UP: शावेज के फोन में मसूद अजहर का कॉलम और जैश की कई ऑनलाइन किताबें; कट्ठरपंथियों की वीडियो देख बनाया ये प्लान
गाजियाबाद के मसूरी थाना पुलिस के बाद अब कौशांबी पुलिस के हत्थे छह संदिग्ध चढ़े हैं। सभी आरोपी देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई स्थित डिफेंस क्षेत्रों की रेकी कर उनकी फोटो-वीडियो और लोकेशन पाकिस्तान को भेज रहे थे। इनकी सूची में देश भर के बड़े शहरों के रेलवे स्टेशन और सुरक्षा बलों के ठिकाने शामिल थे। यह दावा कौशांबी पुलिस ने किया है।
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पुलिस ने शावेज के मोबाइल से संगठन की कई ई-बुक्स, नशीद (इस्लामिक गीतों) की वीडियो और प्रचारकों की तस्वीरें बरामद की हैं। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव के शक में गिरफ्तार किए गए नाहल गांव निवासी छह आरोपियों को मसूरी पुलिस ने जेल भेज दिया है।
मामले की जांच कर रहे एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा के अनुसार, शावेज के मोबाइल फोन में जैश से जुड़े कट्टरपंथी और इस्लामिक विचारों की सामग्री मिली है। शावेज ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मसूद अजहर के नाम से साप्ताहिक कॉलम को ऑनलाइन देखा और सुना जाता था। उर्दू में लिखे कॉलम को संगठन से जुड़े प्रचारक हिंदी और अरबी में प्रस्तुत करते थे। एसीपी ने बताया कि शावेज के मोबाइल फोन से सात ऐसे वीडियो बरामद किए गए हैं।
एसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की 14 दिन की रिमांड सोमवार को कोर्ट से मांगी जाएगी। मामला देशद्रोह से जुड़ा है।
मसूरी से छह लोग देश विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार
पुलिस, एटीएस और आईबी की टीम ने गुरुवार को गाजियाबाद के मसूरी स्थित नाहल गांव से छह लोगों को गिरफ्तार किया। इन पर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए लोगों में शावेज (20), जुनैद (23), फरदीन (22), इकराम (36), फजलू (48) और जावेद (45) शामिल हैं।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात
लोनी में यूट्यूबर सलीम स्वास्तिक पर हुए हमले के बाद पुलिस की चौकसी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान पता चला कि नाहल के ये छह व्यक्ति देश विरोधी भड़काऊ जानकारी फैला रहे थे। आरोपियों से मसूरी थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। गांव में भी भारी पुलिसबल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
अधिकारियों के स्तर पर इस पूरे मामले की निगरानी की जा रही है। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है। उनकी कॉल जानकारी पर भी पुलिस की टीम काम कर रही है। आईबी को यह इनपुट मिला है कि ये लोग लोनी के सलीम वास्तिक पर हमला करने वालों के संपर्क में थे।
देश विरोधी गतिविधियों के आरोप
आरोप है कि गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति देश विरोधी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल थे। ये लोग इंटरनेट और अन्य माध्यमों से देश विरोधी भड़काऊ जानकारी प्रसारित कर रहे थे। उन्होंने अपना एक अलग समूह भी बनाया हुआ था। इस समूह के माध्यम से वे अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। लोनी में हुए हमले के बाद बढ़ी चौकसी ने इन लोगों का भंडाफोड़ किया।
जांच और सुरक्षा व्यवस्था
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से मसूरी थाने में पूछताछ जारी है, जिसमें और खुलासे होने की उम्मीद है। गांव में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिसबल तैनात किया गया है। अधिकारियों द्वारा मामले की लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस टीम आरोपियों की कॉल जानकारी और आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है ताकि उनके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।