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Ghaziabad News: हाईवे पर ड्राइवरों को मिलेगा अपना घर, केबिन नहीं बनेगा बिस्तर

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jul 2026 02:22 AM IST
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Drivers on highways will get their own homes; cabins will no longer serve as beds.
अपना घर । अनिल त्यागी जी की खबर के साथ
गाजियाबाद। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर लंबे सफर के बाद ट्रक, बस और कंटेनर चालकों के समक्ष अब वाहन के केबिन या सड़क किनारे रात गुजारने की मजबूरी नहीं रहेगी। एक्सप्रेसवे पर बने दो अपना घर अगस्त से उनके लिए खोलने की तैयारी है। यहां चालकों और उनके सहायकों को निशुल्क ठहरने, खाना बनाने, स्नान करने और आराम करने की सुविधा मिलेगी। सरकार का उद्देश्य थकान के कारण होने वाले सड़क हादसों को कम करना है।
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जिला पूर्ति अधिकारी अमित तिवारी ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय की योजना के तहत एक्सप्रेसवे के दोनों ओर भोजपुर और मसूरी के बीच स्थित रेस्ट एरिया में इनका निर्माण कराया गया है। स्टाफ की तैनाती के बाद इनका संचालन तेल कंपनियों के माध्यम से होगा। इन भवनों में चालकों और उनके सहायकों के लिए आरामदायक कमरे, शौचालय, स्नानघर, रसोई और पेयजल जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। एक आश्रय स्थल में एक बार में अधिकतम नौ लोग करीब आठ घंटे तक ठहर सकेंगे।
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अधिकांश ट्रक, कंटेनर और बस चालक कई-कई सौ किलोमीटर का सफर तय करते हैं। सीमित आय के कारण वे अक्सर होटल में ठहरने से बचते हैं और वाहन के केबिन या सड़क किनारे ही आराम करने के लिए मजबूर होते हैं। कई चालक अपने साथ राशन भी रखते हैं, लेकिन खाना बनाने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पाता। अपना घर इस समस्या का समाधान करेगा।
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हादसे रोकने की पहल
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से कराए गए एक सर्वे में सामने आया था कि भारी वाहनों से हुए कई सड़क हादसों की प्रमुख वजह ड्राइवरों की थकान और पर्याप्त आराम न मिलना है। लगातार वाहन चलाने के दौरान झपकी आने से दुर्घटनाएं होती हैं। इसी के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर अपना घर विकसित करने की योजना शुरू की गई।
ऐसे मिलेगी सुविधा
अपना घर तक पहुंच आसान बनाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर संकेतक लगाए जाएंगे और इसकी लोकेशन गूगल मैप पर भी उपलब्ध रहेगी। प्रवेश के समय चालक को वाहन के दस्तावेज और ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना होगा। सत्यापन के बाद उसे और उसके सहायक को ठहरने की अनुमति मिलेगी। चालक चाहे तो बाहर से खाद्य सामग्री लाकर रसोई में स्वयं भोजन भी बना सकेगा।

यह कहते हैं ट्रांसपोर्टर
ट्रांसपोर्ट यूनियन के अध्यक्ष संदीप त्यागी का कहना है कि यह योजना व्यावसायिक चालकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। सीमित आय के कारण अधिकांश चालक होटल या किराये के कमरे का खर्च नहीं उठा पाते। यदि उन्हें सुरक्षित और आरामदायक ठहरने की सुविधा मिलेगी तो वे तरोताजा होकर वाहन चलाएंगे, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
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