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गाजियाबाद में दहशत के 9 घंटे: सैकड़ों जवानों ने की घेराबंदी, DJ ने रेस्क्यू में डाली खलल; ऐसे पकड़ा गया तेंदुआ

अमर उजाला संवाद, गाजियाबाद Published by: राहुल तिवारी Updated Thu, 26 Feb 2026 08:27 AM IST
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सार

गाजियाबाद के ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल में तेंदुआ दिखने से गोविंदपुरम में हड़कंप मच गया। इस दौरान नौ घंटे तक इलाका सील रहा और लोग घरों में कैद रहे। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आखिरकार तेंदुए को बेहोश कर पकड़ा गया।

Full inside story of leopard rescued after nine hours in Green Field Public School in Ghaziabad
तेंदुए के पकड़े जाने पर लोगों ने ली राहत की सांस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गाजियाबाद में ग्रीन फील्ड पब्लिक स्कूल में तेंदुआ की चहलकदमी की सूचना के बाद गोविंदपुरम में जीवन नौ घंटे तक मानों थम गया। कुछ लोग घर से घर से नहीं निकले तो कुछ जिज्ञासा में स्कूल में आसपास पहुंच गए। मेरठ से आई वन विभाग की टीम में शामिल वन रक्षक, पशु चिकित्सक, जीवविज्ञानी और संरक्षण विशेषज्ञ, वन विभाग के वन दरोगा, कैचर और ट्रेंकुलाइजर गन सहित मौके पर पहुंचे और कार्रवाई की। शुरुआत में तो तेंदुआ मिला नहीं, मिलने के बाद उसे बेहोश कर पकड़ा गया।

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100 से अधिक पुलिसकर्मी और वन विभाग कर्मी रहे तैनात
सूचना के बाद स्कूल को चारों ओर से कविनगर, मधुबन बापूधाम थाने की पुलिस ने सील कर दिया। पुलिस और वन विभाग के 100 से अधिक जवान तैनात रहे और रास्ते को वन वे कर दिया गया। पेट्रोल पंप से करीब 150 मीटर तक एनडीआरएफ रोड पर पुलिस तैनात कर दी गई। स्कूल के आसपास के मकान पूरे दिन बंद रहे। अभिभावकों ने बच्चों के घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी और खुद मकान का दरवाजा बंद कर लाठी-डंडे लेकर बाहर खड़े रहे। स्कूल के गेट पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और आई-कार्ड देखकर ही अंदर दाखिल किया गया।

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करीब घंटो की मशक्त के बाद स्कूल के शौचालय में तेंदुए के मिलने के बाद दीवार में छेद कर तेंदुए पर ट्रेंकुलाईजर गन से शॉट देने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान जी ब्लॉक में डीजे की धमक और ढोल की थाप से तेंदुआ बैचेन हो गया। बाथरूम में उसने शौचालय की शीट पर हमला कर तोड़ डाली। शोर के कारण तेंदुआ एक जगह स्थिर नहीं हो पा रहा था। ऐसे में उस पर निशाना लगाना चुनौती रहा। एसआई कमलेश सिंह ने टीम को बताया कि बराबर में बज रहे डीजे और ढोल को तुंरत बंद कराया जाए ताकि तेंदुआ कुछ शांत हो सके। ऐसे में टीम मौके पर पहुंची और डीजे और दूसरे स्थान पर बज रहे ढोल को बंद कराया। साथ ही चेतावनी दी कि रेस्क्यू पूरा होने तक कोई शोर नहीं होगा। इसके साथ करण सिंह के मकान में मरम्मतीकरण का कार्य भी टीम ने बंद कराया। हालांकि इसके काफी देर बाद तक तेंदुआ बैचेन रहा और ट्रैंकुलाईजर गन से पहला शॉट नाकाम रहा।

छात्रों की रिक्शा रोड पर रही रोक
तेंदुआ की आवक घर तक होने की सूचना सोशल मीडिया पर तेजी से फैली । आसपास के लोगों ने वाइल्डलाइफ और वन विभाग की टीम को सुरक्षात्मक संशाधनों से लैस देखा तो दहशत व्याप्त हो गई। अधिकांश अभिभावक अपने-अपने कार्यालयों, दुकानों और प्रतिष्ठानों से घरों पर पहुंचे। स्कूल गए बच्चों को अपने वाहन से घर लाए और उन्हें घरों में रहने की हिदायत दी। टीम ने स्कूली बच्चों की वैन, रिक्शा और ई-रिक्शा और ऑटो को जी ब्लॉक की गली में नहीं जाने दिया। उनके अभिभावक पुलिस संरक्षण में अपने-अपने बच्चों को घर तक ले गए।

तेंदुआ देखने को छतों और पेड़ों पर चढ़े युवा
एक ओर तेंदुआ की दहशहत थी तो दूसरी ओर युवाओं में उसे देखने की ललक भी थी। वन विभाग की टीम रेस्क्यू कैसे करती है इसके लिए स्थानीय लोग अपने-अपने घरों की छतों पर लाठी-डंडे लेकर मौजूद रहे तो कुछ युवाओं ने पेडों को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाया। नौ घंटों तक चले रेस्क्यू के दौरान मौके पर हजारों लोगों को हुजूम लगा रहा।

मैसेज न मिलने पर कुछ छात्र स्कूल पहुंचे
प्रबंधन ने स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर बुधवार की सुबह सात बजे ही अवकाश घोषित कर दिया था। आसपास के तीन-चार स्कूलों ने भी आपातकालीन स्थिति बताकर अवकाश घोषित कर दिया। हालांकि कुछ बच्चों के अभिभावकों ने मैसेज नहीं देखा। ऐसे में करीब दो दर्जन से अधिक बच्चे करीब आठ बजे स्कूल के गेट पर पहुंचे लेकिन करीब डेढ सौ पुलिसकर्मी, वन्य टीम और अधिकारियों को देखकर वह भी घरों को लौट गए।

अंदाजा नहीं था कि इधर भी आ सकता है
गोविंदपुरम निवासी मंजीत सिंह भाटिया ने बताया कि यह क्षेत्र रिहायशी इलाका है। एक बार को विश्वास ही नहीं हुआ कि इधर तेंदुआ आ सकता है। अफवाह फैलने की आशंका हुई। इसके बाद विद्यालय के बाहर पुलिस और वन विभाग की टीम देखी तो विश्वास हुआ।

गाजियाबाद में कब दिखा तेंदुआ

  • 8 फरवरी 2023- गाजियाबाद कोर्ट परिसर में तेंदुआ दाखिल हो गया था, जहां उसने वकीलों समेत छह लोगों पर हमला कर दिया। उसे करीब पांच घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद पकड़ा गया था। इस हमले में 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
  • 21 मई 2023- मोदीनगर में एक तेंदुए ने स्थानीय व्यक्ति पर हमला कर दिया था। इसके बाद वन विभाग की टीम ने उसे पकड़कर जंगल में छुड़वाया था।
  • 16 जनवरी 2023- भोजपुर थाना क्षेत्र के कलछीना में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पहुंचे तेंदुए की अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई थी और बड़ा हादसा टल गया था।
  • 2 जनवरी 2025- कमला नेहरू नगर में तेंदुए के दिखने के बाद डरे लोगों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी थी। टीम के मौके पर पहुंचने से पहले तेंदुआ वहां से जा चुका था।
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