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Ghaziabad News: हॉट स्पॉट इलाके में एक्यूआई कम करेंगे मिस्ट वाटर स्प्रिंकलर
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साहिबाबाद। जिले में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने ठोस कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदूषण के हॉट स्पॉट इलाकों में अब मिस्ट वाटर स्प्रिंकलर लगाए जाएंगे, जिससे हवा में मौजूद धूल कणों को कम किया जा सकेगा और एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) में सुधार आएगा। इस योजना पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
निगम ने उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है। जहां प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना रहता है। इनमें हिंडन एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र, एयरफोर्स स्टेशन के पास के दो किलोमीटर अंदर के हॉट स्पॉट इलाके शामिल हैं। इन स्थानों पर मिस्ट वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जो सूक्ष्म जलकणों का छिड़काव कर वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों को नीचे बैठाने में मदद करेंगे। इस परियोजना के तहत नगर निगम की टीम ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। टेंडर फाइनल होते ही काम तेजी से शुरू किया जाएगा। पहले सभी स्ट्रीट लाइट तक पानी लाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पाइप लाइन से पोल पर लगे स्प्रिंकलर तक पानी जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि मई की शुरुआत में पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से स्प्रिंकलर लगाने का काम पूरा किया जाएगा।
गाजियाबाद हापुड़ चुंगी पर निगम की तरफ से एक साल पहले लगाए गए थे स्प्रिंकलर
निगम ने वर्ष 2025 में हापुड़ चुंगी चौराह पर भी प्रदूषण कम करने के लिए वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। इस इलाके में वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। निगम ने इसी को ध्यान में रखकर स्प्रिंकलर लगाए थे। इसके बाद इलाके के एक्यूआई में पहले की तुलना में कमी भी आई है। इससे बहुत हद तक एक्यूआई पर असर पड़ता है। दिल्ली में हर चौराहे और हॉट स्पॉट इलाकों में इसका इस्तेमाल किया गया है। उसको देखकर ही विभाग ने जिले में यह लगाने शुरू किए हैं।
-वर्जन-
मिस्ट वाटर स्प्रिंकलर तकनीक शहरी प्रदूषण नियंत्रण में काफी प्रभावी साबित हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां धूल और वाहनों का दबाव अधिक होता है। इससे न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि लोगों को सांस संबंधी बीमारियों से भी राहत मिलने की संभावना है।- सोमेंद्र तोमर, अवर अभिंयता, जलकल विभाग
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निगम ने उन क्षेत्रों को चिन्हित किया है। जहां प्रदूषण का स्तर लगातार खतरनाक बना रहता है। इनमें हिंडन एयरपोर्ट के आसपास का क्षेत्र, एयरफोर्स स्टेशन के पास के दो किलोमीटर अंदर के हॉट स्पॉट इलाके शामिल हैं। इन स्थानों पर मिस्ट वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम स्थापित किए जाएंगे, जो सूक्ष्म जलकणों का छिड़काव कर वातावरण में मौजूद प्रदूषक कणों को नीचे बैठाने में मदद करेंगे। इस परियोजना के तहत नगर निगम की टीम ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। टेंडर फाइनल होते ही काम तेजी से शुरू किया जाएगा। पहले सभी स्ट्रीट लाइट तक पानी लाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी। पाइप लाइन से पोल पर लगे स्प्रिंकलर तक पानी जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि मई की शुरुआत में पाइपलाइन बिछाने का कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से स्प्रिंकलर लगाने का काम पूरा किया जाएगा।
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गाजियाबाद हापुड़ चुंगी पर निगम की तरफ से एक साल पहले लगाए गए थे स्प्रिंकलर
निगम ने वर्ष 2025 में हापुड़ चुंगी चौराह पर भी प्रदूषण कम करने के लिए वाटर स्प्रिंकलर लगाए गए हैं। इस इलाके में वाहनों की आवाजाही भी अधिक रहती है। इससे प्रदूषण का स्तर भी बढ़ जाता है। निगम ने इसी को ध्यान में रखकर स्प्रिंकलर लगाए थे। इसके बाद इलाके के एक्यूआई में पहले की तुलना में कमी भी आई है। इससे बहुत हद तक एक्यूआई पर असर पड़ता है। दिल्ली में हर चौराहे और हॉट स्पॉट इलाकों में इसका इस्तेमाल किया गया है। उसको देखकर ही विभाग ने जिले में यह लगाने शुरू किए हैं।
-वर्जन-
मिस्ट वाटर स्प्रिंकलर तकनीक शहरी प्रदूषण नियंत्रण में काफी प्रभावी साबित हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां धूल और वाहनों का दबाव अधिक होता है। इससे न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि लोगों को सांस संबंधी बीमारियों से भी राहत मिलने की संभावना है।- सोमेंद्र तोमर, अवर अभिंयता, जलकल विभाग

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