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Ghaziabad News: ठगी के पीड़ितों ने सीएम आवास पर आत्मदाह की दी चेतावनी
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गाजियाबाद। राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी से जुड़े कथित निवेश घोटाले के पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करेंगे। पीड़ितों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए शनिवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के चेयरमैन और निदेशक को गुपचुप तरीके से जमानत दिला दी गई।
पीड़ितों का आरोप है कि राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के चेयरमैन वरुण मक्कड़ और निदेशक निधि मक्कड़ को पुलिस ने गिरफ्तार दिखाने के बाद जमानत पर छोड़ दिया। पूरी प्रक्रिया इतनी गोपनीय ढंग से हुई कि पीड़ितों को इसकी जानकारी तक नहीं मिली और वे अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए वकील भी खड़ा नहीं कर सके।
पीड़ित चंचल त्यागी ने कहा कि गिरफ्तारी और रिहाई की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। पहले ही निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, ऊपर से आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी नहीं हो रही।
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गजेंद्र त्यागी ने आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए मामूली धाराएं लगाई गईं। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच के साथ उन पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच हो, जिनकी वजह से आरोपियों को राहत मिली। उनका यह भी कहना है कि अब तक आरोपियों के बैंक खाते तक सील नहीं किए गए हैं, जो गंभीर लापरवाही है। ज्ञापन सौंपने वालों में रुचि गुप्ता, नितिन शर्मा, प्रदीप चौधरी और पवन त्यागी समेत अन्य निवेशक शामिल रहे।
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पीड़ितों का आरोप है कि राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी के चेयरमैन वरुण मक्कड़ और निदेशक निधि मक्कड़ को पुलिस ने गिरफ्तार दिखाने के बाद जमानत पर छोड़ दिया। पूरी प्रक्रिया इतनी गोपनीय ढंग से हुई कि पीड़ितों को इसकी जानकारी तक नहीं मिली और वे अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए वकील भी खड़ा नहीं कर सके।
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पीड़ित चंचल त्यागी ने कहा कि गिरफ्तारी और रिहाई की जानकारी तक उन्हें नहीं दी गई। पहले ही निवेशकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, ऊपर से आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई भी नहीं हो रही।
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गजेंद्र त्यागी ने आरोप लगाया कि आरोपियों को बचाने के लिए मामूली धाराएं लगाई गईं। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच के साथ उन पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी जांच हो, जिनकी वजह से आरोपियों को राहत मिली। उनका यह भी कहना है कि अब तक आरोपियों के बैंक खाते तक सील नहीं किए गए हैं, जो गंभीर लापरवाही है। ज्ञापन सौंपने वालों में रुचि गुप्ता, नितिन शर्मा, प्रदीप चौधरी और पवन त्यागी समेत अन्य निवेशक शामिल रहे।