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Faridabad News: एनआईटी-5 में गंदे और मटमैले पानी से लोग बेहाल
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बीमारी फैलने का डर, समस्या के समाधान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-5 क्षेत्र के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से गंदा और मटमैला पानी आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पानी पीने योग्य तो दूर, घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करने योग्य भी नहीं है। कई घरों में नलों से मिट्टी मिश्रित और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे लोगों में बीमारियों का डर भी बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। निवासियों के अनुसार, क्षेत्र के कई घरों में पानी का टीडीएस 380 से अधिक दर्ज किया गया है, जबकि कई घरों में यह 350 तक पाया गया। लोगों का कहना है कि इस तरह का पानी वे वर्षों से पी रहे हैं। महिलाओं को गृह कार्य करने में काफी परेशानी होती है। कई बार लोग टैंकर से पानी भरवाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक टीडीएस वाला पानी लंबे समय तक उपयोग करने से स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। लोगों का कहना है कि वे मजबूरी में यही पानी पीने और कार्य करने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल आपूर्ति लाइन की जांच कराई जाए, दूषित जल की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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निवासियों से बातचीत
नलों से हमेशा मिट्टी वाला पानी ही आता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। -पद्म सिंह भड़ाना
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इस पानी से खाना बनाना और कपड़े धोना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है। - अक्षय
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घर में पानी का टीडीएस 350 से ऊपर आ रहा है। मजबूरी में पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। - चरणजीत
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यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग बीमार भी पड़ सकते हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। - विनोद कपूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-5 क्षेत्र के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से गंदा और मटमैला पानी आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि पानी पीने योग्य तो दूर, घरेलू कार्यों में इस्तेमाल करने योग्य भी नहीं है। कई घरों में नलों से मिट्टी मिश्रित और बदबूदार पानी आ रहा है, जिससे लोगों में बीमारियों का डर भी बढ़ गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है, जबकि स्थिति जस की तस बनी हुई है। निवासियों के अनुसार, क्षेत्र के कई घरों में पानी का टीडीएस 380 से अधिक दर्ज किया गया है, जबकि कई घरों में यह 350 तक पाया गया। लोगों का कहना है कि इस तरह का पानी वे वर्षों से पी रहे हैं। महिलाओं को गृह कार्य करने में काफी परेशानी होती है। कई बार लोग टैंकर से पानी भरवाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक टीडीएस वाला पानी लंबे समय तक उपयोग करने से स्वास्थ्य पर प्रभाव डालता है। लोगों का कहना है कि वे मजबूरी में यही पानी पीने और कार्य करने को मजबूर हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि पेयजल आपूर्ति लाइन की जांच कराई जाए, दूषित जल की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए और नियमित रूप से पानी की गुणवत्ता की निगरानी की जाए ताकि लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
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निवासियों से बातचीत
नलों से हमेशा मिट्टी वाला पानी ही आता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। -पद्म सिंह भड़ाना
इस पानी से खाना बनाना और कपड़े धोना भी मुश्किल हो गया है। बच्चों की सेहत को लेकर चिंता बनी हुई है। - अक्षय
घर में पानी का टीडीएस 350 से ऊपर आ रहा है। मजबूरी में पीने के लिए बाजार से पानी खरीदना पड़ रहा है। - चरणजीत
यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो क्षेत्र के लोग बीमार भी पड़ सकते हैं। इसका स्थायी समाधान होना चाहिए। - विनोद कपूर