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Faridabad News: ऑनलाइन शॉपिंग से स्थानीय दुकानदारों का व्यापार चौपट
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बाजारों से रौनक गायब, व्यापारियों ने कहा-सरकार ने जल्द ठोस नीति बनानी चाहिए
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के पारंपरिक बाजारों और छोटे व्यापारियों पर ऑनलाइन शॉपिंग का संकट गहराता जा रहा है। ई-कॉमर्स कंपनियों की बढ़ती पैठ के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यापार चौपट होता जा रहा है। बाजारों से रौनक गायब है इसके चलते व्यापारी बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस नीति नहीं बनाई, तो आने वाले समय में कई दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगी।
व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, बड़े डिस्काउंट और होम डिलीवरी के प्रलोभन के कारण ग्राहक बाजारों से दूरी बना रहे हैं। त्योहारों और शादियों के सीजन में भी खुदरा बाजारों में ग्राहकों की संख्या पहले के मुकाबले बेहद कम होती है। व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी और असीमित प्रभाव पर तुरंत नियंत्रण लगाया जाए ताकि छोटे कारोबारियों को बचाया जा सके।
बातचीत
ऑनलाइन कंपनियों के भारी डिस्काउंट ने हमारा लगभग धंधा आधा कर दिया है। ग्राहक अब दुकान पर नहीं आते। सरकार को हमारे बारे में तुरंत सोचना होगा।-प्रदीप, किराना स्टोर संचालक
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ई-कॉमर्स ने बाजार की कमर तोड़ दी है। हमारा काम ठप होता जा रहा है। अगर कंपनियों पर सीमाएं नहीं लगीं, तो हमें दुकानें बंद करनी पड़ेंगी।-संजय भाटिया, इलेक्ट्रिक व्यापारी
लोग दुकान पर सिर्फ सामान देखने आते हैं और खरीदते ऑनलाइन हैं। इस असमान प्रतियोगिता को रोकने के लिए सरकार को सख्त नियम बनाने ही होंगे।-संजीव, किराना स्टोर
छोटे व्यापारी भारी टैक्स और किराया दे रहे हैं, लेकिन सारा मुनाफा ऑनलाइन कंपनियां ले जा रही हैं। सरकार से अपील है कि हमारा व्यापार बचाएं।- कमल भाटिया, व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के पारंपरिक बाजारों और छोटे व्यापारियों पर ऑनलाइन शॉपिंग का संकट गहराता जा रहा है। ई-कॉमर्स कंपनियों की बढ़ती पैठ के कारण स्थानीय दुकानदारों का व्यापार चौपट होता जा रहा है। बाजारों से रौनक गायब है इसके चलते व्यापारी बेहद परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस नीति नहीं बनाई, तो आने वाले समय में कई दुकानें बंद होने की कगार पर पहुंच जाएंगी।
व्यापारिक संगठनों के मुताबिक, बड़े डिस्काउंट और होम डिलीवरी के प्रलोभन के कारण ग्राहक बाजारों से दूरी बना रहे हैं। त्योहारों और शादियों के सीजन में भी खुदरा बाजारों में ग्राहकों की संख्या पहले के मुकाबले बेहद कम होती है। व्यापारियों ने सरकार से मांग की है कि ई-कॉमर्स कंपनियों की मनमानी और असीमित प्रभाव पर तुरंत नियंत्रण लगाया जाए ताकि छोटे कारोबारियों को बचाया जा सके।
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ऑनलाइन कंपनियों के भारी डिस्काउंट ने हमारा लगभग धंधा आधा कर दिया है। ग्राहक अब दुकान पर नहीं आते। सरकार को हमारे बारे में तुरंत सोचना होगा।-प्रदीप, किराना स्टोर संचालक
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लोग दुकान पर सिर्फ सामान देखने आते हैं और खरीदते ऑनलाइन हैं। इस असमान प्रतियोगिता को रोकने के लिए सरकार को सख्त नियम बनाने ही होंगे।-संजीव, किराना स्टोर
छोटे व्यापारी भारी टैक्स और किराया दे रहे हैं, लेकिन सारा मुनाफा ऑनलाइन कंपनियां ले जा रही हैं। सरकार से अपील है कि हमारा व्यापार बचाएं।- कमल भाटिया, व्यापारी