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Faridabad News: मुख्य चौपाल पर वियतनाम, सूडान और जिंबाब्वे के कलाकारों ने दी प्रस्तुति
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में शिल्पकारी के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का जादू भी सिर चढ़कर बोल रहा है। मेले के दूसरे दिन मेला परिसर में स्थित बड़ी चौपाल पर आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पर्यटकों का मन मोह लिया। देश और विदेश से आए लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को जीवंत कर दिया।
मेले की मुख्य चौपाल पर देश विदेश के कलाकारों की ओर से अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य पेश किया, जिसे देख दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। रविवार को मुख्य चौपाल पर एस्वातीनी के कलाकारों द्वारा मास्टर एंडोन, इराकी कुर्दिस्तान के कलाकारों की ओर से दुहोक पारंपरिक नृत्य, बोत्सवाना के कलाकारों की ओर से सेतापा जनजातीय नृत्य, उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा फरुवाही लोक नृत्य जो अक्सर शादियों और त्योहारों के दौरान प्रस्तुत किया जाता है। इसके साथ ही मेडागास्कर, वियतनाम, सेनेगल, साउथ सूडान, मालावी, जिंबाब्वे के कलाकारों द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई जिसे देख मुख्य चौपाल में बैठे दर्शक थिरकने लगे।
सूरजकुंड मेले में अलग-अलग मंचों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन 15 फरवरी तक किया जाएगा।इस वर्ष मेला विशेष रूप से वसुधैव कुटुंबकम की भावना को चरितार्थ कर रहा है। मेले में लगभग 50 देशों के सांस्कृतिक दल प्रतिदिन अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इस वर्ष मिस्र पार्टनर कंट्री है, जबकि उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम राज्य के रूप में अपनी लोक कलाओं का विशेष प्रदर्शन कर रहे हैं।
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फरीदाबाद। सूरजकुंड मेले में शिल्पकारी के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत का जादू भी सिर चढ़कर बोल रहा है। मेले के दूसरे दिन मेला परिसर में स्थित बड़ी चौपाल पर आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पर्यटकों का मन मोह लिया। देश और विदेश से आए लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को जीवंत कर दिया।
मेले की मुख्य चौपाल पर देश विदेश के कलाकारों की ओर से अपनी पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य पेश किया, जिसे देख दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए। रविवार को मुख्य चौपाल पर एस्वातीनी के कलाकारों द्वारा मास्टर एंडोन, इराकी कुर्दिस्तान के कलाकारों की ओर से दुहोक पारंपरिक नृत्य, बोत्सवाना के कलाकारों की ओर से सेतापा जनजातीय नृत्य, उत्तर प्रदेश के कलाकारों द्वारा फरुवाही लोक नृत्य जो अक्सर शादियों और त्योहारों के दौरान प्रस्तुत किया जाता है। इसके साथ ही मेडागास्कर, वियतनाम, सेनेगल, साउथ सूडान, मालावी, जिंबाब्वे के कलाकारों द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई जिसे देख मुख्य चौपाल में बैठे दर्शक थिरकने लगे।
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सूरजकुंड मेले में अलग-अलग मंचों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन 15 फरवरी तक किया जाएगा।इस वर्ष मेला विशेष रूप से वसुधैव कुटुंबकम की भावना को चरितार्थ कर रहा है। मेले में लगभग 50 देशों के सांस्कृतिक दल प्रतिदिन अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। इस वर्ष मिस्र पार्टनर कंट्री है, जबकि उत्तर प्रदेश और मेघालय थीम राज्य के रूप में अपनी लोक कलाओं का विशेष प्रदर्शन कर रहे हैं।
