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Ghaziabad News: चोरी के शक में सुरक्षाकर्मी ने किशोर की गोली मारकर हत्या की
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मृतक समीर का फाइल फोटो। संवाद
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साहिबाबाद। सरिया चोरी के शक में अर्थला स्थित निर्माणाधीन इमारत के एक सुरक्षा गार्ड ने अपने लाइसेंसी रिवॉल्वर से 17 वर्षीय समीर को गोली मार दी। अस्पताल में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया, उसके शरीर पर 15 से 20 छर्रे के निशान मिले हैं। घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षा गार्ड को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अर्थला की नीलमणि कॉलोनी में रहने वाले नबी अहमद परिवार के साथ रहते हैं। वह ऑटो रिक्शा चलाते हैं। परिवार में उनके तीन यूसुफ, समीर (17) और अर्शिल हैं। समीर लखनऊ में एक ठेकेदार के साथ वेल्डिंग का काम करता था। मृतक के बड़े भाई यूसुफ ने बताया कि समीर को ठेकेदार ने एक महीने की छुट्टी दी हुई थी, जिससे वह घर पर ही था। भाई का कहना है कि समीर रील बनाने के इरादे से निर्माणाधीन इमारत में गया था। यूसुफ ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही समीर को नया मोबाइल दिलाया था। शनिवार रात वह बाइक टैक्सी चलाने गए और सुबह करीब 11 बजे लौटे तो उन्हें भाई को गोली मारे जाने की सूचना मिली। सूचना पाकर वह अपने ताऊ के बेटे फहीम को लेकर मौके पर पहुंचे। मौके पर पता चला कि इमारत के सुरक्षा गार्ड ने उनके भाई को गोली मार दी। गोली लगने से घायल समीर को वह बाइक के जरिए एमएमजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यूसुफ का आरोप है कि समीर के शरीर पर कई जगह चोट और गोली के निशान हैं।
एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि सुरक्षाकर्मी ने पूछताछ में बताया कि किशोर इमारत से लोहा चोरी करके ले जा रहा था। उसने किशोर को रोकने के लिए आवाज दी, लेकिन नहीं रुका। इस पर उसने डराने के लिए गोली चलाई थी, लेकिन गोली किशोर को लग गई। शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मारपीट और अन्य चोटों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, परिजनों को जैसे ही पता चला कि समीर को गोली मार दी और उसकी मौत हो गई। तभी परिवार में मातम का माहौल बन गया। परिजनों ने कार्रवाई की मांग की । वहीं, सुरक्षाकर्मी कासगंज के शोरों गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
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डिजिटल साक्ष्य की पड़ताल
एसीपी ने बताया कि समीर के मोबाइल फोन को कब्जे में लिया गया है और उसकी कॉल डिटेल के साथ-साथ उसमें मौजूद वीडियो की भी जांच की जाएगी। इससे घटना की सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी। उसके शरीर पर कई जगह छर्रे के निशान हैं। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इनसेट
एक वर्ष से बंद का निर्माण
यह भी पता चला है कि निर्माणाधीन इमारत का काम करीब एक साल से बंद पड़ा है। इस घटना से पहले इमारत से सरिया चोरी की कोई शिकायत साहिबाबाद थाना पुलिस को नहीं मिली थी। इमारत में सरिया चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए ही सुरक्षा गार्डों को तैनात किया गया था।
पुलिस के सामने ही सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट का प्रयास
घटना के बाद समीर के परिवार और जानने वाले मौके पर पहुंचे। मौके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि इस वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस की प्राइवेट कार में तीन सुरक्षा कर्मी बैठे हुए हैं। मौके पर मौजूद भीड़ ने तीनों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान एक युवक पुलिस से बोलने लगा कि तीनों को हमारे हवाले कर दो, हम देख लेंगे। चाहे उसे जेल भेज दो। दूसरी वीडियो में मौके पर मौजूद लोग सुरक्षा गार्डों को पुलिस के सामने ही मारपीट करने की कोशिश लगने लगे। तभी पुलिस कर्मी बीच में आया और लोगों को हटाया। वहां खड़े अन्य लोगों कहना था कि तीनों मिलकर लात घूंसों से समीर को पीटा हैं।
परिवार का सहारा था य
समीर किशोर अवस्था में ही काम करने लगा था। वह लखनऊ में काम करता था, जो भी पैसा कमाता वह अपने परिवार के लोगों को देता था। कुछ पैसे अपने खर्चे के लिए रखता। समीर अक्सर लखनऊ ही रहता। परिजनों को जैसे ही पता चला कि समीर को गोली मार दी और उसकी मौत हो गई। तभी परिवार में मातम का माहौल बन गया। घर पर रिश्तेदार और करीबी आने लगे। सभी लोग सुरक्षा गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
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अर्थला की नीलमणि कॉलोनी में रहने वाले नबी अहमद परिवार के साथ रहते हैं। वह ऑटो रिक्शा चलाते हैं। परिवार में उनके तीन यूसुफ, समीर (17) और अर्शिल हैं। समीर लखनऊ में एक ठेकेदार के साथ वेल्डिंग का काम करता था। मृतक के बड़े भाई यूसुफ ने बताया कि समीर को ठेकेदार ने एक महीने की छुट्टी दी हुई थी, जिससे वह घर पर ही था। भाई का कहना है कि समीर रील बनाने के इरादे से निर्माणाधीन इमारत में गया था। यूसुफ ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दो दिन पहले ही समीर को नया मोबाइल दिलाया था। शनिवार रात वह बाइक टैक्सी चलाने गए और सुबह करीब 11 बजे लौटे तो उन्हें भाई को गोली मारे जाने की सूचना मिली। सूचना पाकर वह अपने ताऊ के बेटे फहीम को लेकर मौके पर पहुंचे। मौके पर पता चला कि इमारत के सुरक्षा गार्ड ने उनके भाई को गोली मार दी। गोली लगने से घायल समीर को वह बाइक के जरिए एमएमजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यूसुफ का आरोप है कि समीर के शरीर पर कई जगह चोट और गोली के निशान हैं।
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एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने बताया कि सुरक्षाकर्मी ने पूछताछ में बताया कि किशोर इमारत से लोहा चोरी करके ले जा रहा था। उसने किशोर को रोकने के लिए आवाज दी, लेकिन नहीं रुका। इस पर उसने डराने के लिए गोली चलाई थी, लेकिन गोली किशोर को लग गई। शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मारपीट और अन्य चोटों के बारे में जानकारी मिल सकेगी। पुलिस पूछताछ कर रही है। वहीं, परिजनों को जैसे ही पता चला कि समीर को गोली मार दी और उसकी मौत हो गई। तभी परिवार में मातम का माहौल बन गया। परिजनों ने कार्रवाई की मांग की । वहीं, सुरक्षाकर्मी कासगंज के शोरों गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
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एसीपी ने बताया कि समीर के मोबाइल फोन को कब्जे में लिया गया है और उसकी कॉल डिटेल के साथ-साथ उसमें मौजूद वीडियो की भी जांच की जाएगी। इससे घटना की सच्चाई का पता लगाने में मदद मिलेगी। उसके शरीर पर कई जगह छर्रे के निशान हैं। घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि घटनाक्रम की पूरी कड़ियां जोड़ी जा सकें।
इनसेट
एक वर्ष से बंद का निर्माण
यह भी पता चला है कि निर्माणाधीन इमारत का काम करीब एक साल से बंद पड़ा है। इस घटना से पहले इमारत से सरिया चोरी की कोई शिकायत साहिबाबाद थाना पुलिस को नहीं मिली थी। इमारत में सरिया चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए ही सुरक्षा गार्डों को तैनात किया गया था।
पुलिस के सामने ही सुरक्षा गार्डों के साथ मारपीट का प्रयास
घटना के बाद समीर के परिवार और जानने वाले मौके पर पहुंचे। मौके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। हालांकि इस वायरल वीडियो की संवाद न्यूज एजेंसी पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में दिख रहा है कि पुलिस की प्राइवेट कार में तीन सुरक्षा कर्मी बैठे हुए हैं। मौके पर मौजूद भीड़ ने तीनों को बाहर निकालने की कोशिश की। इस दौरान एक युवक पुलिस से बोलने लगा कि तीनों को हमारे हवाले कर दो, हम देख लेंगे। चाहे उसे जेल भेज दो। दूसरी वीडियो में मौके पर मौजूद लोग सुरक्षा गार्डों को पुलिस के सामने ही मारपीट करने की कोशिश लगने लगे। तभी पुलिस कर्मी बीच में आया और लोगों को हटाया। वहां खड़े अन्य लोगों कहना था कि तीनों मिलकर लात घूंसों से समीर को पीटा हैं।
परिवार का सहारा था य
समीर किशोर अवस्था में ही काम करने लगा था। वह लखनऊ में काम करता था, जो भी पैसा कमाता वह अपने परिवार के लोगों को देता था। कुछ पैसे अपने खर्चे के लिए रखता। समीर अक्सर लखनऊ ही रहता। परिजनों को जैसे ही पता चला कि समीर को गोली मार दी और उसकी मौत हो गई। तभी परिवार में मातम का माहौल बन गया। घर पर रिश्तेदार और करीबी आने लगे। सभी लोग सुरक्षा गार्डों पर सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।