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Faridabad News: कुत्ते के काटने के 20 दिन बाद किशोर की बिगड़ी तबीयत
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बीके अस्पताल में जांच के बाद लगाया गया एंटी रेबीज का इंजेक्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कुत्ते के काटने के करीब 20 दिन बाद 15 वर्षीय दिलजीत की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। राहगीर की सूचना पर पहुंची डायल-112 की टीम ने उसे बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बीके नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया। बीके अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे रेबीज का इंजेक्शन लगाया और आवश्यक उपचार दिया।
जानकारी के अनुसार दिलजीत मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से गुरुद्वारों में रह रहा है। करीब 20 दिन पहले आगरा में उसे एक कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उसने वहां रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के साथ दवाइयां भी ली थीं। मंगलवार को वह पलवल से बल्लभगढ़ की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीके नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जिले में कुत्ते के काटने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने और रेबीज की आशंका से जुड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 18 जुलाई को सराय ख्वाजा निवासी साहिल को परिजन बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ दिन पहले कुत्ते के काटने के बाद उसने एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी। बाद में उसका व्यवहार असामान्य हो गया और वह लोगों पर झपटने व उन्हें काटने की कोशिश करने लगा। स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने उसे काबू किया और हाथ-पैर बांधकर निजी एंबुलेंस से बीके अस्पताल पहुंचाया। रेबीज की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे निगरानी में रखकर उपचार किया और उसके संपर्क में आए लोगों को भी वैक्सीन लगवाने की सलाह दी।
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वहीं, 20 जुलाई को राजीव कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय बीना पर भी लावारिस कुत्ते ने हमला कर दिया था। मुल्ला होटल के पास हुए हमले में उनके पैर में गहरा घाव हो गया था। परिजन उन्हें बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां घाव की सफाई कर टांके लगाए गए और एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई। इसी दिन सात वर्षीय अहान को भी लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। उसे भी बीके अस्पताल में उपचार के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया।
इससे पहले सेक्टर-70 स्थित मलबेरी काउंटी सोसाइटी में भी 10 वर्षीय बच्चे पर लावारिस कुत्तों ने हमला किया था। हमले में बच्चे के शरीर पर करीब 15 जगह गंभीर घाव हुए थे और उसे 50 से अधिक टांके लगाए गए थे। घटना के विरोध में जून के आखिरी सप्ताह में स्थानीय निवासियों और बच्चों ने प्रदर्शन कर लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की थी।
रोजाना करीब 100 लोग लगवा रहे एंटी रेबीज वैक्सीन
जिले में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या के बीच कुत्ते के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीके नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 100 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों में बच्चों और युवाओं की संख्या भी शामिल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने के बाद समय पर वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह साफ करने की सलाह दी जाती है।
मामला संज्ञान में है। युवक को जरूरी उपचार दिया जा रहा है। हालांकि उसे कुत्ते के काटने के बाद समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए थी। किसी भी व्यक्ति को कुत्ता काटे तो घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार वैक्सीन और अन्य उपचार लेना चाहिए।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कुत्ते के काटने के करीब 20 दिन बाद 15 वर्षीय दिलजीत की रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। राहगीर की सूचना पर पहुंची डायल-112 की टीम ने उसे बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसे बीके नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया। बीके अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे रेबीज का इंजेक्शन लगाया और आवश्यक उपचार दिया।
जानकारी के अनुसार दिलजीत मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और पिछले कुछ समय से गुरुद्वारों में रह रहा है। करीब 20 दिन पहले आगरा में उसे एक कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उसने वहां रेबीज का इंजेक्शन लगवाने के साथ दवाइयां भी ली थीं। मंगलवार को वह पलवल से बल्लभगढ़ की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई और वह सड़क किनारे गिर पड़ा। वहां से गुजर रहे एक वाहन चालक ने डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और उसे बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बीके नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया।
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पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
जिले में कुत्ते के काटने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने और रेबीज की आशंका से जुड़े मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। 18 जुलाई को सराय ख्वाजा निवासी साहिल को परिजन बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ दिन पहले कुत्ते के काटने के बाद उसने एंटी रेबीज वैक्सीन नहीं लगवाई थी। बाद में उसका व्यवहार असामान्य हो गया और वह लोगों पर झपटने व उन्हें काटने की कोशिश करने लगा। स्थिति बिगड़ने पर स्थानीय लोगों ने उसे काबू किया और हाथ-पैर बांधकर निजी एंबुलेंस से बीके अस्पताल पहुंचाया। रेबीज की आशंका को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे निगरानी में रखकर उपचार किया और उसके संपर्क में आए लोगों को भी वैक्सीन लगवाने की सलाह दी।
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वहीं, 20 जुलाई को राजीव कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय बीना पर भी लावारिस कुत्ते ने हमला कर दिया था। मुल्ला होटल के पास हुए हमले में उनके पैर में गहरा घाव हो गया था। परिजन उन्हें बीके नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां घाव की सफाई कर टांके लगाए गए और एंटी रेबीज वैक्सीन दी गई। इसी दिन सात वर्षीय अहान को भी लावारिस कुत्ते ने काट लिया था। उसे भी बीके अस्पताल में उपचार के बाद एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाया गया।
इससे पहले सेक्टर-70 स्थित मलबेरी काउंटी सोसाइटी में भी 10 वर्षीय बच्चे पर लावारिस कुत्तों ने हमला किया था। हमले में बच्चे के शरीर पर करीब 15 जगह गंभीर घाव हुए थे और उसे 50 से अधिक टांके लगाए गए थे। घटना के विरोध में जून के आखिरी सप्ताह में स्थानीय निवासियों और बच्चों ने प्रदर्शन कर लावारिस कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की थी।
रोजाना करीब 100 लोग लगवा रहे एंटी रेबीज वैक्सीन
जिले में लावारिस कुत्तों की बढ़ती संख्या के बीच कुत्ते के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। बीके नागरिक अस्पताल में रोजाना करीब 100 लोग कुत्ते के काटने के बाद एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों में बच्चों और युवाओं की संख्या भी शामिल है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुत्ते के काटने के बाद समय पर वैक्सीन लगवाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह साफ करने की सलाह दी जाती है।
मामला संज्ञान में है। युवक को जरूरी उपचार दिया जा रहा है। हालांकि उसे कुत्ते के काटने के बाद समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए थी। किसी भी व्यक्ति को कुत्ता काटे तो घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए और बिना देरी किए अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर की सलाह के अनुसार वैक्सीन और अन्य उपचार लेना चाहिए।-डॉ. विकास गोयल, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी