बचपन का दोस्त ही बना कातिल: रेस्तरां छिनने के डर में साझेदार का गोली मारकर कत्ल, एक सुराग ने खोल दी पूरी कहानी
बुजुर्ग राजेंद्र सैनी ने बताया कि बेटा अमित और विजय शर्मा दोनों बचपन से दोस्त थे। विजय से आज तक कोई आपसी विवाद भी नहीं हुआ। तीनों ने अमित को धोखे से गाजियाबाद लाकर हत्या कर दी। अमित का 13 वर्षीय बेटा है और उसकी पत्नी कुछ वर्ष पहले उन्हें छोड़कर जा चुकी है।
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हरियाणा के गुरुग्राम स्थित द्वारिका सेक्टर-2 निवासी रेस्तरां संचालक अमित सैनी (35) की बुधवार देर रात इंदिरापुरम थानाक्षेत्र के कनावनी-हिंडन मार्ग पर गोली मारकर हत्या कर दी। गोली कान के पीछे मारी गई थी। हत्या का आरोप अमित के बचपन के दोस्त और व्यापारिक साझेदार गुरुग्राम-द्वारिका सेक्टर पांच निवासी विजय शर्मा समेत तीन लोगों पर लगा है।
पुलिस पूछताछ में भी विजय शर्मा ने अपने दो अन्य साथियों के संग मिलकर हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस ने विजय को हिरासत में ले लिया है और बाकी दो आरोपियों की तलाश कर रही है। हालांकि देर शाम तक परिजन की ओर से पुलिस को शिकायत नहीं दी गई। उधर, बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया।
अमित सैनी और विजय शर्मा द्वारिका स्थित माता शीतला देवी मंदिर परिसर में अलग-अलग रेस्तरां चलाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि विजय गाजियाबाद में किसी व्यक्ति से रुपये लेने की बात कहकर अमित को अपनी कार से लाया था। गाड़ी अमित ही चला रहे थे और विजय बराबर की सीट पर बैठा था।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि बुधवार देर रात 1:30 बजे विजय ने डायल 112 पर कॉल करके पुलिस को सूचना दी थी। उसने बताया था कि अमित और वह कार सड़क पर कार रोककर खड़े थे। वह लघुशंका के लिए गए और इतनी ही देर में बाइक सवार दो बदमाश अमित सैनी को गोली मारकर भाग गए। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की तो कार में न तो खून या कोई निशान मिला और न ही कोई ऐसा सुराग मिला जिससे अमित को कार में गोली मारने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने विजय को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तब आरोपी ने बताया कि उसने ही अपने साथियों के साथ मिलकर अमित की हत्या की थी। हालांकि हत्या इंदिरापुरम क्षेत्र में ही की गई या कहीं और गोली मारने के बाद शव को फेंकने के इरादे से यहां लाया गया था, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे प्राथमिक तौर पर विजय शर्मा को अपने रेस्तरां का संचालन छिनने का डर था। इस वजह से दो अन्य दोस्तों के साथ वारदात को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस अभी शिकायत मिलने का इंतजार कर रही है। भागे हुए दो आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
टेंडर हाथ से जाने का था डर
पुलिस ने बताया कि विजय मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर चुका है, लेकिन नौकरी नहीं लगी तो दोस्त अमित सैनी की तरह शीतला माता मंदिर परिसर में ही रेस्तरां चलाने लगा। पूरे परिसर का रेस्तारां व ठेली-पटरी आदि का टेंडर ठेका भाटी ठेकेदार लेता है। उसी ने अमित और विजय शर्मा को रेस्तरां चलाने को दे रखा था। कुछ दिन से ठेकेदार भाटी और अमित सैनी की नजदीकियां बढ़ी तो विजय शर्मा को अपना रेस्तरां हाथ से जाता दिखाई दिया। चूंकि एक माह पहले ही रेस्तरां खाली करने का नोटिस भी मिल चुका था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इसी वजह से अमित की हत्या की गई है। हालांकि अभी जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही असल खुलासा हो सकेगा।
पिता बोले- धोखा किया, बचपन से दोस्त थे अमित और विजय
बुजुर्ग राजेंद्र सैनी ने बताया कि बेटा अमित और विजय शर्मा दोनों बचपन से दोस्त थे। विजय से आज तक कोई आपसी विवाद भी नहीं हुआ। तीनों ने अमित को धोखे से गाजियाबाद लाकर हत्या कर दी। अमित का 13 वर्षीय बेटा है और उसकी पत्नी कुछ वर्ष पहले उन्हें छोड़कर जा चुकी है। वर्तमान में वह दिल्ली अपने बड़े बेटे के पास रह रहे हैं। अमित भी वहां से ही गुरुग्राम आना-जाना करता था। बुजुर्ग ने हत्यारोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।
पूछताछ में विजय ने अपने दो अन्य दोस्तों के साथ मिलकर हत्या की बात स्वीकार की है। उसे हिरासत में ले लिया है। भागे हुए दो हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही असल घटना का खुलासा हो पाएगा। गोली पीछे से कान के पास मारी गई थी। प्रथम दृष्टया रेस्तरां जाने के डर से विजय ने दोस्तों संग मिलकर हत्या की गई है। -सूर्यबली मौर्य, एसीपी इंदिरापुरम