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Faridabad News: विधायकों की क्रास वोटिंग पर नूंह की राजनीति गरमाई

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:44 AM IST
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Nuh politics heats up over cross-voting by MLAs
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-जिले में बन सकते है नए समीकरण, प्रकरण में जिले के दो विधायकों के भी नाम
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दिनेश देशवाल



नूंह। राज्यसभा के लिए हुई वोटिंग में जहां प्रदेश की राजनीति इन दिनों खूब गर्माई हुई है, वहीं जिले की राजनीति में भी बड़े बदलाव के कयास लगाए जा रहे है। कांग्रेस के जिन पांच विधायकों ने क्रास वोटिंग की है। इनमें मेवात क्षेत्र के भी दो विधायकों के नाम भी लिए जा रहे है। एक विधायक नूंह जिले का तथा एक विधायक पलवल के मेवात क्षेत्र का बताया जा रहा है।
नूंह जिले की पुन्हाना विधानसभा से विधायक मोहम्मद इलियास को लेकर चर्चाएं ज्यादा सुर्खियों में है। इतना ही नहीं विधायक पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ मिलकर खेला करने की बात भी कही जा रही है। इस सब के बीच मेवात की राजनीति में नई चर्चाएं शुरु हो गई है। बता दें कि जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी होकर विधानसभा पहुंचे थे। इनमें से विधायक मोहम्मद इलियास पर राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग का आरोप लग रहा है। चर्चाएं है कि विधायक की तबीयत इन दिनों ठीक नहीं चल रही है तथा उम्र भी काफी हो गई है।
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क्रास वोटिंग के चलते कांग्रेस इन विधायकों के निलंबन की प्रक्रिया अमल में ला सकती है। दूसरी तरफ कयास यह भी लगाया जा रहा है कि विधायक भी अपनी स्वास्थ्य मजबूरी के चलते इस्तीफा दे सकते है और भाजपा से अपने बेटे के लिए टिकट ला सकते है। पिछले लंबे समय से उनका बेटा भी सक्रिय राजनीति में खूब समय लगा रहा है। राजनीतिक जानकारों की माने तो विधायक अपनी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए यह दांव खेल रहे है।
मुस्लिम वोटरों को रिझाना रहेगा बड़ी चुनौती :
बताया जा रहा है कि विधायक मोहम्मद इलियास की छवि हिंदू वोटरों में अच्छी है और भाजपा की टिकट पर ज्यादातर हिंदू वोट उनके पक्ष में जा सकती है। लेकिन इसके विपरित मुस्लिम वोटरों को रिझाना विधायक और उनके बेटे के लिए एक बड़ी चुनौती हो सकती है। अब तक के राजनीतिक इतिहास को देखा जाए तो मेवात का मुस्लिम वोटर भाजपा को वोट देने में काफी कंजूसी बरतता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मेवात के एक बड़े नेता ने भाजपा में जाकर अपना राजनीतिक सफर लगभग समाप्त कर लिया है। ऐसे में यदि वर्तमान विधायक यह दांव खेलते है और मुस्लिम वोटरों को रिझाने में नाकामयाब होते है तो मेवात के एक और बड़े राजनीतिक परिवार की राजनीति हाशिए पर जा सकती है।

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पांच बार विधायक तो दो बार रहे हैं मंत्री :
मोहम्मद इलियास पांच बार विधायक व दो बार हरियाणा सरकार में मंत्री रह चुके है, वहीं इनके पिता स्व. चौधरी रहीम खान कांग्रेस पार्टी से फरीदाबाद लोकसभा से सांसद (1984 - 1987) तथा 3 बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य के रूप में चुनें गए और हरियाणा सरकार में ऊर्जा मंत्री, कृषि मंत्री, वक्फ मंत्री और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री के रूप में भी कार्य किया। तो इनके एक भाई नूंह से निर्दलीय विधायक बनकर हुड्डा सरकार के कार्यकाल में मेवात के विकास को गति देने में काफी आगे रहे थे। ऐसे में मोहम्मद इलियास मेवात के तीन बड़े राजनीति घरानों में से एक है और उम्र व बीमारी के चलते अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करने के लिए उन्होंने यह दांव चला है।
भाजपा को मिलेगी मजबूती :
भले ही भाजपा जिले में वोट लेने में कमजोर साबित हो रही हो, लेकिन राजनीति के धुरंधरों की बात की जाए तो आज एक बड़ी जमात भाजपा के पास है। नूंह से पूर्व विधायक जाकिर हुसैन, फिरोजपुर झिरका से पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद, नूंह जिला परिषद चेयरमैन जान मोहम्मद के अलावा अनेक छुटभैया मुस्लिम नेता भाजपा का झंड़ा उठाए हुए है। पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास के भाजपा में शामिल होने से पुनहाना विधानसभा में भी भाजपा को बड़ी मजबूती मिलेगी।इस बारे में विधायक से भी संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी।
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