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Ghaziabad News: एक से तीस अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान शुरू
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गाजियाबाद। बदलते मौसम के साथ मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारी पूरी कर ली है। यह अभियान एक अप्रैल से शुरू होकर 30 अप्रैल तक चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य डेंगू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक रोगों से लोगों को बचाना और जागरूक करना है। इसकी शुरुआत संजयनगर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल से की जाएगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग के अलावा करीब 13 विभाग मिलकर काम करेंगे।
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अभियान को दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान लोगों को स्वच्छता, साफ पानी और मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी। दूसरे चरण में 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इसमें आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगी और संभावित मरीजों की पहचान करेंगी।
शासन और प्रशासन को भेजी जाएगी नियमित रिपोर्ट
एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. शिवि अग्रवाल का कहना है कि मौसम में बदलाव के साथ ही मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय रहते रोकथाम के उपाय करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नगर निगम की ओर से फॉगिंग मशीनों को भी सक्रिय किया जाएगा।
साथ ही स्वच्छता अभियान को भी तेज किया जाएगा ताकि मच्छरों के पनपने के स्थानों को खत्म किया जा सके। दस्तक अभियान के दौरान टीमें घरों में जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी एकत्र करेंगी और जरूरत पड़ने पर जांच व इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगी। अभियान की निगरानी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। यहां से विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग की जाएगी और नियमित रिपोर्ट शासन और प्रशासन को भेजी जाएगी।
वर्ष 2025 में मिले थे 343 डेंगू के मरीज
अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में डेंगू के 343 और मलेरिया के 92 मामले सामने आए थे। जबकि 2024 में डेंगू के 196 और मलेरिया के 27 केस दर्ज किए गए थे। वर्ष 2023 में डेंगू के मामलों में भारी वृद्धि हुई थी और 1261 मरीज सामने आए थे। इसी तरह 2022 और 2021 में भी डेंगू और अन्य बीमारियों के कई मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि इस वर्ष अब तक डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और स्क्रबटाइफस का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और पिछले वर्षों जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए विशेष तैयारी की गई है। अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने का प्रयास किया जाएगा।
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जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि अभियान को दो चरणों में चलाया जाएगा। पहले चरण में एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान लोगों को स्वच्छता, साफ पानी और मच्छरों से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी। दूसरे चरण में 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। इसमें आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगी और संभावित मरीजों की पहचान करेंगी।
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शासन और प्रशासन को भेजी जाएगी नियमित रिपोर्ट
एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. शिवि अग्रवाल का कहना है कि मौसम में बदलाव के साथ ही मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है। इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और गंभीर हो जाती है। ऐसे में समय रहते रोकथाम के उपाय करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान नगर निगम की ओर से फॉगिंग मशीनों को भी सक्रिय किया जाएगा।
साथ ही स्वच्छता अभियान को भी तेज किया जाएगा ताकि मच्छरों के पनपने के स्थानों को खत्म किया जा सके। दस्तक अभियान के दौरान टीमें घरों में जाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी एकत्र करेंगी और जरूरत पड़ने पर जांच व इलाज की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगी। अभियान की निगरानी के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाएगा। यहां से विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की मॉनिटरिंग की जाएगी और नियमित रिपोर्ट शासन और प्रशासन को भेजी जाएगी।
वर्ष 2025 में मिले थे 343 डेंगू के मरीज
अगर पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025 में डेंगू के 343 और मलेरिया के 92 मामले सामने आए थे। जबकि 2024 में डेंगू के 196 और मलेरिया के 27 केस दर्ज किए गए थे। वर्ष 2023 में डेंगू के मामलों में भारी वृद्धि हुई थी और 1261 मरीज सामने आए थे। इसी तरह 2022 और 2021 में भी डेंगू और अन्य बीमारियों के कई मामले दर्ज किए गए थे। हालांकि इस वर्ष अब तक डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और स्क्रबटाइफस का कोई मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग सतर्क है और पिछले वर्षों जैसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए विशेष तैयारी की गई है। अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक कर बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाने का प्रयास किया जाएगा।
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