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Faridabad News: प्री-बजट की पहली बैठक में शहर के विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा
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फरीदाबाद में मेयर कैंप कार्यालय में आयोजित प्री बजट बैठक में पार्षदों के साथ बैठक करती मेयर प्र
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नगर निगम का बजट लगभग 2250 करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना, जल्द बुलाई जाएगी दूसरी बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर आयोजित पहली प्री-बजट बैठक में शहर के विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की जरूरतों से जुड़े कई अहम सुझाव दिए, जिन पर अब निगम प्रशासन मंथन करेगा। महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि प्राप्त सुझावों के आधार पर बजट का प्रारूप तैयार किया जाएगा और जल्द ही दूसरी बैठक बुलाकर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने की जबकि निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा सहित सभी पार्षद और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में सड़कों की मरम्मत व निर्माण, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, जल निकासी की समस्या दूर करने, पेयजल आपूर्ति सुधारने तथा अन्य विकास कार्यों को बजट में प्राथमिकता देने की मांग रखी।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट तैयार करते समय जनहित को सर्वोपरि रखा जाए और ऐसा प्रावधान किया जाए जिससे शहर के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास हो सके। उन्होंने बताया कि इस बार नगर निगम का बजट लगभग 2250 करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना है और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है ताकि लंबित विकास कार्यों को गति मिल सके।
बैठक के दौरान पिछले वित्तीय वर्ष के बजट का भी उल्लेख किया गया। निगम ने वर्ष 2025-26 के लिए करीब 1964 करोड़ रुपये की आय और 1924 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान रखा था। अधिकारियों के अनुसार निगम की मुख्य आय प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप ड्यूटी, विकास शुल्क, विज्ञापन कर और कचरा प्रबंधन शुल्क से होती है जबकि खर्च का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, सफाई व्यवस्था और विभिन्न विकास कार्यों पर किया जाता है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि बैठक में आए सभी सुझावों का विभागवार परीक्षण किया जाएगा और जो प्रस्ताव व्यावहारिक होंगे उन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट को अंतिम रूप देने से पहले पार्षदों से विस्तार से सुझाव लिए जा रहे हैं ताकि सभी वार्डों की जरूरतों को शामिल किया जा सके।
महापौर ने बताया कि अगली बैठक में संशोधित प्रस्ताव पार्षदों के सामने रखा जाएगा। निगम सदन से बजट पारित होने के बाद उसे अंतिम मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के आय के स्रोत सीमित हैं, इसलिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रांट के साथ-साथ अन्य आय स्रोत बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
निगम को इस वर्ष फायर टैक्स, तहबाजारी शुल्क, जमीन लीज, फ्रीहोल्ड नीति और अन्य शुल्कों से अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है, जिससे विकास कार्यों के लिए संसाधन बढ़ाए जा सकेंगे।
बैठक में सभी 46 पार्षद और तीन नामित पार्षद मौजूद रहे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा के बाद बैठक संपन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि आगामी बजट शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम फरीदाबाद के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को लेकर आयोजित पहली प्री-बजट बैठक में शहर के विकास कार्यों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड की जरूरतों से जुड़े कई अहम सुझाव दिए, जिन पर अब निगम प्रशासन मंथन करेगा। महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने कहा कि प्राप्त सुझावों के आधार पर बजट का प्रारूप तैयार किया जाएगा और जल्द ही दूसरी बैठक बुलाकर उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
नगर निगम मुख्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने की जबकि निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा सहित सभी पार्षद और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में शहर की मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में सड़कों की मरम्मत व निर्माण, सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने, जल निकासी की समस्या दूर करने, पेयजल आपूर्ति सुधारने तथा अन्य विकास कार्यों को बजट में प्राथमिकता देने की मांग रखी।
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महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट तैयार करते समय जनहित को सर्वोपरि रखा जाए और ऐसा प्रावधान किया जाए जिससे शहर के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास हो सके। उन्होंने बताया कि इस बार नगर निगम का बजट लगभग 2250 करोड़ रुपये के आसपास रहने की संभावना है और आवश्यकता पड़ने पर इसे बढ़ाया भी जा सकता है ताकि लंबित विकास कार्यों को गति मिल सके।
बैठक के दौरान पिछले वित्तीय वर्ष के बजट का भी उल्लेख किया गया। निगम ने वर्ष 2025-26 के लिए करीब 1964 करोड़ रुपये की आय और 1924 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान रखा था। अधिकारियों के अनुसार निगम की मुख्य आय प्रॉपर्टी टैक्स, स्टांप ड्यूटी, विकास शुल्क, विज्ञापन कर और कचरा प्रबंधन शुल्क से होती है जबकि खर्च का बड़ा हिस्सा कर्मचारियों के वेतन, सफाई व्यवस्था और विभिन्न विकास कार्यों पर किया जाता है।
निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि बैठक में आए सभी सुझावों का विभागवार परीक्षण किया जाएगा और जो प्रस्ताव व्यावहारिक होंगे उन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट को अंतिम रूप देने से पहले पार्षदों से विस्तार से सुझाव लिए जा रहे हैं ताकि सभी वार्डों की जरूरतों को शामिल किया जा सके।
महापौर ने बताया कि अगली बैठक में संशोधित प्रस्ताव पार्षदों के सामने रखा जाएगा। निगम सदन से बजट पारित होने के बाद उसे अंतिम मंजूरी के लिए हरियाणा सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम के आय के स्रोत सीमित हैं, इसलिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार से मिलने वाली ग्रांट के साथ-साथ अन्य आय स्रोत बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है।
निगम को इस वर्ष फायर टैक्स, तहबाजारी शुल्क, जमीन लीज, फ्रीहोल्ड नीति और अन्य शुल्कों से अतिरिक्त आय होने की उम्मीद है, जिससे विकास कार्यों के लिए संसाधन बढ़ाए जा सकेंगे।
बैठक में सभी 46 पार्षद और तीन नामित पार्षद मौजूद रहे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा के बाद बैठक संपन्न हुई। अधिकारियों का कहना है कि आगामी बजट शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहेगा।