सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Now common people will protect Aravalli by becoming eco warriors.

Faridabad News: अब ईको वॉरियर बनकर आम लोग करेंगे अरावली की रक्षा

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
Now common people will protect Aravalli by becoming eco warriors.
फरीदाबाद अरावली में वन विभाग ने चेतावनी बोर्ड लगाकर बढ़ाई निगरानी। स्रोत: वन विभाग।
विज्ञापन
अवैध खनन, पेड़ों की कटाई और कचरा फेंकने वालों पर सीधी नजर, जारी किया हेल्पलाइन नंबर
Trending Videos

संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले की लाइफलाइन कहे जाने वाले अरावली के जंगलों को भू-माफिया, अवैध खनन और प्रदूषण फैलाने वालों से बचाने के लिए वन विभाग ने एक निर्णायक मुहिम शुरू की है। अब अरावली की सुरक्षा केवल वन रक्षकों के भरोसे नहीं रहेगी, बल्कि शहर का हर जागरूक नागरिक ईको वॉरियर बनकर इसकी रक्षा की जिम्मेदारी उठाएगा। जिला वन अधिकारी (डीएफओ) झलकार उयके के नेतृत्व में विभाग ने जंगलों के संवेदनशील रास्तों और मुख्य प्रवेश द्वारों पर विशेष सूचना और चेतावनी बोर्ड स्थापित कर निगरानी तंत्र को और मजबूत कर दिया है।

अरावली का एक बड़ा हिस्सा पंजाब भू-संरक्षण अधिनियम (पीएलपीए) 1900 की धारा चार और पांच के तहत संरक्षित है। कानूनन इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गैर-वानिकी गतिविधि जैसे निर्माण, खुदाई या पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध है। इसके बावजूद, भू-माफिया द्वारा अवैध कब्जे, चोरी-छिपे माइनिंग और रात के अंधेरे में व्यावसायिक कचरा व निर्माण सामग्री (मलबा) डंप करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इससे न केवल अरावली की प्राकृतिक सुंदरता नष्ट हो रही थी, बल्कि वहां रहने वाले वन्य जीवों के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


वन विभाग ने इस समस्या के समाधान के लिए जनता की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का कदम उठाया है। अरावली के रास्तों पर लगाए गए बोर्डों पर विभाग का आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर 0129-2286760 प्रमुखता से अंकित किया गया है। विभाग की योजना है कि यदि कोई भी नागरिक जंगल के भीतर किसी संदिग्ध गतिविधि, अवैध माइनिंग या कचरा फेंकते हुए किसी वाहन को देखता है, तो वह तुरंत इस नंबर पर सूचना दे सके। सूचना मिलते ही विभाग की क्विक रिस्पांस टीम मौके पर पहुंचकर त्वरित कार्रवाई करेगी। अरावली का विस्तार हजारों एकड़ में फैला हुआ है, जिसके कारण हर कोने पर 24 घंटे वन कर्मियों की तैनाती करना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य है।
------------------
अरावली एक विशाल भौगोलिक क्षेत्र है, इसलिए तकनीक और जन-सहयोग के बिना इसकी पूर्ण सुरक्षा संभव नहीं है। आम लोगों को ईको वॉरियर के रूप में जोड़कर विभाग अपनी आंखों और कानों का विस्तार कर रहा है। इससे न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि पर्यावरण के प्रति लोगों में जिम्मेदारी का भाव भी जगेगा।-झलकार उयके, डीएफओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed