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Faridabad News: ओल्ड फरीदाबाद में स्कैडा सिस्टम से थमेगा जलभराव, सेक्टर-8 से की जाएगी शुरुआत
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ओल्ड फरीदाबाद में स्कैडा सिस्टम से थमेगा जलभराव, सेक्टर-8 से की जाएगी शुरुआत
- ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंपों की होगी निगरानी, बारिश में सड़कों पर पानी भरने की समस्या कम होने की उम्मीद
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जल निकासी व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में नगर निगम ने अहम पहल शुरू की है। ओल्ड फरीदाबाद के वार्ड-39 स्थित सेक्टर-8 में स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल सिस्टम को अब स्कैडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) आधारित ऑटोमेशन तकनीक से जोड़ा जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य बरसात के दौरान होने वाले जलभराव पर नियंत्रण करना और पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था से जोड़ना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पंप ऑपरेटरों की लापरवाही पर रोक लगेगी और समय पर पंप संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
ओल्ड फरीदाबाद के सेक्टर-8 और आसपास के इलाकों में हर मानसून के दौरान जलभराव बड़ी समस्या बन जाता है। कई बार पंप समय पर चालू नहीं होने या तकनीकी खराबी की सूचना देर से मिलने के कारण मुख्य सड़कें घंटों पानी में डूबी रहती हैं। स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी के साथ ट्रैफिक जाम और वाहन खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब नई तकनीक लागू होने के बाद जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की तैयारी की गई है।
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मुख्यालय से होगी पंपिंग स्टेशन की लाइव मॉनिटरिंग
स्कैडा आधारित इस सिस्टम के तहत पंपिंग स्टेशन पर सेंसर और रिमोट टर्मिनल यूनिट (आरटीयू) लगाए जाएंगे। ये सेंसर पानी का स्तर बढ़ते ही स्वतः पंप चालू कर देंगे और जलस्तर कम होने पर उन्हें बंद भी कर सकेंगे।
इसके अलावा पंपों की स्थिति, बिजली की खपत, वोल्टेज, मोटरों की कार्यक्षमता और जनरेटर संचालन से जुड़ा पूरा डाटा रियल टाइम में ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। नगर निगम मुख्यालय में बैठे अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से यह देख सकेंगे कि किस समय कौन सा पंप चल रहा है और सिस्टम में कोई खराबी तो नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक से मैन्युअल संचालन पर निर्भरता कम होगी और बारिश के दौरान तत्काल निर्णय लेने में मदद मिलेगी। इससे सेक्टर-8 समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
38 महीने तक चलेगी परियोजना
नगर निगम द्वारा जारी डीएनआईटी के अनुसार परियोजना की कुल अवधि 38 माह 10 दिन तय की गई है। शुरुआती अवधि में सिस्टम की स्थापना और परीक्षण का कार्य किया जाएगा जबकि अगले तीन वर्षों तक एजेंसी को संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी।
मानसून से पहले राहत की उम्मीद
नगर निगम की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब शहर में मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हर वर्ष ओल्ड फरीदाबाद के कई इलाकों में भारी जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में स्कैडा आधारित यह परियोजना शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि सिस्टम तय समय पर लागू हो जाता है तो सेक्टर-8 के निवासियों को आने वाले वर्षों में बारिश के दौरान बड़ी राहत मिल सकती है।
लोगों की सुविधा के लिए निगम कई स्तरों पर काम कर रहा है। इस परियोजना को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। - धीरेंद्र खड़गटा, निमग आयुक्त
- ऑनलाइन मॉनिटरिंग से पंपों की होगी निगरानी, बारिश में सड़कों पर पानी भरने की समस्या कम होने की उम्मीद
मोहित शुक्ला
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी फरीदाबाद में जल निकासी व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में नगर निगम ने अहम पहल शुरू की है। ओल्ड फरीदाबाद के वार्ड-39 स्थित सेक्टर-8 में स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल सिस्टम को अब स्कैडा (सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन) आधारित ऑटोमेशन तकनीक से जोड़ा जाएगा।
परियोजना का उद्देश्य बरसात के दौरान होने वाले जलभराव पर नियंत्रण करना और पंपिंग स्टेशनों की कार्यप्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन निगरानी व्यवस्था से जोड़ना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पंप ऑपरेटरों की लापरवाही पर रोक लगेगी और समय पर पंप संचालन सुनिश्चित हो सकेगा।
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ओल्ड फरीदाबाद के सेक्टर-8 और आसपास के इलाकों में हर मानसून के दौरान जलभराव बड़ी समस्या बन जाता है। कई बार पंप समय पर चालू नहीं होने या तकनीकी खराबी की सूचना देर से मिलने के कारण मुख्य सड़कें घंटों पानी में डूबी रहती हैं। स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी के साथ ट्रैफिक जाम और वाहन खराब होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अब नई तकनीक लागू होने के बाद जल निकासी व्यवस्था को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने की तैयारी की गई है।
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मुख्यालय से होगी पंपिंग स्टेशन की लाइव मॉनिटरिंग
स्कैडा आधारित इस सिस्टम के तहत पंपिंग स्टेशन पर सेंसर और रिमोट टर्मिनल यूनिट (आरटीयू) लगाए जाएंगे। ये सेंसर पानी का स्तर बढ़ते ही स्वतः पंप चालू कर देंगे और जलस्तर कम होने पर उन्हें बंद भी कर सकेंगे।
इसके अलावा पंपों की स्थिति, बिजली की खपत, वोल्टेज, मोटरों की कार्यक्षमता और जनरेटर संचालन से जुड़ा पूरा डाटा रियल टाइम में ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। नगर निगम मुख्यालय में बैठे अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से यह देख सकेंगे कि किस समय कौन सा पंप चल रहा है और सिस्टम में कोई खराबी तो नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक से मैन्युअल संचालन पर निर्भरता कम होगी और बारिश के दौरान तत्काल निर्णय लेने में मदद मिलेगी। इससे सेक्टर-8 समेत आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।
38 महीने तक चलेगी परियोजना
नगर निगम द्वारा जारी डीएनआईटी के अनुसार परियोजना की कुल अवधि 38 माह 10 दिन तय की गई है। शुरुआती अवधि में सिस्टम की स्थापना और परीक्षण का कार्य किया जाएगा जबकि अगले तीन वर्षों तक एजेंसी को संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी।
मानसून से पहले राहत की उम्मीद
नगर निगम की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब शहर में मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हर वर्ष ओल्ड फरीदाबाद के कई इलाकों में भारी जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। ऐसे में स्कैडा आधारित यह परियोजना शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यदि सिस्टम तय समय पर लागू हो जाता है तो सेक्टर-8 के निवासियों को आने वाले वर्षों में बारिश के दौरान बड़ी राहत मिल सकती है।
लोगों की सुविधा के लिए निगम कई स्तरों पर काम कर रहा है। इस परियोजना को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा। - धीरेंद्र खड़गटा, निमग आयुक्त