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Faridabad News: ग्रीन बेल्ट में शराब ठेके और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर एनजीटी सख्त
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हरियाणा के मुख्य सचिव से चार सप्ताह में मांगी कार्रवाई रिपोर्ट
फरीदाबाद नगर निगम से भी पूछा-ग्रीन बेल्ट से हटाया गया प्रतिष्ठान या नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) में शराब ठेके, अहाते और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने हरियाणा के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि जिन प्रतिष्ठानों के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, उनकी स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रतिष्ठान ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण कर संचालित न हो। एनजीटी ने मुख्य सचिव से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि संबंधित विभागों ने कई प्रतिष्ठानों के संचालन, उनके अधिकार क्षेत्र और जिस जमीन पर वे संचालित हो रहे हैं, उसके स्वामित्व से जुड़ी पूरी जानकारी अधिकरण को नहीं दी है। इस पर एनजीटी ने मुख्य सचिव को मामले को गंभीरता से देखने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ग्रीन बेल्ट पर किसी तरह का अतिक्रमण या अवैध संचालन न हो।
फरीदाबाद नगर निगम के जवाब पर भी उठे सवाल
एनजीटी के आदेश में फरीदाबाद नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से जुड़े एक प्रतिष्ठान का भी उल्लेख किया गया है। नगर निगम ने अपने जवाब में बताया कि संबंधित प्रतिष्ठान ग्रीन बेल्ट में संचालित हो रहा था और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। हालांकि, अधिकरण ने कहा कि निगम के जवाब में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कार्रवाई कब की गई और क्या संबंधित प्रतिष्ठान को वास्तव में ग्रीन बेल्ट से हटा दिया गया है। एनजीटी ने इस संबंध में नगर निगम और संबंधित विभागों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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बिना अनुमति संचालन की अवधि पता लगाएगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
एनजीटी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को निर्देश दिए हैं कि ग्रीन बेल्ट पर बिना जरूरी अनुमति और प्राधिकरण के संचालित रहे निजी प्रतिष्ठानों की अवधि का पता लगाया जाए। इसके बाद नियमों के तहत पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने के लिए उचित कार्रवाई करने को कहा गया है। बोर्ड को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपनी कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
वन भूमि पर संचालन को लेकर भी मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान वन भूमि पर संचालित कुछ प्रतिष्ठानों का मामला भी सामने आया। एनजीटी ने संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण मांगा कि वन संरक्षण कानून के तहत आवश्यक डायवर्जन की अनुमति के बिना वन भूमि पर प्रतिष्ठान किस तरह संचालित हो रहे थे। वहीं, कुछ अन्य मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों को हटाए जाने और भूमि आवंटन निरस्त किए जाने की जानकारी अधिकरण को दी गई।
पुराने अतिक्रमण की भी होगी जांच
एनजीटी ने ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण कर पहले संचालित रहे निजी प्रतिष्ठानों के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एचएसपीसीबी को यह पता लगाने को कहा गया है कि संबंधित प्रतिष्ठान कितने समय तक बिना आवश्यक अनुमति के ग्रीन बेल्ट पर संचालित रहे। इस अवधि के आधार पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने की कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के आदेश के बाद फरीदाबाद में ग्रीन बेल्ट पर संचालित शराब ठेकों, अहातों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर संबंधित विभागों को अब अपनी कार्रवाई और स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।
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फरीदाबाद नगर निगम से भी पूछा-ग्रीन बेल्ट से हटाया गया प्रतिष्ठान या नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) में शराब ठेके, अहाते और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अधिकरण ने हरियाणा के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि जिन प्रतिष्ठानों के संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है, उनकी स्थिति की जांच कराई जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रतिष्ठान ग्रीन बेल्ट में अतिक्रमण कर संचालित न हो। एनजीटी ने मुख्य सचिव से चार सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि संबंधित विभागों ने कई प्रतिष्ठानों के संचालन, उनके अधिकार क्षेत्र और जिस जमीन पर वे संचालित हो रहे हैं, उसके स्वामित्व से जुड़ी पूरी जानकारी अधिकरण को नहीं दी है। इस पर एनजीटी ने मुख्य सचिव को मामले को गंभीरता से देखने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ग्रीन बेल्ट पर किसी तरह का अतिक्रमण या अवैध संचालन न हो।
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फरीदाबाद नगर निगम के जवाब पर भी उठे सवाल
एनजीटी के आदेश में फरीदाबाद नगर निगम के अधिकार क्षेत्र से जुड़े एक प्रतिष्ठान का भी उल्लेख किया गया है। नगर निगम ने अपने जवाब में बताया कि संबंधित प्रतिष्ठान ग्रीन बेल्ट में संचालित हो रहा था और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई है। हालांकि, अधिकरण ने कहा कि निगम के जवाब में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कार्रवाई कब की गई और क्या संबंधित प्रतिष्ठान को वास्तव में ग्रीन बेल्ट से हटा दिया गया है। एनजीटी ने इस संबंध में नगर निगम और संबंधित विभागों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
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बिना अनुमति संचालन की अवधि पता लगाएगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
एनजीटी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को निर्देश दिए हैं कि ग्रीन बेल्ट पर बिना जरूरी अनुमति और प्राधिकरण के संचालित रहे निजी प्रतिष्ठानों की अवधि का पता लगाया जाए। इसके बाद नियमों के तहत पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने के लिए उचित कार्रवाई करने को कहा गया है। बोर्ड को अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपनी कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।
वन भूमि पर संचालन को लेकर भी मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान वन भूमि पर संचालित कुछ प्रतिष्ठानों का मामला भी सामने आया। एनजीटी ने संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण मांगा कि वन संरक्षण कानून के तहत आवश्यक डायवर्जन की अनुमति के बिना वन भूमि पर प्रतिष्ठान किस तरह संचालित हो रहे थे। वहीं, कुछ अन्य मामलों में संबंधित प्रतिष्ठानों को हटाए जाने और भूमि आवंटन निरस्त किए जाने की जानकारी अधिकरण को दी गई।
पुराने अतिक्रमण की भी होगी जांच
एनजीटी ने ग्रीन बेल्ट पर अतिक्रमण कर पहले संचालित रहे निजी प्रतिष्ठानों के मामले में भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एचएसपीसीबी को यह पता लगाने को कहा गया है कि संबंधित प्रतिष्ठान कितने समय तक बिना आवश्यक अनुमति के ग्रीन बेल्ट पर संचालित रहे। इस अवधि के आधार पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने की कार्रवाई की जाएगी। एनजीटी के आदेश के बाद फरीदाबाद में ग्रीन बेल्ट पर संचालित शराब ठेकों, अहातों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर संबंधित विभागों को अब अपनी कार्रवाई और स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी।