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Ghaziabad News: महिला अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण अधर में
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गाजियाबाद। जिला महिला अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) का निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने से मरीजों और अस्पताल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। 31 मार्च तक तैयार होने वाली ओटी अब तक अधूरी पड़ी है। इस कारण अस्पताल में ऑपरेशन पुराने ओटी में ही किए जा रहे हैं। निर्माण कार्य लंबा खिंचने से संक्रमण का खतरा बढ़ने और मरीजों को असुविधा होने की आशंका भी जताई जा रही है।
जिले के जिला एमएमजी अस्पताल, संयुक्त अस्पताल, लोनी सीएचसी और मोदीनगर सीएचसी में मॉड्यूलर ओटी बनाई जा रही हैं लेकिन सबसे अधिक असर महिला अस्पताल में देखने को मिल रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 600 से 650 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। यहां रोजाना 15 से 20 प्रसव और सामान्य ऑपरेशन किए जाते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी तैयार न होने से महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक वर्तमान में ऑपरेशन पुराने ओटी में किए जा रहे हैं, जहां संक्रमण फैलने का खतरा अधिक माना जाता है। वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य के चलते अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण की चुनौती भी बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में ऑपरेशन की तैयारी में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।
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मॉड्यूलर ओटी में आधुनिक एयर फिल्ट्रेशन सिस्टम, नियंत्रित तापमान और संक्रमण रोकने की विशेष सुविधाएं होती हैं। इससे ऑपरेशन के दौरान मरीजों में संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। महिला अस्पताल में इस सुविधा को शुरू करने के लिए सितंबर 2025 में निर्माण कार्य शुरू किया गया था लेकिन तय समय सीमा के बावजूद काम पूरा नहीं हो पाया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार निर्माण एजेंसी की धीमी कार्यप्रणाली और तकनीकी कारणों से देरी हो रही है।
महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि कार्यदायी संस्था को कई बार लिखित रूप से काम जल्द पूरा करने के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं। संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को जल्द बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें।
जिले के जिला एमएमजी अस्पताल, संयुक्त अस्पताल, लोनी सीएचसी और मोदीनगर सीएचसी में मॉड्यूलर ओटी बनाई जा रही हैं लेकिन सबसे अधिक असर महिला अस्पताल में देखने को मिल रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 600 से 650 मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं। यहां रोजाना 15 से 20 प्रसव और सामान्य ऑपरेशन किए जाते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से लैस ओटी तैयार न होने से महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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अस्पताल प्रशासन के मुताबिक वर्तमान में ऑपरेशन पुराने ओटी में किए जा रहे हैं, जहां संक्रमण फैलने का खतरा अधिक माना जाता है। वहीं दूसरी ओर निर्माण कार्य के चलते अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और संक्रमण नियंत्रण की चुनौती भी बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी स्थिति में ऑपरेशन की तैयारी में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।
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महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि कार्यदायी संस्था को कई बार लिखित रूप से काम जल्द पूरा करने के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं। संस्था को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मरीजों को जल्द बेहतर और सुरक्षित सुविधाएं मिल सकें।