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Faridabad News: मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर 30.20 लाख की ठगी में एक गिरफ्तार
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साइबर थाना एनआईटी की टीम ने दिल्ली निवासी खाताधारक को पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर 30.20 लाख रुपये की ठगी के मामले में खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी को साइबर थाना एनआईटी की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आयुष (23) निवासी गुरु हरिकिशन नगर दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार एनआईटी क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 जून 2025 को उसे एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कहा कि उसके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है तथा आपको डिजिटल अरेस्ट किया गया है। इसके बाद एक अन्य नंबर से वीडियो कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया गया और महिला को डिजिटल अरेस्ट में होने की बात कहकर डराया गया।
ठगों ने महिला को बताया कि वह जेट एयरवेज मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी है और केस निपटाने के लिए 6.80 करोड़ रुपये की मांग की गई। साथ ही धमकी दी गई कि किसी से संपर्क न करे और पूरी कार्रवाई वीडियो कॉल के माध्यम से ही चलेगी। डर के कारण महिला ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 30 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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मामले की जांच में सामने आया कि आरोपी आयुष ने खाताधारक मनीष का बैंक खाता पहले गौरव से लेकर विकास को उपलब्ध कराया था, जिसमें ठगी की रकम प्राप्त हुई। पुलिस के अनुसार आयुष, गौरव और विकास आपस में दोस्त हैं और संगठित तरीके से खातों की सप्लाई करते थे।
आयुष दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है और पूर्व में भी मुंबई पुलिस से जुड़े एक साइबर अपराध मामले में लगभग 10 महीने जेल में रह चुका है। इस मामले में खाताधारक मनीष सहित तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर 30.20 लाख रुपये की ठगी के मामले में खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी को साइबर थाना एनआईटी की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान आयुष (23) निवासी गुरु हरिकिशन नगर दिल्ली के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार एनआईटी क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 जून 2025 को उसे एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया और कहा कि उसके खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है तथा आपको डिजिटल अरेस्ट किया गया है। इसके बाद एक अन्य नंबर से वीडियो कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी बताया गया और महिला को डिजिटल अरेस्ट में होने की बात कहकर डराया गया।
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ठगों ने महिला को बताया कि वह जेट एयरवेज मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी है और केस निपटाने के लिए 6.80 करोड़ रुपये की मांग की गई। साथ ही धमकी दी गई कि किसी से संपर्क न करे और पूरी कार्रवाई वीडियो कॉल के माध्यम से ही चलेगी। डर के कारण महिला ने आरोपियों द्वारा बताए गए बैंक खाते में आरटीजीएस के माध्यम से 30 लाख 20 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
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आयुष दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त का काम करता है और पूर्व में भी मुंबई पुलिस से जुड़े एक साइबर अपराध मामले में लगभग 10 महीने जेल में रह चुका है। इस मामले में खाताधारक मनीष सहित तीन अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।