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Faridabad News: फरीदाबाद-पलवल मेट्रो और आआरटीएस को मिली संजीवनी, राह होगी आसान
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शहर के रुके हुए प्रोजेक्ट में तेजी आने की उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। आम बजट में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन के लिए किए गए बड़े प्रावधानों ने फरीदाबाद और पलवल की विकास योजनाओं को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार द्वारा मेट्रो परियोजनाओं के लिए 28,740 करोड़ रुपये और आरआरटीएस के लिए 2,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने के बाद शहर के रुके हुए प्रोजेक्ट्स में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। इसका सबसे बड़ा लाभ बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार और दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद आरआरटीएस कॉरिडोर को मिलने जा रहा है।
बल्लभगढ़ से पलवल के बीच मेट्रो विस्तार की योजना लंबे समय से चर्चा में है। वर्तमान में इस परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर कार्य चल रहा है। बजट में मेट्रो के लिए बढ़ाई गई राशि से इस प्रोजेक्ट को वित्तीय मजबूती मिलेगी। यह लाइन फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्से को सीधे दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे सेक्टर-58 के औद्योगिक क्षेत्रों, बल्लभगढ़ के रिहायशी इलाकों और पलवल रोड पर बसे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार बजट आवंटन के बाद राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय तेज होगा जिससे अगले वित्तीय वर्ष में जमीनी काम शुरू होने की संभावना है।
आरआरटीएस दिल्ली-गुरुग्राम की राह होगी आसान
एनसीआर के लिए आरआरटीएस हेतु आवंटित 2,200 करोड़ रुपये फरीदाबाद के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रस्तावित तीन मुख्य कॉरिडोर में दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद रूट को प्राथमिकता दी जा रही है। फरीदाबाद से रोजाना लगभग 1.2 लाख लोग काम और शिक्षा के सिलसिले में दिल्ली और गुरुग्राम का सफर करते हैं। वर्तमान में नेशनल हाईवे-19 पर भारी जाम और मेट्रो में भीड़ के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। आरआरटीएस शुरू होने के बाद बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद से गुरुग्राम की दूरी मिनटों में तय की जा सकेगी। इससे समय की बचत होने के साथ फरीदाबाद में नए निवेश के रास्ते भी खुलेंगे।
सड़कों पर घटेगा वाहनों का दबाव
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो और आरआरटीएस के विस्तार से फरीदाबाद की सड़कों पर निजी वाहनों का बोझ कम होगा। विशेष रूप से बदरपुर बॉर्डर, बाटा चौक, और बल्लभगढ़-तिगांव रोड जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थाई समाधान निकल सकेगा। सार्वजनिक परिवहन सुदृढ़ होने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने का अनुमान है।
ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर से कम होगा प्रदूषण
औद्योगिक शहर होने के नाते फरीदाबाद अक्सर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझता है। बजट में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अलग से फंडिंग की घोषणा की गई है। शहर में नए चार्जिंग स्टेशन बनने से ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक टैक्सियों और निजी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं में कमी आएगी जो शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए काफी जरूरी है।
आर्थिक और औद्योगिक विकास
फरीदाबाद के औद्योगिक संगठनों ने बजट का स्वागत किया है। उनका मानना है कि बेहतर ट्रांसपोर्टेशन से लेबर और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी। उद्योगों को कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध होंगे क्योंकि पलवल और गुरुग्राम से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। आम बजट में बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक परिवहन के लिए किए गए बड़े प्रावधानों ने फरीदाबाद और पलवल की विकास योजनाओं को नई दिशा दी है। केंद्र सरकार द्वारा मेट्रो परियोजनाओं के लिए 28,740 करोड़ रुपये और आरआरटीएस के लिए 2,200 करोड़ रुपये का बजट आवंटित करने के बाद शहर के रुके हुए प्रोजेक्ट्स में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है। इसका सबसे बड़ा लाभ बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार और दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद आरआरटीएस कॉरिडोर को मिलने जा रहा है।
बल्लभगढ़ से पलवल के बीच मेट्रो विस्तार की योजना लंबे समय से चर्चा में है। वर्तमान में इस परियोजना की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पर कार्य चल रहा है। बजट में मेट्रो के लिए बढ़ाई गई राशि से इस प्रोजेक्ट को वित्तीय मजबूती मिलेगी। यह लाइन फरीदाबाद के दक्षिणी हिस्से को सीधे दिल्ली मेट्रो के नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे सेक्टर-58 के औद्योगिक क्षेत्रों, बल्लभगढ़ के रिहायशी इलाकों और पलवल रोड पर बसे हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार बजट आवंटन के बाद राज्य और केंद्र सरकार के बीच समन्वय तेज होगा जिससे अगले वित्तीय वर्ष में जमीनी काम शुरू होने की संभावना है।
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आरआरटीएस दिल्ली-गुरुग्राम की राह होगी आसान
एनसीआर के लिए आरआरटीएस हेतु आवंटित 2,200 करोड़ रुपये फरीदाबाद के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रस्तावित तीन मुख्य कॉरिडोर में दिल्ली-गुरुग्राम-फरीदाबाद रूट को प्राथमिकता दी जा रही है। फरीदाबाद से रोजाना लगभग 1.2 लाख लोग काम और शिक्षा के सिलसिले में दिल्ली और गुरुग्राम का सफर करते हैं। वर्तमान में नेशनल हाईवे-19 पर भारी जाम और मेट्रो में भीड़ के कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। आरआरटीएस शुरू होने के बाद बल्लभगढ़ और ओल्ड फरीदाबाद से गुरुग्राम की दूरी मिनटों में तय की जा सकेगी। इससे समय की बचत होने के साथ फरीदाबाद में नए निवेश के रास्ते भी खुलेंगे।
सड़कों पर घटेगा वाहनों का दबाव
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि मेट्रो और आरआरटीएस के विस्तार से फरीदाबाद की सड़कों पर निजी वाहनों का बोझ कम होगा। विशेष रूप से बदरपुर बॉर्डर, बाटा चौक, और बल्लभगढ़-तिगांव रोड जैसे संवेदनशील पॉइंट्स पर ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थाई समाधान निकल सकेगा। सार्वजनिक परिवहन सुदृढ़ होने से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने का अनुमान है।
ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर से कम होगा प्रदूषण
औद्योगिक शहर होने के नाते फरीदाबाद अक्सर वायु प्रदूषण की समस्या से जूझता है। बजट में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अलग से फंडिंग की घोषणा की गई है। शहर में नए चार्जिंग स्टेशन बनने से ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक टैक्सियों और निजी इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। इससे डीजल और पेट्रोल से चलने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं में कमी आएगी जो शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए काफी जरूरी है।
आर्थिक और औद्योगिक विकास
फरीदाबाद के औद्योगिक संगठनों ने बजट का स्वागत किया है। उनका मानना है कि बेहतर ट्रांसपोर्टेशन से लेबर और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी। उद्योगों को कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध होंगे क्योंकि पलवल और गुरुग्राम से कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी।
