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Ghaziabad News: 120 वर्ग फीट तक की दुकानों का गृहकर 70 फीसदी घटा
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गाजियाबाद। शहर के छोटे दुकानदारों को नगर निगम ने बड़ी राहत दी है। आवासीय क्षेत्रों में 120 वर्ग फीट तक की छोटी दुकानों पर लगने वाले गृहकर की दर पांच गुना से घटाकर डेढ़ गुना कर दी गई है। इससे इस श्रेणी में आने वाले हजारों छोटे दुकानदारों का टैक्स करीब 70 फीसदी तक कम हो जाएगा। वहीं, बकाया गृहकर जमा करने पर ब्याज में भी पूरी छूट देने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई है।
अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में 120 वर्ग फीट तक की छोटी दुकान चलाने वाले व्यापारियों के लिए गृहकर की दर तत्काल प्रभाव से कम की गई है। इसमें चाय, दूध, ब्रेड, फल-सब्जी, नाई, दर्जी, धोबी, फोटोस्टेट जैसी छोटी दुकानें शामिल हैं। निगम के इस फैसले से छोटे और मध्यम वर्गीय दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, हाउस टैक्स वृद्धि विरोधी संघर्ष समिति ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। समिति के मीडिया प्रभारी रजनीश बंसल ने बताया कि अभी तक निगम की ओर से उन्हें कोई औपचारिक जानकारी लिखित रूप में नहीं दी गई है। शासन स्तर पर गृहकर वृद्धि कम करने को लेकर प्रयास किए जाने की चर्चा है। उन्होंने कहा कि जब तक बढ़ा हुआ गृहकर वापस नहीं लिया जाता, उनका धरना जारी रहेगा।
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15 दिसंबर तक बकाया जमा करने पर पूरा ब्याज माफ
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, व्यापारियों के बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज को खत्म करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत 15 दिसंबर तक संपूर्ण बकाया जमा करने वाले व्यापारियों को ब्याज में 100 फीसदी छूट मिलेगी। वहीं, 15 नवंबर तक पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को तीन किस्तों में बकाया जमा करने का मौका दिया जाएगा। यह सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी।
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एमएसएमई व्यापारियों को भी आवासीय दर पर टैक्स देने की तैयारी
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के तहत पंजीकृत व्यापारियों को भी राहत देने पर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। प्रस्ताव के तहत एमएसएमई श्रेणी में पंजीकृत व्यापारियों से कॉमर्शियल के बजाय आवासीय दरों की तर्ज पर गृहकर लेने की तैयारी है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर आपत्तियां मांगी जा रही हैं। जल्द निर्णय होने की उम्मीद है। इस संबंध में शासन को पत्र भी भेजा गया है।
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ऐसे समझें टैक्स में राहत की गणित
नगर निगम के मुख्य कर अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि तीनों श्रेणियों में 120 वर्ग फीट तक की दुकानों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर 120 वर्ग फीट की दुकान के लिए पहले 5,875.20 रुपये कर देना पड़ रहा था, अब यह घटकर 1,762.56 रुपये होगा। व्यापारी अपनी दुकान के क्षेत्रफल और सड़क की चौड़ाई के आधार पर टैक्स की गणना कर सकते हैं।
ऐसे करें अपने टैक्स की गणना (24 मीटर सड़क के लिए)- (दुकान का क्षेत्रफल वर्ग मीटर में) × 3.4 (टैक्स की दर) × 1.5 (गुना) × 12 (माह) = कुल परिणाम का 24 प्रतिशत (देय गृहकर)
(इस तरह किसी भी दुकान का गृहकर निकाला जा सकता है। ध्यान रखें कि सड़क की चौड़ाई बदलने पर टैक्स की दर उसी अनुरूप बदलनी होगी।)
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अपर नगर आयुक्त जंग बहादुर यादव ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में 120 वर्ग फीट तक की छोटी दुकान चलाने वाले व्यापारियों के लिए गृहकर की दर तत्काल प्रभाव से कम की गई है। इसमें चाय, दूध, ब्रेड, फल-सब्जी, नाई, दर्जी, धोबी, फोटोस्टेट जैसी छोटी दुकानें शामिल हैं। निगम के इस फैसले से छोटे और मध्यम वर्गीय दुकानदारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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हालांकि, हाउस टैक्स वृद्धि विरोधी संघर्ष समिति ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। समिति के मीडिया प्रभारी रजनीश बंसल ने बताया कि अभी तक निगम की ओर से उन्हें कोई औपचारिक जानकारी लिखित रूप में नहीं दी गई है। शासन स्तर पर गृहकर वृद्धि कम करने को लेकर प्रयास किए जाने की चर्चा है। उन्होंने कहा कि जब तक बढ़ा हुआ गृहकर वापस नहीं लिया जाता, उनका धरना जारी रहेगा।
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15 दिसंबर तक बकाया जमा करने पर पूरा ब्याज माफ
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, व्यापारियों के बकाया टैक्स पर लगने वाले ब्याज को खत्म करने के लिए एकमुश्त समाधान योजना लागू की गई है। इसके तहत 15 दिसंबर तक संपूर्ण बकाया जमा करने वाले व्यापारियों को ब्याज में 100 फीसदी छूट मिलेगी। वहीं, 15 नवंबर तक पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को तीन किस्तों में बकाया जमा करने का मौका दिया जाएगा। यह सुविधा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी।
एमएसएमई व्यापारियों को भी आवासीय दर पर टैक्स देने की तैयारी
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के तहत पंजीकृत व्यापारियों को भी राहत देने पर शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। प्रस्ताव के तहत एमएसएमई श्रेणी में पंजीकृत व्यापारियों से कॉमर्शियल के बजाय आवासीय दरों की तर्ज पर गृहकर लेने की तैयारी है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर आपत्तियां मांगी जा रही हैं। जल्द निर्णय होने की उम्मीद है। इस संबंध में शासन को पत्र भी भेजा गया है।
ऐसे समझें टैक्स में राहत की गणित
नगर निगम के मुख्य कर अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि तीनों श्रेणियों में 120 वर्ग फीट तक की दुकानों को इस फैसले का लाभ मिलेगा। उदाहरण के लिए 24 मीटर से अधिक चौड़ी सड़क पर 120 वर्ग फीट की दुकान के लिए पहले 5,875.20 रुपये कर देना पड़ रहा था, अब यह घटकर 1,762.56 रुपये होगा। व्यापारी अपनी दुकान के क्षेत्रफल और सड़क की चौड़ाई के आधार पर टैक्स की गणना कर सकते हैं।
ऐसे करें अपने टैक्स की गणना (24 मीटर सड़क के लिए)- (दुकान का क्षेत्रफल वर्ग मीटर में) × 3.4 (टैक्स की दर) × 1.5 (गुना) × 12 (माह) = कुल परिणाम का 24 प्रतिशत (देय गृहकर)
(इस तरह किसी भी दुकान का गृहकर निकाला जा सकता है। ध्यान रखें कि सड़क की चौड़ाई बदलने पर टैक्स की दर उसी अनुरूप बदलनी होगी।)