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Ghaziabad News: पांच राज्यों में ठगी करने वाची युवती समेत 6 आरोपी गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:51 AM IST
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Six accused, including a young woman, arrested for fraud across five states.
इंदिरापुरम। पुलिस ने शक्तिखंड स्थित मकान में संचालित फर्जी कॉल सेंटर से देश के अलग-अलग राज्यों में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। 13 जुलाई को पुलिस ने मकान से युवती समेत 6 लोग गिरफ्तार किए हैं। आरोपी दिल्ली के करावल नगर स्थित जौहरीपुर के माता वाली गली निवासी खुशी, बिहार के पश्चिमी चंपारण के जगीराह निवासी राजू, संत कबीर नगर के खलीलाबाद स्थित कटका चौराहा निवासी आदित्य उर्फ प्रकाश यादव, बुलंदशहर के स्याना स्थित वड्डा गांव निवासी विराट चौधरी, मेरठ के परीक्षितगढ़ स्थित अगवानपुर निवासी आशीष और गौतमबुद्ध नगर के जेवर स्थित कुरैम गांव निवासी पंकज शर्मा हैं। इनके पास से 10 मोबाइल और 20 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इन्हें बिहार निवासी सिद्धार्थ से ई-कॉमर्स कंपनी के उपभोक्ताओं का डाटा मिलता था। आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी है।
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एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि साइबर अपराध पोर्टल के जरिए साइबर ठगी के हॉट-स्पॉट चिह्नित किए गए थे। इसके बाद सोमवार को पुलिस ने शक्तिखंड स्थित मकान में छापा मारा था। वहां फर्जी कॉल सेंटर संचालित होता पाया गया। गिरफ्तार हुए आरोपियों ने बताया कि सभी आपस में दोस्त हैं। अक्तूबर 2025 में सभी ने एक साथ साइबर ठगी करने का काम शुरू किया था। आरोपी सामान्य सिमकार्ड का इस्तेमाल करते थे। आठ माह में राजस्थान के जोधपुर निवासी श्याम लाल भाटी, तेलंगाना के साइबराबाद निवासी गोवर्धन रेड्डी, यूपी के झांसी की रहने वाली रिध्दि आहूजा, गुजरात के मोरबी की खुशबू अग्रवाल, दिल्ली के रोहिणी निवासी शालिनी संतोष, तेलंगाना के मलकाजगिरी के रहने वाले स्वामी प्रसाद और गुजरात के गांधी नगर निवासी मयूध्वज सिंह शोढ़ा को शिकार बनाकर 2.05 लाख रुपये की साइबर ठगी की थी। सर्वाधिक रुपये 57 हजार की रकम आरोपियों ने गोवर्धन रेड्डी के खाते से निकाले थे। पूछताछ में आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्हें ई-कॉमर्स कंपनी की वेबसाइट पर शॉपिंग करने वालों की सूची सिद्धार्थ मुहैया कराता था।
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ऐसे करते थे ठगी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि सिद्धार्थ से मिली सूची में शामिल लोगों को आरोपी कॉल करने के बाद खरीददारी का भुगतान न होने, रिफंड कराने, पार्सल बुकिंग करने के नाम पर ठगी करते थे। यहां तक कि विज्ञापन के नाम पर लोगों के खाते आरोपियों ने खाली कर दिए थे। आरोपी एपीके फाइल भेजकर ठगी को अंजाम देते थे।
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दंपति ने बनाया गिरोह, पत्नी की तलाश जारी

एसीपी ने बताया कि सभी आरोपी पहली बार ही साइबर ठगी की वारदात कॉल सेंटर से कर रहे थे। सभी दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में किराये के मकान पर रहकर निजी क्षेत्र में नौकरी करते हैं। नौकरी के दौरान ही सभी की एक-दूसरे से मुलाकात हुई और उसके बाद दोस्ती। अक्तूबर 2025 में गैंग के दो लोगों ने मिलकर सभी को एकत्र किया और साइबर ठगी गिरोह चलाने लगे। गिरोह में संत कबीर नगर के खलीलाबाद स्थित कटका चौराहा निवासी आदित्य उर्फ प्रकाश यादव और उसकी पत्नी दोनों ही शामिल हैं। आदित्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और काजल की तलाश में पुलिस जुटी है।

एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य का कहना है कि आरोपी सिद्धार्थ और काजल की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। बरामद हुए मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। सिद्धार्थ की गिरफ्तारी से साइबर ठगी और मामलों का खुलासा हो सकता है।
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