{"_id":"69f2421f13b4ebddea06e04e","slug":"over-17000-electric-vehicles-in-the-district-not-a-single-public-charging-station-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-68752-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: जिले में 17 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन, एक भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: जिले में 17 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन, एक भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन नहीं
विज्ञापन
विज्ञापन
लोग घरों में चार्जिंग को मजबूर, बिजली लोड बढ़ने और ओवर चार्जिंग से आग लगने जैसी घटनाओं का रहता है खतरा
100 से अधिक स्टेशन लगाने की नई योजना, 200 इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी तैयार होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को पर्यावरण सुधार का अहम जरिया माना जा रहा है लेकिन बुनियादी ढांचा अब भी नदारद है। जिले में 17 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर हैं जिनमें 11 हजार निजी कार और दोपहिया तथा करीब 6 हजार व्यावसायिक ई-रिक्शा और तिपहिया शामिल हैं लेकिन इनके लिए एक भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं है। नतीजतन लोग घरों और सोसाइटियों में ही वाहनों को चार्ज कर रहे हैं जिससे बिजली लोड बढ़ने और ओवर चार्जिंग से आग जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
फरीदाबाद लंबे समय से एनसीआर के प्रदूषित शहरों में गिना जाता रहा है। यहां औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ बड़ी संख्या में डीजल और पेट्रोल वाहन भी प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक संकेत है लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण इसका पूरा पर्यावरणीय लाभ नहीं मिल पा रहा। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क विकसित नहीं होगा तब तक लोग बड़े पैमाने पर ईवी अपनाने से हिचकेंगे और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता बनी रहेगी।
पुरानी योजना अधूरी, एक साल की तैयारी बेअसर
नगर निगम ने चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना पहले भी तैयार की थी। विधानसभा चुनाव से पहले 16 स्थानों को चिन्हित कर लिया गया था और केंद्र की एजेंसी के साथ मिलकर शर्तों और नियमों पर भी काम हो चुका था। योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन के साथ फूड कोर्ट और अन्य सुविधाएं विकसित करने की भी तैयारी थी ताकि लोग वाहन चार्ज होने के दौरान समय का उपयोग कर सकें। संबंधित एजेंसियों के साथ बातचीत भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी और राजस्व साझेदारी का मॉडल तय कर लिया गया था जिसमें निगम को करीब 50 प्रतिशत हिस्सा मिलना था। इसके बावजूद फाइलें करीब एक साल तक अटकी रहीं और योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अंत में इसे रद्द कर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी जिससे पूरा काम फिर शुरुआती स्तर पर आ गया।
नई योजना में 100 से अधिक चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य
अब नगर निगम ने चार्जिंग स्टेशन के लिए नई योजना तैयार की है जिसके तहत शहर में 100 से अधिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए निगम अपनी जमीन के साथ-साथ एचएसवीपी और फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की जमीन का भी उपयोग करेगा। बड़े बाजारों, व्यस्त सड़कों, सरकारी कार्यालयों और कॉलेज परिसरों को प्राथमिकता में रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। चार्जिंग स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ फूड स्टॉल भी विकसित करने की योजना है जिससे यह जगहें उपयोगी और आकर्षक बन सकें।
आठ एजेंसियां आगे आईं, जल्द टेंडर प्रक्रिया
इस परियोजना में निवेश और संचालन को लेकर करीब आठ एजेंसियों ने रुचि दिखाई है और निगम आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठकों में अपनी प्रेजेंटेशन भी दी है। एजेंसियों ने यह भी बताया है कि वे किस प्रकार का राजस्व मॉडल अपनाएंगी और निगम को कितना हिस्सा देंगी। अब निगम इन प्रस्तावों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा और अंतिम एजेंसी का चयन करेगा। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दो से तीन महीनों में जमीन पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
200 इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगी चार्जिंग की मांग
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से 200 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सेक्टर-61 में करीब पांच एकड़ में बस डिपो बनाने की योजना है जहां इन बसों की चार्जिंग व्यवस्था करनी होगी। यदि समय रहते चार्जिंग नेटवर्क तैयार नहीं हुआ तो सार्वजनिक परिवहन के इस हरित मॉडल को लागू करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
शहर की आबादी को देखते हुए 100 से अधिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। एजेंसियों के साथ मीटिंग में सभी के प्रस्ताव ले लिए गए हैं।-
नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
Trending Videos
100 से अधिक स्टेशन लगाने की नई योजना, 200 इलेक्ट्रिक बसों के लिए भी तैयार होगा इंफ्रास्ट्रक्चर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक शहर फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को पर्यावरण सुधार का अहम जरिया माना जा रहा है लेकिन बुनियादी ढांचा अब भी नदारद है। जिले में 17 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर हैं जिनमें 11 हजार निजी कार और दोपहिया तथा करीब 6 हजार व्यावसायिक ई-रिक्शा और तिपहिया शामिल हैं लेकिन इनके लिए एक भी सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध नहीं है। नतीजतन लोग घरों और सोसाइटियों में ही वाहनों को चार्ज कर रहे हैं जिससे बिजली लोड बढ़ने और ओवर चार्जिंग से आग जैसी घटनाओं का खतरा बना हुआ है।
फरीदाबाद लंबे समय से एनसीआर के प्रदूषित शहरों में गिना जाता रहा है। यहां औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ बड़ी संख्या में डीजल और पेट्रोल वाहन भी प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक संकेत है लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी के कारण इसका पूरा पर्यावरणीय लाभ नहीं मिल पा रहा। विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क विकसित नहीं होगा तब तक लोग बड़े पैमाने पर ईवी अपनाने से हिचकेंगे और पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता बनी रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरानी योजना अधूरी, एक साल की तैयारी बेअसर
नगर निगम ने चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना पहले भी तैयार की थी। विधानसभा चुनाव से पहले 16 स्थानों को चिन्हित कर लिया गया था और केंद्र की एजेंसी के साथ मिलकर शर्तों और नियमों पर भी काम हो चुका था। योजना के तहत चार्जिंग स्टेशन के साथ फूड कोर्ट और अन्य सुविधाएं विकसित करने की भी तैयारी थी ताकि लोग वाहन चार्ज होने के दौरान समय का उपयोग कर सकें। संबंधित एजेंसियों के साथ बातचीत भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी और राजस्व साझेदारी का मॉडल तय कर लिया गया था जिसमें निगम को करीब 50 प्रतिशत हिस्सा मिलना था। इसके बावजूद फाइलें करीब एक साल तक अटकी रहीं और योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अंत में इसे रद्द कर नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी पड़ी जिससे पूरा काम फिर शुरुआती स्तर पर आ गया।
नई योजना में 100 से अधिक चार्जिंग स्टेशन का लक्ष्य
अब नगर निगम ने चार्जिंग स्टेशन के लिए नई योजना तैयार की है जिसके तहत शहर में 100 से अधिक स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इसके लिए निगम अपनी जमीन के साथ-साथ एचएसवीपी और फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की जमीन का भी उपयोग करेगा। बड़े बाजारों, व्यस्त सड़कों, सरकारी कार्यालयों और कॉलेज परिसरों को प्राथमिकता में रखा जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुविधा मिल सके। चार्जिंग स्टेशनों पर बुनियादी सुविधाओं के साथ फूड स्टॉल भी विकसित करने की योजना है जिससे यह जगहें उपयोगी और आकर्षक बन सकें।
आठ एजेंसियां आगे आईं, जल्द टेंडर प्रक्रिया
इस परियोजना में निवेश और संचालन को लेकर करीब आठ एजेंसियों ने रुचि दिखाई है और निगम आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठकों में अपनी प्रेजेंटेशन भी दी है। एजेंसियों ने यह भी बताया है कि वे किस प्रकार का राजस्व मॉडल अपनाएंगी और निगम को कितना हिस्सा देंगी। अब निगम इन प्रस्तावों के आधार पर टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा और अंतिम एजेंसी का चयन करेगा। अधिकारियों का दावा है कि आने वाले दो से तीन महीनों में जमीन पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
200 इलेक्ट्रिक बसों से बढ़ेगी चार्जिंग की मांग
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की ओर से 200 इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सेक्टर-61 में करीब पांच एकड़ में बस डिपो बनाने की योजना है जहां इन बसों की चार्जिंग व्यवस्था करनी होगी। यदि समय रहते चार्जिंग नेटवर्क तैयार नहीं हुआ तो सार्वजनिक परिवहन के इस हरित मॉडल को लागू करना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
शहर की आबादी को देखते हुए 100 से अधिक चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। एजेंसियों के साथ मीटिंग में सभी के प्रस्ताव ले लिए गए हैं।-
नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
