{"_id":"69c1a4c344d724a0d00496a0","slug":"income-tax-survey-at-khurja-sub-registrar-office-suspected-irregularities-worth-rs-200-crore-ghaziabad-news-c-30-gbd1013-847897-2026-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: खुर्जा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आयकर सर्वे, 200 करोड़ की गड़बड़ी का अंदेशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: खुर्जा सब रजिस्ट्रार कार्यालय में आयकर सर्वे, 200 करोड़ की गड़बड़ी का अंदेशा
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद के बाद सोमवार को आयकर विभाग की टीम ने बुलंदशहर के खुर्जा स्थित सब रजिस्ट्रार कार्यालय में सर्वे किया। यहां भी 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों की रजिस्ट्रियों की जांच के दौरान पैन में गड़बड़ी मिली है। ढाई घंटे चली कार्रवाई के दौरान प्रारंभिक जांच में करीब 200 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं।
संयुक्त निदेशक आयकर विजय सिंह और आयकर अधिकारी सुधीर कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम दोपहर करीब 2:30 बजे सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची। शाम पांच बजे तक टीम ने पिछले पांच वर्षों में हुई 30 लाख रुपये से अधिक की रजिस्ट्रियों में दर्ज पैन की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में नोटिस देकर पैन विवरण सही करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सुधार नहीं किया गया।
अधिकारियों का कहना है कि पैन में गड़बड़ी टैक्स चोरी की आशंका को बढ़ाती है। मौके पर डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर उसे कब्जे में ले लिया गया है। इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।
कई दस्तावेजों में पैन गलत, कई में दर्ज ही नहीं
आयकर सूत्रों के अनुसार, जांच में बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें पैन या तो गलत दर्ज था या फिर उल्लेख ही नहीं किया गया था। रजिस्ट्री रिकॉर्ड और स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) में भी विसंगतियां पाई गई हैं। सूत्रों का कहना है कि मामले में लापरवाही के साथ-साथ व्यक्तिगत लाभ के लिए गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है। अगर ऐसा पाया जाता है तो विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
रिपोर्टिंग में भी मिली खामी
जानकारी के अनुसार, सब रजिस्ट्रार कार्यालय से होने वाली रजिस्ट्रियों का विवरण एक्सेल शीट के माध्यम से रिपोर्ट किया जाता है। इस पर एआई सिस्टम भी नजर रखता है। जांच में फॉर्म 61 और फॉर्म 61ए की रिपोर्टिंग में भी खामियां पाई गई हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ऐसे मामलों में पहले नोटिस देकर कमियों को दूर करने का अवसर दिया जाता है। सुधार नहीं होने पर ही सर्वे जैसी कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संदिग्ध लेनदेन का आंकड़ा बढ़ सकता है।
Trending Videos
संयुक्त निदेशक आयकर विजय सिंह और आयकर अधिकारी सुधीर कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम दोपहर करीब 2:30 बजे सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंची। शाम पांच बजे तक टीम ने पिछले पांच वर्षों में हुई 30 लाख रुपये से अधिक की रजिस्ट्रियों में दर्ज पैन की जांच की। अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में नोटिस देकर पैन विवरण सही करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन सुधार नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अधिकारियों का कहना है कि पैन में गड़बड़ी टैक्स चोरी की आशंका को बढ़ाती है। मौके पर डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर उसे कब्जे में ले लिया गया है। इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।
कई दस्तावेजों में पैन गलत, कई में दर्ज ही नहीं
आयकर सूत्रों के अनुसार, जांच में बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज मिले, जिनमें पैन या तो गलत दर्ज था या फिर उल्लेख ही नहीं किया गया था। रजिस्ट्री रिकॉर्ड और स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (एसएफटी) में भी विसंगतियां पाई गई हैं। सूत्रों का कहना है कि मामले में लापरवाही के साथ-साथ व्यक्तिगत लाभ के लिए गड़बड़ी की भी जांच की जा रही है। अगर ऐसा पाया जाता है तो विभागीय अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है।
रिपोर्टिंग में भी मिली खामी
जानकारी के अनुसार, सब रजिस्ट्रार कार्यालय से होने वाली रजिस्ट्रियों का विवरण एक्सेल शीट के माध्यम से रिपोर्ट किया जाता है। इस पर एआई सिस्टम भी नजर रखता है। जांच में फॉर्म 61 और फॉर्म 61ए की रिपोर्टिंग में भी खामियां पाई गई हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, ऐसे मामलों में पहले नोटिस देकर कमियों को दूर करने का अवसर दिया जाता है। सुधार नहीं होने पर ही सर्वे जैसी कार्रवाई की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संदिग्ध लेनदेन का आंकड़ा बढ़ सकता है।