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Ghaziabad News: मुरादनगर के सिटी अस्पताल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना
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गाजियाबाद। मुरादनगर स्थित सिटी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात शिशु की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने गंभीर कार्रवाई की है। अस्पताल प्रबंधन के जांच में सहयोग नहीं करने और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अस्पताल पर नोटिस चस्पा कर दिया है।
नोडल अधिकारी डॉ. दबीलाल ने बताया कि 12 जनवरी को सिटी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 17 जनवरी को अस्पताल का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी की अगुवाई में हुई इस जांच में अस्पताल की कई खामियां सामने आईं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों का इलाज वार्ड बॉय और अन्य स्टाफ कर रहे थे। जिसे जांच टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों का उल्लंघन बताया है। इसके अलावा, अस्पताल का पंजीकरण 2026 के लिए नवीनीकरण नहीं कराया गया था। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और लेबर रूम की सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब थी। कई जरूरी उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं थे और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि अस्पताल में मिली इन खामियों को गंभीरता से लिया गया था। शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम को सील कर दिया। इसके साथ ही, अस्पताल से दस्तावेज की मांग की गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने जांच में सहयोग नहीं किया। अस्पताल प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर टीम ने जुर्माने का नोटिस चस्पा किया है।
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नोडल अधिकारी डॉ. दबीलाल ने बताया कि 12 जनवरी को सिटी अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
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शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 17 जनवरी को अस्पताल का निरीक्षण किया। नोडल अधिकारी की अगुवाई में हुई इस जांच में अस्पताल की कई खामियां सामने आईं। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। मरीजों का इलाज वार्ड बॉय और अन्य स्टाफ कर रहे थे। जिसे जांच टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों का उल्लंघन बताया है। इसके अलावा, अस्पताल का पंजीकरण 2026 के लिए नवीनीकरण नहीं कराया गया था। ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और लेबर रूम की सफाई की स्थिति भी अत्यंत खराब थी। कई जरूरी उपकरण मानकों के अनुरूप नहीं थे और आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध नहीं थीं।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि अस्पताल में मिली इन खामियों को गंभीरता से लिया गया था। शिकायत मिलने पर तत्काल प्रभाव से ऑपरेशन थिएटर और लेबर रूम को सील कर दिया। इसके साथ ही, अस्पताल से दस्तावेज की मांग की गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने जांच में सहयोग नहीं किया। अस्पताल प्रबंधन के नियमों का पालन नहीं करने और दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने पर टीम ने जुर्माने का नोटिस चस्पा किया है।