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Faridabad News: खुली टंकियां और खराब पानी, सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
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10 पानी की टंकियों में से 4 टंकियां बिना ढक्कन के खुली पाई गईं
संवाद न्यूज ऐजेंसी
फरीदाबाद। जिले के नागरिक अस्पताल में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं। अस्पताल की छत पर स्थापित पानी की टंकियों की हालत खराब पाई गई है, जिससे स्वच्छता और रखरखाव को लेकर किए जा रहे दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को उपलब्ध पानी की गुणवत्ता पर भी संदेह जताना पड़ रहा है।
अस्पताल की मुख्य इमारत की छत पर लगी करीब 10 पानी की टंकियों में से 4 टंकियां बिना ढक्कन के खुली पाई गईं। खुले ढक्कनों के चलते इनमें धूल और अन्य गंदगी गिरने की पूरी आशंका बनी रहती है। निरीक्षण के दौरान एक टंकी का पानी छत पर फैला हुआ पाया गया।
पानी की गुणवत्ता को लेकर मरीजों में भी असंतोष दिखाई दिया। अस्पताल में भर्ती एक मरीज के तीमारदार अशोक ने बताया कि सप्लाई होने वाला पानी खारा है, जिससे उसे पीने में परेशानी हो रही है। वहीं अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीज उर्मिला ने बताया कि पानी का स्वाद खराब है। उन्होंने कहा कि प्यास लगने पर लोग यह पानी पी रहे हैं, क्योंकि यहां दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, टंकियों की लंबे समय से नियमित सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में इनके अंदर काई, धूल और अन्य गंदगी जमा होने की संभावना है। यही पानी अस्पताल में विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पानी की टंकियों की नियमित जांच और सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सिविल अस्पताल में इस तरह की स्थिति सामने आना विभागीय आदेशों की अनदेखी को दर्शाता है।
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा का कहना है कि सामान्य रूप से हर तीन महीने में टंकियों की सफाई कराई जाती है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी टंकियों की दोबारा सफाई कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर सफाई कार्य पूरा किया जाएगा और जिन टंकियों के ढक्कन नहीं हैं, उन्हें बदलकर नए ढक्कन लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों के पीने के लिए आरओ सिस्टम का अलग से प्रबंध किया गया है, जिससे उन्हें स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाता है।
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संवाद न्यूज ऐजेंसी
फरीदाबाद। जिले के नागरिक अस्पताल में पेयजल व्यवस्था को लेकर गंभीर खामियां सामने आई हैं। अस्पताल की छत पर स्थापित पानी की टंकियों की हालत खराब पाई गई है, जिससे स्वच्छता और रखरखाव को लेकर किए जा रहे दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को उपलब्ध पानी की गुणवत्ता पर भी संदेह जताना पड़ रहा है।
अस्पताल की मुख्य इमारत की छत पर लगी करीब 10 पानी की टंकियों में से 4 टंकियां बिना ढक्कन के खुली पाई गईं। खुले ढक्कनों के चलते इनमें धूल और अन्य गंदगी गिरने की पूरी आशंका बनी रहती है। निरीक्षण के दौरान एक टंकी का पानी छत पर फैला हुआ पाया गया।
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पानी की गुणवत्ता को लेकर मरीजों में भी असंतोष दिखाई दिया। अस्पताल में भर्ती एक मरीज के तीमारदार अशोक ने बताया कि सप्लाई होने वाला पानी खारा है, जिससे उसे पीने में परेशानी हो रही है। वहीं अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचे मरीज उर्मिला ने बताया कि पानी का स्वाद खराब है। उन्होंने कहा कि प्यास लगने पर लोग यह पानी पी रहे हैं, क्योंकि यहां दूसरा कोई विकल्प नहीं है।
सूत्रों के मुताबिक, टंकियों की लंबे समय से नियमित सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में इनके अंदर काई, धूल और अन्य गंदगी जमा होने की संभावना है। यही पानी अस्पताल में विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंता का विषय है।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में प्रदेश की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पानी की टंकियों की नियमित जांच और सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद सिविल अस्पताल में इस तरह की स्थिति सामने आना विभागीय आदेशों की अनदेखी को दर्शाता है।
इस मामले में सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा का कहना है कि सामान्य रूप से हर तीन महीने में टंकियों की सफाई कराई जाती है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सभी टंकियों की दोबारा सफाई कराने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। एक सप्ताह के भीतर सफाई कार्य पूरा किया जाएगा और जिन टंकियों के ढक्कन नहीं हैं, उन्हें बदलकर नए ढक्कन लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मरीजों के पीने के लिए आरओ सिस्टम का अलग से प्रबंध किया गया है, जिससे उन्हें स्वच्छ पानी उपलब्ध कराया जाता है।