{"_id":"69dbe27db1bb0359db08be02","slug":"protests-in-faridabad-against-the-use-of-force-in-manesar-faridabad-news-c-26-1-fbd1020-67314-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: मानेसर में बल प्रयोग के विरोध में फरीदाबाद में भी प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: मानेसर में बल प्रयोग के विरोध में फरीदाबाद में भी प्रदर्शन
विज्ञापन
विज्ञापन
16 अप्रैल को सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी-मजदूर संगठन
पुलिस की तरफ से भेजे जा रहे नोटिस पर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानेसर में मजदूर आंदोलन पर हुए कथित पुलिसिया दमन के खिलाफ अब फरीदाबाद में भी कर्मचारी और मजदूर संगठन लामबंद हो गए हैं। संगठनों ने 16 अप्रैल को शहर में विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाने लगा है।
कर्मचारी संघ के नेता सुभाष लांबा ने बताया कि सीटू के आह्वान पर फरीदाबाद में भी विभिन्न विभागों के कर्मचारी और मजदूर एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि मानेसर में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे मजदूरों पर बल प्रयोग और 55 मजदूरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि फरीदाबाद में आंदोलन को दबाने और श्रमिक नेताओं को डराने-धमकाने के लिए पुलिस की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं जिस पर संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मजदूरों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है। मजदूरों से बिना ओवरटाइम के 12 से 14 घंटे काम लिया जा रहा है और साप्ताहिक अवकाश तक नहीं दिया जा रहा। न्यूनतम वेतन को लेकर भी लंबे समय से असमंजस बना हुआ है। उन्होंने बताया कि त्रिपक्षीय बैठकों में 23,196 रुपये मासिक वेतन पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने बजट में 15,220 रुपये की घोषणा कर दी, जिसका नोटिफिकेशन भी अब तक जारी नहीं हुआ। संगठनों ने मांग की है कि मानेसर मामले में दर्ज प्राथमिकी वापस ली जाए, गिरफ्तार मजदूरों को रिहा किया जाए और सहमति अनुसार न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। साथ ही कार्यस्थल पर हादसों में मारे गए मजदूरों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है।
Trending Videos
पुलिस की तरफ से भेजे जा रहे नोटिस पर जताई नाराजगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मानेसर में मजदूर आंदोलन पर हुए कथित पुलिसिया दमन के खिलाफ अब फरीदाबाद में भी कर्मचारी और मजदूर संगठन लामबंद हो गए हैं। संगठनों ने 16 अप्रैल को शहर में विरोध प्रदर्शन करने का एलान किया है, जिससे स्थानीय स्तर पर भी यह मुद्दा गरमाने लगा है।
कर्मचारी संघ के नेता सुभाष लांबा ने बताया कि सीटू के आह्वान पर फरीदाबाद में भी विभिन्न विभागों के कर्मचारी और मजदूर एकजुट होकर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि मानेसर में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे मजदूरों पर बल प्रयोग और 55 मजदूरों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि फरीदाबाद में आंदोलन को दबाने और श्रमिक नेताओं को डराने-धमकाने के लिए पुलिस की ओर से नोटिस भेजे जा रहे हैं जिस पर संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मजदूरों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगठनों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है। मजदूरों से बिना ओवरटाइम के 12 से 14 घंटे काम लिया जा रहा है और साप्ताहिक अवकाश तक नहीं दिया जा रहा। न्यूनतम वेतन को लेकर भी लंबे समय से असमंजस बना हुआ है। उन्होंने बताया कि त्रिपक्षीय बैठकों में 23,196 रुपये मासिक वेतन पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने बजट में 15,220 रुपये की घोषणा कर दी, जिसका नोटिफिकेशन भी अब तक जारी नहीं हुआ। संगठनों ने मांग की है कि मानेसर मामले में दर्ज प्राथमिकी वापस ली जाए, गिरफ्तार मजदूरों को रिहा किया जाए और सहमति अनुसार न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। साथ ही कार्यस्थल पर हादसों में मारे गए मजदूरों के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है।