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Ghaziabad News: घरेलू सहायक साफ कर रहे आलमारी, सत्यापन में लापरवाही

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jun 2026 01:36 AM IST
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Domestic help cleaning cupboards, negligence in verification
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गाजियाबाद। कमिश्नरेट में बीट पुलिसिंग लागू हुए करीब एक वर्ष बीत चुका है। सिटीजन चार्टर भी प्रभावी है। इसके बावजूद पासपोर्ट, चरित्र, किरायेदार, घरेलू सहायकों और कर्मचारियों के सत्यापन में लापरवाही सामने आ रही है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

पिछले छह माह में जिले में चोरी की 42 ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें पीड़ितों ने घरेलू सहायकों पर शक जताया। इनमें से कई मामलों का अब तक खुलासा नहीं हो सका है। ऐसे में न केवल पुलिस, बल्कि लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि किरायेदार, घरेलू सहायक, सहायिका, सुरक्षाकर्मी और चालक का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराया जाए, ताकि किसी वारदात की स्थिति में आरोपी की पहचान और तलाश आसान हो सके। बताया जा रहा है कि अप्रैल में ही कई मामलों में घरेलू सहायकों ने मालिकों की तिजोरियों से लाखों रुपये की नकदी और जेवरात पार कर दिए।
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प्रमुख घटनाएं
केस-1, 7 अप्रैल 2026 इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की अभयखंड द्वितीय स्थित अरिहंत अलतुरा सोसायटी निवासी पल्लवी चतुर्वेदी ने ऑनलाइन एप के जरिये घरेलू सहायिका शैलिका को काम पर रखा था। आरोप है कि सहायिका लाखों रुपये की नकदी और गहने लेकर फरार हो गई।

केस-2, 10 अप्रैल 2026
कौशांबी निवासी एक व्यक्ति ने घरेलू सहायकों खुशबू, सोनी और राहुल के खिलाफ घर की आलमारी से 4800 डॉलर (करीब 4.46 लाख रुपये) चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई। चोरी का पता चलने से पहले ही आरोपी नौकरी छोड़कर गायब हो गए थे।

केस-3, 16 अप्रैल 2026
नंदग्राम निवासी राजेश कुमार शर्मा और पड़ोसी मनोज कुमार पासवान ने घरेलू सहायिका पर लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी करने का आरोप लगाया है। आरोपी अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।

केस-4, 11 जनवरी 2025
कविनगर के ए-ब्लॉक में लोहा कारोबारी आरडी गुप्ता और उनकी पत्नी को बंधक बनाकर घरेलू सहायक चंदन ने साथियों के साथ मिलकर 20 लाख रुपये नकद व करीब 80 लाख रुपये के गहने लूट लिए थे।
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वर्ष 2025 में सत्यापन का ब्योरा
पासपोर्ट- 82328
पुलिस- 6451
चरित्र प्रमाणपत्र-54700
किरायेदार- 17485
घरेलू सहायता- 2432
कर्मचारी- 2374
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मोबाइल एप से करें सत्यापन के लिए आवेदन
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) केशव चौधरी के अनुसार, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन अब ऑनलाइन किया जा सकता है। यूपी कॉप एप या वेबसाइट के जरिये आवेदन करने पर पुलिस निर्धारित समय में सत्यापन करती है। किरायेदार या घरेलू सहायक जिले के रहने वाले हैं तो पांच दिन में संबंधित थाना पुलिस को सत्यापन करना अनिवार्य है। जिले से बाहर के हैं तो इस कार्य में 15 दिन और राज्य से बाहर के हैं तो 20 दिन लगेंगे। नेपाल का नागरिक होने पर अतिरिक्त समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को अब थाने जाने की जरूरत नहीं है। मोबाइल एप के जरिये आसानी से सत्यापन कराया जा सकता है। सभी को यह प्रक्रिया अनिवार्य रूप से पूरी करनी चाहिए।
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