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Faridabad News: गैस की किल्लत और महंगाई से छोटे दुकानदारों की कमर टूटी
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खाद्य पदार्थों की कीमतों में उछाल से दुकानदारों का काम-धंधा चौपट
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में पिछले कुछ समय से गैस की किल्लत बनी हुई है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ने लगा है। गैस सिलिंडर न मिलने और बढ़ते दामों के कारण शहर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे छोटे दुकानदारों का काम-धंधा पूरी तरह चौपट हो गया है।
सड़क किनारे चाय-नाश्ते का काम करने वाले छोटे दुकानदारों का कहना है कि गैस की समस्या ने उनकी आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। पहले जो दुकानदार दिनभर में अपनी मेहनत से ठीक-ठाक कमाई कर लेते थे, अब उनके लिए दुकान का खर्च निकालना भी दूभर हो गया है। कई दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें मजबूरी में महंगे दाम पर ईंधन खरीदना पड़ रहा है।
बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर पड़ रहा है। शहर में चाय की जो चुस्की पहले 10 रुपये में मिलती थी, अब वह 15 रुपये की हो गई है। इसके अलावा पेटीज, चाऊमीन, पोहा और आलू टिक्की जैसे स्ट्रीट फूड के दामों में भी 25 से 30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। दाम बढ़ते ही ग्राहकों ने भी इन दुकानों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। महंगाई के कारण लोग बाहर खाने से संकोच कर रहे हैं, जिससे दुकानदारों की बिक्री आधी रह गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस की किल्लत को जल्द दूर किया जाए, ताकि वे अपनी रोजी-रोटी सुरक्षित कर सकें और आम जनता को भी राहत मिल सके।
-- -- -बातचीत--
गैस की किल्लत से बहुत दिक्कत हो रही है। घर का खर्चा निकालना बहुत मुश्किल हो रहा है। इस संकट का जल्द समाधान निकलना चाहिए। -सुरेश
काम पहले की तुलना में ज्यादा करना पड़ रहा है, जबकि आमदनी आधी हो गई है। ग्राहक दुकान पर आ ही नहीं रहे हैं। -जयप्रकाश
ब्लैक में सिलिंडर चार हजार से अधिक रुपये में मिल रहा है। ऐसे में चीजों के दाम बढ़ाना हमारी मजबूरी बन गई है। -रामजीवन
सरकार को महंगाई पर कंट्रोल करना चाहिए। अगर छोटे दुकानदारों को भी सिलिंडर मिलने लगे तो इतनी दिक्कत नहीं होगी। -श्यामलाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में पिछले कुछ समय से गैस की किल्लत बनी हुई है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और छोटे व्यापारियों की रोजी-रोटी पर पड़ने लगा है। गैस सिलिंडर न मिलने और बढ़ते दामों के कारण शहर में खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे छोटे दुकानदारों का काम-धंधा पूरी तरह चौपट हो गया है।
सड़क किनारे चाय-नाश्ते का काम करने वाले छोटे दुकानदारों का कहना है कि गैस की समस्या ने उनकी आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। पहले जो दुकानदार दिनभर में अपनी मेहनत से ठीक-ठाक कमाई कर लेते थे, अब उनके लिए दुकान का खर्च निकालना भी दूभर हो गया है। कई दुकानदारों का कहना है कि गैस सिलिंडर समय पर नहीं मिल रहा, जिससे उन्हें मजबूरी में महंगे दाम पर ईंधन खरीदना पड़ रहा है।
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बढ़ती लागत का बोझ ग्राहकों पर पड़ रहा है। शहर में चाय की जो चुस्की पहले 10 रुपये में मिलती थी, अब वह 15 रुपये की हो गई है। इसके अलावा पेटीज, चाऊमीन, पोहा और आलू टिक्की जैसे स्ट्रीट फूड के दामों में भी 25 से 30 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की गई है। दाम बढ़ते ही ग्राहकों ने भी इन दुकानों से दूरी बनानी शुरू कर दी है। महंगाई के कारण लोग बाहर खाने से संकोच कर रहे हैं, जिससे दुकानदारों की बिक्री आधी रह गई है। दुकानदारों का कहना है कि गैस की किल्लत को जल्द दूर किया जाए, ताकि वे अपनी रोजी-रोटी सुरक्षित कर सकें और आम जनता को भी राहत मिल सके।
गैस की किल्लत से बहुत दिक्कत हो रही है। घर का खर्चा निकालना बहुत मुश्किल हो रहा है। इस संकट का जल्द समाधान निकलना चाहिए। -सुरेश
काम पहले की तुलना में ज्यादा करना पड़ रहा है, जबकि आमदनी आधी हो गई है। ग्राहक दुकान पर आ ही नहीं रहे हैं। -जयप्रकाश
ब्लैक में सिलिंडर चार हजार से अधिक रुपये में मिल रहा है। ऐसे में चीजों के दाम बढ़ाना हमारी मजबूरी बन गई है। -रामजीवन
सरकार को महंगाई पर कंट्रोल करना चाहिए। अगर छोटे दुकानदारों को भी सिलिंडर मिलने लगे तो इतनी दिक्कत नहीं होगी। -श्यामलाल