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Delhi NCR News: शादी को आधार बनाते हुए पॉक्सो मामले में एफआईआर रद्द
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पॉक्सो मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया कि पीड़िता और आरोपी के बीच छह साल पहले ही शादी हो चुकी है और वर्तमान में दोनों खुशी-खुशी साथ रह रहे हैं। अदालत ने माना कि इस मुकदमे को आगे बढ़ाने से कोई व्यावहारिक या सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा। इसके बजाय इससे पीड़िता को अनावश्यक मानसिक और सामाजिक परेशानी होगी तथा अदालत पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से पूरा विवाद सुलझा लिया है। आरोपी और शिकायतकर्ता ने पहले ही विवाह कर लिया है और अब वे एक सुखी वैवाहिक जीवन जी रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने भी इस मामले में एफआईआर रद्द करने का विरोध नहीं किया। याचिका के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपित ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। इसी आधार पर आरोपित और उसके कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
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नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पॉक्सो मामले में दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति मनोज जैन की एकल पीठ ने यह फैसला सुनाया कि पीड़िता और आरोपी के बीच छह साल पहले ही शादी हो चुकी है और वर्तमान में दोनों खुशी-खुशी साथ रह रहे हैं। अदालत ने माना कि इस मुकदमे को आगे बढ़ाने से कोई व्यावहारिक या सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा। इसके बजाय इससे पीड़िता को अनावश्यक मानसिक और सामाजिक परेशानी होगी तथा अदालत पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लिया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से पूरा विवाद सुलझा लिया है। आरोपी और शिकायतकर्ता ने पहले ही विवाह कर लिया है और अब वे एक सुखी वैवाहिक जीवन जी रहे हैं। अभियोजन पक्ष ने भी इस मामले में एफआईआर रद्द करने का विरोध नहीं किया। याचिका के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपित ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया था। इसी आधार पर आरोपित और उसके कुछ रिश्तेदारों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद चार्जशीट भी दाखिल कर दी थी।
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