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Faridabad News: एक अप्रैल से सरकारी स्कूलों में चेहरे की पहचान से लगेगी हाजिरी
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-आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत हुई बैठक में लिया निर्णय
-बायोमेट्रिक मशीनें खराब करने वालों पर होगा मुकदमा
शेरसिंह डागर
नूंह। जिले के सरकारी स्कूलों में अब हाजिरी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एक अप्रैल से सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनों के जरिए चेहरे की पहचान के जरिये उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मशीनों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह निर्णय आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत 13 मार्च 2026 को हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में संपूर्णता अभियान 2.0 सहित चल रही परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सामने आया कि जिले के कुछ स्कूलों में फेसियल बायोमेट्रिक मशीनें खराब पाई गई हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन मशीनों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और नई शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सभी मशीनों को पूरी तरह से ठीक कराएं।
मशीनों से छेड़छाड़ पर हो सकती है एफआईआर :
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर बायोमेट्रिक मशीनों को नुकसान पहुंचाता है या उनके साथ छेड़छाड़ करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग के निर्देश:
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला और उपमंडल स्तर के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों और अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट के साथ फोटो भी अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी, ताकि कार्यों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ परियोजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को चालू वित्त वर्ष में पूरा करने पर जोर दिया गया है। सोलर प्रोजेक्ट्स की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सेंट्रल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल :
प्रशासन का मानना है कि फेसियल बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने से स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षकों व स्टाफ की जवाबदेही तय होगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
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इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। सरकार की मेवात जिले पर विशेष नजर है, इसलिए अध्यापक व मुख्य अध्यापक पूरी तरह से सावधानी बरते और अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। अप्रैल से चेकिंग बढ़ाई जाएगी।
राजेन्द्र शर्मा, डीईओ नूंह
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-बायोमेट्रिक मशीनें खराब करने वालों पर होगा मुकदमा
शेरसिंह डागर
नूंह। जिले के सरकारी स्कूलों में अब हाजिरी व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। एक अप्रैल से सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीनों के जरिए चेहरे की पहचान के जरिये उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या मशीनों से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह निर्णय आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत 13 मार्च 2026 को हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के केंद्रीय प्रभारी अधिकारी ने की, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में संपूर्णता अभियान 2.0 सहित चल रही परियोजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सामने आया कि जिले के कुछ स्कूलों में फेसियल बायोमेट्रिक मशीनें खराब पाई गई हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन मशीनों के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें और नई शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले सभी मशीनों को पूरी तरह से ठीक कराएं।
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मशीनों से छेड़छाड़ पर हो सकती है एफआईआर :
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर बायोमेट्रिक मशीनों को नुकसान पहुंचाता है या उनके साथ छेड़छाड़ करता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
नियमित निरीक्षण और रिपोर्टिंग के निर्देश:
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिला और उपमंडल स्तर के अधिकारी नियमित रूप से स्कूलों और अन्य परियोजनाओं का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण रिपोर्ट के साथ फोटो भी अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी, ताकि कार्यों की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सके।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ परियोजनाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को चालू वित्त वर्ष में पूरा करने पर जोर दिया गया है। सोलर प्रोजेक्ट्स की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सेंट्रल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल :
प्रशासन का मानना है कि फेसियल बायोमेट्रिक सिस्टम लागू होने से स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी और शिक्षकों व स्टाफ की जवाबदेही तय होगी। इससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। सरकार की मेवात जिले पर विशेष नजर है, इसलिए अध्यापक व मुख्य अध्यापक पूरी तरह से सावधानी बरते और अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से करें। अप्रैल से चेकिंग बढ़ाई जाएगी।
राजेन्द्र शर्मा, डीईओ नूंह