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Faridabad News: नेहरू कॉलेज की छह मंजिला नई इमारत तैयार, स्मार्ट कैंपस बनाने की कवायद
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32 करोड़ से किया गया है निर्माण, टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार महीने में उपकरण खरीदने का लक्ष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय की नई छह मंजिला इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है । अब इसे आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हरियाणा लोक निर्माण विभाग ने योजना के तहत कॉलेज को स्मार्ट कैंपस के रूप में विकसित करने की प्रशासनिक कवायद शुरू कर दी है।
करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह नई इमारत न केवल कॉलेज की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि डिजिटल शिक्षा के लिहाज से भी इसे जिले के प्रमुख सरकारी संस्थानों में शामिल कर देगी। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी उपकरणों की खरीद और स्थापना का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तकनीकी सुविधाओं पर फोकस
लंबे समय से निर्माणाधीन रही कॉलेज की नई बिल्डिंग का सिविल वर्क हाल ही में पूरा हुआ है। इसके बाद अब प्रशासनिक स्तर पर अगला चरण शुरू किया गया है, जिसमें कक्षाओं और लेक्चर थिएटर को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार कक्षाओं में 75 इंच के फॉर के इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल लगाए जाएंगे। इसके साथ डिजिटल पोडियम और उन्नत लेक्चर रिकॉर्डिंग सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे। इससे शिक्षक प्रेजेंटेशन आधारित पढ़ाई कर सकेंगे और छात्रों को विजुअल माध्यम से विषय समझने में आसानी होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था पारंपरिक ब्लैक बोर्ड आधारित पढ़ाई को डिजिटल लर्निंग मॉडल में बदलने की दिशा में कदम है।
डिजिटल पोडियम और रिकॉर्डिंग सिस्टम से बदलेगी पढ़ाई
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक प्रमुख कक्षा में डिजिटल पोडियम लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से शिक्षक सीधे डिजिटल स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन, ग्राफिक्स और वीडियो के जरिए विषय समझा सकेंगे। इसके अलावा लेक्चर रिकॉर्डिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिसमें हाई-क्वालिटी कैमरे और वायरलेस ऑडियो सिस्टम शामिल होंगे। इससे पूरे लेक्चर को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। रिकॉर्ड किए गए लेक्चर को डिजिटल लाइब्रेरी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे अनुपस्थित छात्र भी बाद में पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और फायर अलार्म सिस्टम
नई बिल्डिंग में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार पूरे परिसर में पीडीजी सीसीटीवी कैमरा सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार, कॉरिडोर और महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी की जा सकेगी। तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना के लिए 18 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके बाद 19 मार्च को तकनीकी बिड का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ ही इमारत में अत्याधुनिक फायर अलार्म सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चेतावनी मिल सके और समय रहते बचाव किया जा सके।
26 करोड़ से शुरू हुई परियोजना, 32 करोड़ में पूरी
नेहरू कॉलेज की नई बिल्डिंग का निर्माण कई वर्षों तक बजट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अटका रहा। शुरुआत में इस परियोजना की लागत करीब 26 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन निर्माण लागत बढ़ने और अन्य कारणों से काम धीमा पड़ गया। हाल ही में राज्य सरकार ने छह करोड़ 48 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया, जिसके बाद निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा सका। अब लगभग 32 करोड़ रुपये की कुल लागत से छह मंजिला यह भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह भवन फरीदाबाद के सरकारी कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के लिहाज से सबसे आधुनिक परिसरों में से एक होगा।
नई इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब इसे स्मार्ट कैंपस बनाने के लिए तकनीकी सुविधाएं स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - प्रकाश लाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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फरीदाबाद। सेक्टर-16 स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय की नई छह मंजिला इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है । अब इसे आधुनिक डिजिटल सुविधाओं से लैस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हरियाणा लोक निर्माण विभाग ने योजना के तहत कॉलेज को स्मार्ट कैंपस के रूप में विकसित करने की प्रशासनिक कवायद शुरू कर दी है।
करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई यह नई इमारत न केवल कॉलेज की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि डिजिटल शिक्षा के लिहाज से भी इसे जिले के प्रमुख सरकारी संस्थानों में शामिल कर देगी। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी उपकरणों की खरीद और स्थापना का काम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
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अब तकनीकी सुविधाओं पर फोकस
लंबे समय से निर्माणाधीन रही कॉलेज की नई बिल्डिंग का सिविल वर्क हाल ही में पूरा हुआ है। इसके बाद अब प्रशासनिक स्तर पर अगला चरण शुरू किया गया है, जिसमें कक्षाओं और लेक्चर थिएटर को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। प्रस्ताव के अनुसार कक्षाओं में 75 इंच के फॉर के इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल लगाए जाएंगे। इसके साथ डिजिटल पोडियम और उन्नत लेक्चर रिकॉर्डिंग सिस्टम भी स्थापित किए जाएंगे। इससे शिक्षक प्रेजेंटेशन आधारित पढ़ाई कर सकेंगे और छात्रों को विजुअल माध्यम से विषय समझने में आसानी होगी। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था पारंपरिक ब्लैक बोर्ड आधारित पढ़ाई को डिजिटल लर्निंग मॉडल में बदलने की दिशा में कदम है।
डिजिटल पोडियम और रिकॉर्डिंग सिस्टम से बदलेगी पढ़ाई
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक प्रमुख कक्षा में डिजिटल पोडियम लगाए जाएंगे। इनके माध्यम से शिक्षक सीधे डिजिटल स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन, ग्राफिक्स और वीडियो के जरिए विषय समझा सकेंगे। इसके अलावा लेक्चर रिकॉर्डिंग सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिसमें हाई-क्वालिटी कैमरे और वायरलेस ऑडियो सिस्टम शामिल होंगे। इससे पूरे लेक्चर को रिकॉर्ड किया जा सकेगा। रिकॉर्ड किए गए लेक्चर को डिजिटल लाइब्रेरी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे अनुपस्थित छात्र भी बाद में पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। यह सुविधा विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है।
सुरक्षा के लिए सीसीटीवी और फायर अलार्म सिस्टम
नई बिल्डिंग में सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। प्रस्ताव के अनुसार पूरे परिसर में पीडीजी सीसीटीवी कैमरा सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार, कॉरिडोर और महत्वपूर्ण स्थानों की निगरानी की जा सकेगी। तकनीकी उपकरणों की आपूर्ति और स्थापना के लिए 18 मार्च 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इसके बाद 19 मार्च को तकनीकी बिड का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके साथ ही इमारत में अत्याधुनिक फायर अलार्म सिस्टम भी लगाया जाएगा, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चेतावनी मिल सके और समय रहते बचाव किया जा सके।
26 करोड़ से शुरू हुई परियोजना, 32 करोड़ में पूरी
नेहरू कॉलेज की नई बिल्डिंग का निर्माण कई वर्षों तक बजट और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण अटका रहा। शुरुआत में इस परियोजना की लागत करीब 26 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन निर्माण लागत बढ़ने और अन्य कारणों से काम धीमा पड़ गया। हाल ही में राज्य सरकार ने छह करोड़ 48 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया, जिसके बाद निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा सका। अब लगभग 32 करोड़ रुपये की कुल लागत से छह मंजिला यह भवन पूरी तरह तैयार हो चुका है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह भवन फरीदाबाद के सरकारी कॉलेजों में बुनियादी ढांचे के लिहाज से सबसे आधुनिक परिसरों में से एक होगा।
नई इमारत का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब इसे स्मार्ट कैंपस बनाने के लिए तकनीकी सुविधाएं स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। - प्रकाश लाल, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग