Delhi Fire: रोहिणी की झुग्गियों में सिलिंडर में धमाके से लगी आग, दो साल की मासूम माता-पिता समेत जिंदा जली
दमकल अधिकारी अजय शर्मा ने बताया कि बुध विहार में एक ऐसे भूखंड में आग लग गई, जहां झुग्गियां बनी हुई थीं और कबाड़ जमा किया जाता था। आग रात करीब 1:25 बजे लगी और छह दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। तीन लोगों की मौत हो गई।
विस्तार
बुद्ध विहार के मांगेराम पार्क में एक खाली प्लॉट में बनी झुग्गियों में मंगलवार रात अचानक आग लगने से एक ही परिवार के तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त मुजीबुर (27), इसकी पत्नी मुनारा (24) और दो साल की मासूम बेटी मोई मोना (2) के रूप में हुई है।
झुग्गियों में रखी प्लास्टिक और छोटे एलपीजी सिलिंडरों में धमाका होने से आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को बचने का मौका भी नहीं मिला। दमकल की सात गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। आग बुझने पर तीनों के शव अवशेष की अवस्था में बरामद हुए। बुद्ध विहार थाना पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिये जांच कर रहे हैं।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त शशांक जायसवाल ने बताया कि मंगलवार रात करीब 1:25 बजे बुद्ध विहार के मांगेराम पार्क में झुग्गियों में आग लगने की खबर मिली। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की गाड़िया और बाकी बचाव दल मौके पर पहुंचा।
यहां एक संकरी गली में करीब 250 गज के खाली प्लॉट में पांच झुग्गियां बनी हुई थीं और 8 से 10 परिवार रह रहे थे। मंगलवार रात 12:45 से 1:00 बजे के बीच आग लगी तो अफरा-तफरी मच गई। 7-8 लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। इस बीच झुग्गियों में रखे छोटे एलपीजी सिलिंडरों में धमाके होने लगे। आग के बीच मुजीबुर और उसका परिवार अपनी झुग्गी में फंस गया।
खबर मिलते ही दमकल की सात गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। गली काफी संकरी थी। इस वजह से आग पर काबू पाने में दिक्कत हुई। दमकल कर्मियों ने तड़के 4:35 बजे किसी तरह आग पर काबू पाया। आग कैसे लगी इसका खुलासा नहीं हो पाया है। क्राइम टीम व एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि मुजीबुर की झुग्गी से आग लगी। एकदम भड़की आग से परिवार को बचने का मौका नहीं मिला और तीनों की मौत हो गई।
फायर फाइटिंग में हुई खासी दिक्कत
मांगेराम पार्क में मंगलवार रात जिस जगह हादसा हुआ वह गली बेहद संकरी थी। आग लगने की सूचना मिलते ही नजदीकी दमकल केंद्र से चार गाड़ियों को भेज दिया गया। रास्ते में लोगों ने सड़क पर अवैध पार्किंग की हुई थी। इसके चलते घटना स्थल के पास तक पहुंचने में खासी दिक्कत हुई। आग जहांलगी थी वह गली बेहद संकरी थी। इसकी वजह से बड़ी गाड़ी नहीं जा सकती थीं। ऐसे में कॉल कर छोटी गाड़ियों को बुलाया गया। बाद में करीब 100 मीटर दूर से हौज पाइप जोड़कर मौके पर बचाव कार्य शुरू हुआ। छोटी गाड़ियों को पानी खत्म होने पर 500 मीटर दूर खड़ी गाड़ियों से पानी लाना पड़ रहा था।
परिजनों का जानबूझकर आग लगाने का आरोप
मांगेराम पार्क के जिस प्लॉट में आग लगी, वहां करीब सात-आठ साल से झुग्गियां बनी हैं। यहां पश्चिम बंगाल के कई परिवार रहते हैं। मुजीबुर का परिवार करीब चार साल से यहां रह रहा था। मुजीबुर के एक परिजन साकिब-उर-रहमान ने बताया कि लोगों को आशंंका कि किसी ने जानबूझकर यहां आग लगाई। दरअसल एरिया के कुछ लोगों को इन झुग्गियों से आपत्ति थी। वह चाहते थे कि झुग्गियां खाली प्लाट से हट जाए। हालांकि प्लॉट मालिक ऐसा नहीं चाहता था। इसके बदले वह किराया लेता है। परिजनों के आरोपों की पुलिस पड़ताल कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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