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Faridabad News: सेक्टर-8 और 11 के बाजारों में बढ़ाई जाएंगी सुविधाएं
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जर्जर सड़कें दोबारा बनाई जाएंगी, बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा
रेहड़ी-खोमचे वालों के लिए अलग स्थान तय करने की भी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-8 और 11 के बाजारों में खरीदारी करने आने वाले हजारों लोगों और यहां कारोबार करने वाले दुकानदारों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम दोनों पुराने बाजारों का करीब दो करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास कराने जा रहा है। योजना के तहत जर्जर सड़कें दोबारा बनाई जाएंगी, इंटरलॉकिंग टाइलें लगेंगी, पैदल चलने के रास्ते सुधारे जाएंगे और बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। पार्किंग को व्यवस्थित करने के साथ रेहड़ी-खोमचे वालों के लिए अलग स्थान तय करने की भी तैयारी है। नगर निगम के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगस्त से काम शुरू होने की उम्मीद है।
सेक्टर-8 और 11 के बाजार आसपास की बड़ी आबादी की रोजमर्रा की जरूरतों का प्रमुख केंद्र हैं। यहां कपड़े, किराना, खान-पान, मेडिकल स्टोर और अन्य जरूरी सामान की दुकानें हैं। आसपास के सेक्टरों और कॉलोनियों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। बाजारों में दिनभर ग्राहकों और वाहनों की आवाजाही रहती है। लेकिन लंबे समय से रखरखाव की कमी के कारण दोनों बाजारों की आधारभूत सुविधाएं कमजोर हुई हैं। कई जगह सड़कें टूट चुकी हैं और पैदल चलने के लिए बनी इंटरलॉकिंग टाइलें क्षतिग्रस्त हैं। फुटपाथ पर जगह-जगह अतिक्रमण होने से पैदल चलने वालों को सड़क पर चलना पड़ता है। इससे वाहन और पैदल यात्रियों के बीच टकराव का खतरा बना रहता है।
बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। जल निकासी व्यवस्था ठीक नहीं होने से कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। ग्राहकों को पानी से होकर दुकानों तक पहुंचना पड़ता है। दुकानदारों के सामने भी पानी जमा रहने से कारोबार प्रभावित होता है। लंबे समय तक जलभराव रहने से सड़क और टाइलों की स्थिति भी खराब होती जाती है।
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पार्किंग भी बाजारों की बड़ी समस्या है। सीमित जगह में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचने के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े होते हैं। कई जगह रेहड़ी-खोमचे लगने और अतिक्रमण के कारण उपलब्ध जगह और कम हो जाती है। इससे बाजार के अंदर जाम की स्थिति बनती है और लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है।
इन मार्केटों के विकास के लिए जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त निगम आयुक्त
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रेहड़ी-खोमचे वालों के लिए अलग स्थान तय करने की भी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सेक्टर-8 और 11 के बाजारों में खरीदारी करने आने वाले हजारों लोगों और यहां कारोबार करने वाले दुकानदारों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नगर निगम दोनों पुराने बाजारों का करीब दो करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास कराने जा रहा है। योजना के तहत जर्जर सड़कें दोबारा बनाई जाएंगी, इंटरलॉकिंग टाइलें लगेंगी, पैदल चलने के रास्ते सुधारे जाएंगे और बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा। पार्किंग को व्यवस्थित करने के साथ रेहड़ी-खोमचे वालों के लिए अलग स्थान तय करने की भी तैयारी है। नगर निगम के अनुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगस्त से काम शुरू होने की उम्मीद है।
सेक्टर-8 और 11 के बाजार आसपास की बड़ी आबादी की रोजमर्रा की जरूरतों का प्रमुख केंद्र हैं। यहां कपड़े, किराना, खान-पान, मेडिकल स्टोर और अन्य जरूरी सामान की दुकानें हैं। आसपास के सेक्टरों और कॉलोनियों से लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। बाजारों में दिनभर ग्राहकों और वाहनों की आवाजाही रहती है। लेकिन लंबे समय से रखरखाव की कमी के कारण दोनों बाजारों की आधारभूत सुविधाएं कमजोर हुई हैं। कई जगह सड़कें टूट चुकी हैं और पैदल चलने के लिए बनी इंटरलॉकिंग टाइलें क्षतिग्रस्त हैं। फुटपाथ पर जगह-जगह अतिक्रमण होने से पैदल चलने वालों को सड़क पर चलना पड़ता है। इससे वाहन और पैदल यात्रियों के बीच टकराव का खतरा बना रहता है।
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बारिश के दौरान समस्या और बढ़ जाती है। जल निकासी व्यवस्था ठीक नहीं होने से कई स्थानों पर पानी जमा हो जाता है। ग्राहकों को पानी से होकर दुकानों तक पहुंचना पड़ता है। दुकानदारों के सामने भी पानी जमा रहने से कारोबार प्रभावित होता है। लंबे समय तक जलभराव रहने से सड़क और टाइलों की स्थिति भी खराब होती जाती है।
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पार्किंग भी बाजारों की बड़ी समस्या है। सीमित जगह में बड़ी संख्या में वाहन पहुंचने के कारण सड़क किनारे वाहन खड़े होते हैं। कई जगह रेहड़ी-खोमचे लगने और अतिक्रमण के कारण उपलब्ध जगह और कम हो जाती है। इससे बाजार के अंदर जाम की स्थिति बनती है और लोगों को पैदल निकलने में भी परेशानी होती है।
इन मार्केटों के विकास के लिए जल्द काम शुरू कर दिया जाएगा ताकि लोगों को किसी प्रकार की समस्या न हो। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त निगम आयुक्त