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Ghaziabad News: मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में सीबीआई अदालत में गवाही शुरू
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गाजियाबाद। बागपत जिला जेल में वर्ष 2018 में हुए कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी हत्याकांड की सुनवाई में बृहस्पतिवार से गवाही शुरू हो गई। सीबीआई की विशेष अदालत में मामले के पहले गवाह के रूप में तत्कालीन जेलर कैलाश चंद्र ने अदालत में उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज कराया। कैलाश चंद्र वर्तमान में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सुनवाई के दौरान सभी आरोपियों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश किया गया। आरोपी अलग-अलग जेलों में निरुद्ध हैं।
सीबीआई के अनुसार मुन्ना बजरंगी की हत्या एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए जेल परिसर के भीतर एक ही बोर की चार पिस्तौलें पहुंचाई गई थीं। इनमें से तीन पिस्तौलों का इस्तेमाल हत्या में किया गया, जबकि चौथी पिस्तौल को घटना के बाद जेल परिसर स्थित सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। जांच के मुताबिक नौ जुलाई 2018 को मुन्ना बजरंगी को एक मामले में पेशी के लिए झांसी जेल से बागपत जिला जेल लाया गया था। उसी दिन जेल के भीतर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर सुनील राठी मुख्य आरोपी है। इसके अलावा परविंद्र राठी, बब्लू तोमर, ओमवीर राठी और अरविंद राठी के नाम भी आरोपियों में शामिल हैं। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया। अब अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हो गए।
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सीबीआई के अनुसार मुन्ना बजरंगी की हत्या एक पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए जेल परिसर के भीतर एक ही बोर की चार पिस्तौलें पहुंचाई गई थीं। इनमें से तीन पिस्तौलों का इस्तेमाल हत्या में किया गया, जबकि चौथी पिस्तौल को घटना के बाद जेल परिसर स्थित सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। जांच के मुताबिक नौ जुलाई 2018 को मुन्ना बजरंगी को एक मामले में पेशी के लिए झांसी जेल से बागपत जिला जेल लाया गया था। उसी दिन जेल के भीतर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गैंगस्टर सुनील राठी मुख्य आरोपी है। इसके अलावा परविंद्र राठी, बब्लू तोमर, ओमवीर राठी और अरविंद राठी के नाम भी आरोपियों में शामिल हैं। मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र दाखिल किया गया। अब अदालत में गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हो गए।
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