था
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बंद परिसरों और भारी भीड़ के कारण बढ़ जाती है उमस, मरीजों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल का सेंट्रल एसी सिस्टम दो वर्षों से अधिक समय से खराब पड़ा है, जबकि छत पर रखी मशीनें जंग खा रही हैं। इसके बावजूद अब तक व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कराया गया है।
हालात यह हैं कि सेंट्रल एसी सिस्टम बंद होने के साथ-साथ विशेषज्ञों की ओपीडी के बाहर लगे वॉल एसी भी अधिकतर समय बंद पड़े रहते हैं। अस्पताल में केवल पंखों के सहारे व्यवस्था चल रही है। बंद परिसरों और भारी भीड़ के कारण उमस लगातार बढ़ रही है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को झेलनी पड़ रही है।
अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन भीड़ और खराब वेंटिलेशन के कारण ओपीडी और वार्डों में लोगों को घंटों पसीने में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि कई जगह पंखे भी धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं।
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पहले से बदहाल व्यवस्था के बीच बत्ती गुल
गर्मी से जूझ रहे मरीजों की परेशानी उस समय और बढ़ गई जब दिन में तीन बार करीब एक-एक घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली कटौती के कारण ओपीडी में अंधेरा छा गया और मरीजों को बिना पंखे और एसी के बैठना पड़ा। कई मरीजों ने बताया कि बिजली जाने से इलाज और जांच कार्य भी प्रभावित हुए, जिससे उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
गर्मी से परेशान परिजन घर से कूलर लेकर पहुंचे अस्पताल
बीके अस्पताल के बाल चिकित्सा वार्ड में भर्ती एक छह माह के बच्चे के परिजन गर्मी और उमस से परेशान होकर घर से कूलर लेकर अस्पताल पहुंच गए। बच्चे के पिता मुकेश ने बताया कि उनका बच्चा 22 मई से भर्ती है, लेकिन वार्ड में एसी बंद और पंखे धीमी गति से चल रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि गर्मी के कारण बच्चे की तबीयत में सुधार होने के बजाय दिक्कत बढ़ रही थी। मजबूरी में परिवार को घर से कूलर लाकर वार्ड में लगाना पड़ा, ताकि बच्चे को राहत मिल सके।
पंखे ठीक से नहीं चल रहे थे और एसी भी बंद पड़ा था। बच्चे की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ रही थी। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में हमें घर से कूलर लाना पड़ा।-मुकेश, बच्चे के पिता
ओपीडी में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एसी बंद हैं और बिजली कटने से हालत और खराब हो जाती है।-रामकिशन, मरीज
बुजुर्ग मरीज को लेकर सुबह से बैठे हैं। उमस इतनी ज्यादा है कि वार्ड में टिकना मुश्किल हो रहा है। सिर्फ पंखों के सहारे मरीज परेशान हो रहे हैं।-सुनीता देवी, परिजन
गर्मी और भीड़ की वजह से सांस लेने तक में दिक्कत हो रही है। अस्पताल में इलाज से ज्यादा परेशानी गर्मी दे रही है।-शबाना, मरीज
अस्पताल में सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। कुछ जगह तकनीकी खराबी आने पर उसे तुरंत ठीक करा दिया जाता है।-डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। भीषण गर्मी और उमस के बीच जिला नागरिक अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल का सेंट्रल एसी सिस्टम दो वर्षों से अधिक समय से खराब पड़ा है, जबकि छत पर रखी मशीनें जंग खा रही हैं। इसके बावजूद अब तक व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कराया गया है।
हालात यह हैं कि सेंट्रल एसी सिस्टम बंद होने के साथ-साथ विशेषज्ञों की ओपीडी के बाहर लगे वॉल एसी भी अधिकतर समय बंद पड़े रहते हैं। अस्पताल में केवल पंखों के सहारे व्यवस्था चल रही है। बंद परिसरों और भारी भीड़ के कारण उमस लगातार बढ़ रही है, जिससे सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्ग मरीजों को झेलनी पड़ रही है।
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अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन भीड़ और खराब वेंटिलेशन के कारण ओपीडी और वार्डों में लोगों को घंटों पसीने में बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि कई जगह पंखे भी धीमी गति से चल रहे हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं।
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गर्मी से जूझ रहे मरीजों की परेशानी उस समय और बढ़ गई जब दिन में तीन बार करीब एक-एक घंटे तक बिजली गुल रही। बिजली कटौती के कारण ओपीडी में अंधेरा छा गया और मरीजों को बिना पंखे और एसी के बैठना पड़ा। कई मरीजों ने बताया कि बिजली जाने से इलाज और जांच कार्य भी प्रभावित हुए, जिससे उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
गर्मी से परेशान परिजन घर से कूलर लेकर पहुंचे अस्पताल
बीके अस्पताल के बाल चिकित्सा वार्ड में भर्ती एक छह माह के बच्चे के परिजन गर्मी और उमस से परेशान होकर घर से कूलर लेकर अस्पताल पहुंच गए। बच्चे के पिता मुकेश ने बताया कि उनका बच्चा 22 मई से भर्ती है, लेकिन वार्ड में एसी बंद और पंखे धीमी गति से चल रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि गर्मी के कारण बच्चे की तबीयत में सुधार होने के बजाय दिक्कत बढ़ रही थी। मजबूरी में परिवार को घर से कूलर लाकर वार्ड में लगाना पड़ा, ताकि बच्चे को राहत मिल सके।
पंखे ठीक से नहीं चल रहे थे और एसी भी बंद पड़ा था। बच्चे की हालत सुधरने के बजाय बिगड़ रही थी। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूरी में हमें घर से कूलर लाना पड़ा।-मुकेश, बच्चे के पिता
ओपीडी में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एसी बंद हैं और बिजली कटने से हालत और खराब हो जाती है।-रामकिशन, मरीज
बुजुर्ग मरीज को लेकर सुबह से बैठे हैं। उमस इतनी ज्यादा है कि वार्ड में टिकना मुश्किल हो रहा है। सिर्फ पंखों के सहारे मरीज परेशान हो रहे हैं।-सुनीता देवी, परिजन
गर्मी और भीड़ की वजह से सांस लेने तक में दिक्कत हो रही है। अस्पताल में इलाज से ज्यादा परेशानी गर्मी दे रही है।-शबाना, मरीज
अस्पताल में सभी जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। कुछ जगह तकनीकी खराबी आने पर उसे तुरंत ठीक करा दिया जाता है।-डॉ. जयंत आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी।