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Ghaziabad News: सभा की जमीन पर 25 वर्ष पहले बने अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर
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गाजियाबाद/डासना। अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई जारी है। इस कड़ी में मंगलवार को डासना के कुशलिया गांव में ग्राम सभा की जमीन पर अवैध रूप से बने मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी व एसडीएम अरुण दीक्षित भी मौके पर मौजूद रहे।
एसडीएम ने बताया कि मदरसे का निर्माण करीब 25 वर्ष पूर्व किया गया था। खाली कराई गई जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अन्य अवैध निर्माणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है और उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
डीसीपी देहात ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पीएसी समेत करीब 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। संभावित तनाव को देखते हुए कार्रवाई के बाद भी पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई।
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बंद था मदरसा, बनाने वाले की हो चुकी मृत्यु
एसडीएम ने बताया कि फैज-ए-आम नाम का यह मदरसा करीब 25 वर्ष पहले यमीन नाम के शख्स ने सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया था। मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद करीब पांच वर्ष पहले आए आदेश में ग्राम सभा को भूमि का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले मदरसे को नोटिस दिया गया था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। जांच के दौरान पता चला कि यमीन की मृत्यु हो चुकी है। उसके घर वालों के बारे में भी कुछ पता नहीं चला। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मदरसे में कोई मौजूद नहीं था। आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से यहां कोई नहीं आ रहा था।
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मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल जाने में मदद करेगा प्रशासन
खोड़ा, डासना, मोदीनगर, लोनी समेत अन्य क्षेत्रों में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माण हटाए हैं। इनमें मदरसे भी शामिल हैं। कुछ मदरसों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। एसडीएम ने बताया कि अधिकांश मदरसे खाली थे। जिन मदरसों में बच्चे पढ़ रहे हैं, उन्हें विद्यालय भेजने में प्रशासन सहायता करेगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
एसडीएम ने बताया कि मदरसे का निर्माण करीब 25 वर्ष पूर्व किया गया था। खाली कराई गई जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अन्य अवैध निर्माणों की भी जानकारी जुटाई जा रही है और उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
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डीसीपी देहात ने बताया कि कार्रवाई के दौरान पीएसी समेत करीब 500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। संभावित तनाव को देखते हुए कार्रवाई के बाद भी पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई।
बंद था मदरसा, बनाने वाले की हो चुकी मृत्यु
एसडीएम ने बताया कि फैज-ए-आम नाम का यह मदरसा करीब 25 वर्ष पहले यमीन नाम के शख्स ने सरकारी जमीन पर कब्जा करके बनाया था। मामला न्यायालय में पहुंचने के बाद करीब पांच वर्ष पहले आए आदेश में ग्राम सभा को भूमि का कब्जा दिलाने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने बताया कि 15 दिन पहले मदरसे को नोटिस दिया गया था, लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। जांच के दौरान पता चला कि यमीन की मृत्यु हो चुकी है। उसके घर वालों के बारे में भी कुछ पता नहीं चला। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, मदरसे में कोई मौजूद नहीं था। आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, लंबे समय से यहां कोई नहीं आ रहा था।
मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों को स्कूल जाने में मदद करेगा प्रशासन
खोड़ा, डासना, मोदीनगर, लोनी समेत अन्य क्षेत्रों में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माण हटाए हैं। इनमें मदरसे भी शामिल हैं। कुछ मदरसों में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। एसडीएम ने बताया कि अधिकांश मदरसे खाली थे। जिन मदरसों में बच्चे पढ़ रहे हैं, उन्हें विद्यालय भेजने में प्रशासन सहायता करेगा। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को पत्र लिखा गया है।