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Faridabad News: झील परिसर परिसर, प्रमुख मार्गों और पार्कों में आयरन बेंचें लगाई जाएंगी
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1.50 करोड़ से होंगे सौंदर्यीकरण कार्य, योजना के अनुसार कार्य 15 महीने में पूरा किया जाना है
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद की पहचान मानी जाने वाली बड़खल झील और उसके आसपास का क्षेत्र अब नए स्वरूप में नजर आ सकता है। नगर निगम फरीदाबाद ने बड़खल विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाने के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। इसके तहत झील परिसर, प्रमुख मार्गों और पार्कों में विक्टोरियन शैली की कास्ट आयरन बेंचें लगाई जाएंगी। योजना के अनुसार कार्य 15 महीने में पूरा किया जाना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बड़खल झील लंबे समय से फरीदाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल रही है। दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग यहां सुबह-शाम सैर, प्राकृतिक वातावरण और अवकाश बिताने के लिए पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में झील के पुनर्जीवन और आसपास के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर करीब 100 करोड़ की लागत से काम चल रहा है। अब नगर निगम की यह परियोजना उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है जिसमें पर्यटकों के लिए बैठने और विश्राम की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
नगर निगम के अनुसार परियोजना के तहत लगाई जाने वाली कास्ट आयरन बेंच अपेक्षाकृत अधिक टिकाऊ होंगी और सार्वजनिक उपयोग के लिहाज से लंबे समय तक चल सकेंगी। इन्हें झील परिसर के अलावा उन स्थानों पर भी लगाया जाएगा, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।
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स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ
बड़खल क्षेत्र के निवासी लंबे समय से सार्वजनिक बैठने की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे थे। सुबह की सैर करने वाले बुजुर्ग, परिवार और बच्चे अक्सर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत करते रहे हैं। नई बेंचें लगने से इन वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि परियोजना की सफलता केवल बेंच लगाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि रखरखाव नियमित नहीं हुआ तो सार्वजनिक संपत्ति जल्दी खराब हो सकती है। नागरिकों का सुझाव है कि साफ-सफाई, कूड़ेदान, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।
इस परियोजना को लेकर प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जल्द जमीनी स्तर पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। फरीदाबाद की पहचान मानी जाने वाली बड़खल झील और उसके आसपास का क्षेत्र अब नए स्वरूप में नजर आ सकता है। नगर निगम फरीदाबाद ने बड़खल विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं और सौंदर्यीकरण को बेहतर बनाने के लिए करीब 1.50 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। इसके तहत झील परिसर, प्रमुख मार्गों और पार्कों में विक्टोरियन शैली की कास्ट आयरन बेंचें लगाई जाएंगी। योजना के अनुसार कार्य 15 महीने में पूरा किया जाना है। अधिकारियों का मानना है कि इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बड़खल झील लंबे समय से फरीदाबाद के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल रही है। दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में लोग यहां सुबह-शाम सैर, प्राकृतिक वातावरण और अवकाश बिताने के लिए पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में झील के पुनर्जीवन और आसपास के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर करीब 100 करोड़ की लागत से काम चल रहा है। अब नगर निगम की यह परियोजना उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है जिसमें पर्यटकों के लिए बैठने और विश्राम की सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई है।
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नगर निगम के अनुसार परियोजना के तहत लगाई जाने वाली कास्ट आयरन बेंच अपेक्षाकृत अधिक टिकाऊ होंगी और सार्वजनिक उपयोग के लिहाज से लंबे समय तक चल सकेंगी। इन्हें झील परिसर के अलावा उन स्थानों पर भी लगाया जाएगा, जहां लोगों की आवाजाही अधिक रहती है।
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स्थानीय लोगों को भी मिलेगा लाभ
बड़खल क्षेत्र के निवासी लंबे समय से सार्वजनिक बैठने की बेहतर व्यवस्था की मांग कर रहे थे। सुबह की सैर करने वाले बुजुर्ग, परिवार और बच्चे अक्सर पर्याप्त बैठने की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत करते रहे हैं। नई बेंचें लगने से इन वर्गों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि स्थानीय नागरिकों का कहना है कि परियोजना की सफलता केवल बेंच लगाने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यदि रखरखाव नियमित नहीं हुआ तो सार्वजनिक संपत्ति जल्दी खराब हो सकती है। नागरिकों का सुझाव है कि साफ-सफाई, कूड़ेदान, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाए।
इस परियोजना को लेकर प्राथमिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है जल्द जमीनी स्तर पर भी काम शुरू कर दिया जाएगा। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम